NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    gold-silver-price-10-percent-rally-viraj-shah-commodity-outlook
    Gold-Silver Price: सोने-चांदी में अभी 10% तक तेजी की गुंजाइश, कॉपर-जिंक पर भी एक्सपर्ट बुलिश
    28 अगस्त 2026
    nepal-flood-alert-trishuli-tibet-dam-break-china-earthquake
    चीन में 5.1 तीव्रता के भूकंप के बाद नेपाल में फिर हाई अलर्ट, तिब्बत में बांध टूटने से त्रिशूली में दहशत
    28 अगस्त 2026
    UP News, CM Yogi, Yogi Adityanath, Free Scooty Scheme, UP Free Scooty, 50000 Girl Students, महिला छात्राओं को फ्री स्कूटी, यूपी फ्री स्कूटी योजना, योगी आदित्यनाथ योजना,
    UP News: रक्षाबंधन पर सीएम योगी का बेटियों को बड़ा तोहफा, 50 हजार छात्राओं को मिलेगी फ्री स्कूटी; अक्टूबर-नवंबर में वितरण
    28 अगस्त 2026
    500-rupees-shirt-5100-cash-rakhi-business-model-roi
    500 रुपये की शर्ट के बदले मिले 5100 रुपये, CA ने ऐसे निकाला बहन के ‘रक्षाबंधन बिजनेस मॉडल’ का ROI
    28 अगस्त 2026
    senior-citizen-fd-top-5-banks-8-percent-interest-return
    Senior Citizen FD: वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘कुबेर का खजाना’! ये 5 बैंक FD पर दे रहे 8% तक ब्याज, ₹10,000 के बनेंगे इतने रुपये
    28 अगस्त 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    gold-price-today-raksha-bandhan-gold-silver-rate-28-august-2026
    Gold Price Today: रक्षाबंधन पर सस्ता हुआ सोना, लगातार दूसरे दिन चमक फीकी; 6 दिन बाद चांदी भी फिसली
    28 अगस्त 2026
    gold-price-today-27-august-2026-raksha-bandhan-gold-rate
    Gold Price Today: रक्षाबंधन से पहले सोने की चमक पड़ी फीकी, दिल्ली में 22 कैरेट ₹1,50,240
    27 अगस्त 2026
    crude-oil-price-brent-crude-falls-6-percent-in-two-days-reason
    Crude Oil Price: ब्रेंट क्रूड दो दिन में 6% फिसला, 87 डॉलर के नीचे आया भाव; जानें अचानक बड़ी गिरावट की वजह
    26 अगस्त 2026
    gold-price-outlook-2026-gold-price-target-experts
    Gold Price Outlook: सोने में तेजी की 5 बड़ी वजहें, 2026 में कहां तक पहुंच सकता है भाव
    25 अगस्त 2026
    crude-oil-price-brent-crude-falls-6-percent-in-two-days-reason
    Crude Oil Price: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भी फिसला कच्चा तेल, ब्रेंट क्रूड 93 डॉलर के नीचे
    24 अगस्त 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    stock-market-loss-engineer-lost-50-lakh-in-day-trading
    ‘मैं लालची हो गया था…’ 40 लाख रुपये सैलरी वाले इंजीनियर ने शेयर बाजार में गंवाए 50 लाख, अब जमीन बेचने की नौबत
    28 अगस्त 2026
    jio-platforms-ipo-sebi-approval-27-crore-new-shares
    Jio Platforms IPO: सेबी ने जियो के आईपीओ को दी मंजूरी, 27 करोड़ नए शेयर होंगे जारी; ₹27,500 करोड़ कर्ज चुकाएगी कंपनी
    28 अगस्त 2026
    top-ipo-2026-tempsens-bharat-coking-coal-listing-gain
    Top IPO 2026: इन IPO ने लिस्टिंग के दिन निवेशकों को किया मालामाल, Tempsens 110% गेन के साथ सबसे आगे
    28 अगस्त 2026
    market-outlook-31-august-sensex-nifty-support-resistance
    Market Outlook: तेजी के साथ बंद हुआ बाजार, 31 अगस्त को कैसी रह सकती है Sensex-Nifty की चाल?
    28 अगस्त 2026
    share-market-rally-sensex-331-points-nifty-24175-raksha-bandhan
    Share Market Rally: रक्षाबंधन पर बाजार में लौटी रौनक, Sensex 331 अंक चढ़ा, Nifty 24,175 के पार; जानें तेजी की 3 बड़ी वजहें
    28 अगस्त 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: क्या है Retrospective Tax? पहले सरकार ने लगाया, विवाद के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने इसे सही क्यों माना? जानिए
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

क्या है Retrospective Tax? पहले सरकार ने लगाया, विवाद के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने इसे सही क्यों माना? जानिए

Namam Sharma
Last updated: 2026/06/28 at 4:31 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
10 Min Read
what-is-retrospective-tax-retro-gst-supreme-court-online-gaming
SHARE

ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर 28% रेट्रो जीएसटी (Retro GST) को लेकर चल रहा देश का सबसे बड़ा टैक्स विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के उस फैसले को संवैधानिक रूप से वैध ठहरा दिया है, जिसमें ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर पिछली तारीख यानी 2017 से 28% जीएसटी लागू माना गया था। इस फैसले के बाद गेमिंग इंडस्ट्री पर ₹1 लाख करोड़ से लेकर ₹2.3 लाख करोड़ तक का भारी टैक्स बोझ आने की आशंका जताई जा रही है।

Contents
क्या होता है Retrospective Tax या Retro GST?ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर विवाद कैसे शुरू हुआ?कंपनियों ने विरोध क्यों किया?सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के फैसले को सही क्यों माना?Retro Tax पहले भी विवादों में रहा हैसरकार Retro Tax क्यों लगाती है?1. कानून की व्याख्या स्पष्ट करने के लिए2. टैक्स चोरी रोकने के लिए3. राजस्व बढ़ाने के लिएक्या इससे गेमिंग इंडस्ट्री पर बड़ा असर पड़ेगा?क्या Skill Gaming और Gambling में फर्क खत्म हो गया?आम लोगों और खिलाड़ियों पर क्या असर होगा?निष्कर्ष

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर Retro GST या Retrospective Tax होता क्या है? सरकार किसी नियम को पिछली तारीख से कैसे लागू कर सकती है? और सुप्रीम कोर्ट ने इसे सही क्यों माना? आइए आसान भाषा में पूरा मामला समझते हैं।

क्या होता है Retrospective Tax या Retro GST?

Retrospective Tax यानी पूर्वव्यापी कर ऐसा टैक्स होता है, जिसे सरकार वर्तमान में लागू करती है लेकिन उसका असर पिछली तारीख से माना जाता है। आसान शब्दों में समझें तो यदि सरकार आज कोई नया टैक्स नियम लाती है और कहती है कि यह नियम 5 साल पहले से लागू माना जाएगा, तो इसे Retrospective Tax कहा जाता है।

GST के मामले में इसे Retro GST कहा जा रहा है। यानी सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को यह कहा कि उन्हें आज से नहीं बल्कि 2017 से ही 28% जीएसटी देना चाहिए था। यहां विवाद इसलिए खड़ा हुआ क्योंकि कंपनियों का दावा था कि उन्होंने पुराने नियमों के हिसाब से टैक्स चुकाया था और सरकार बाद में नियम बदलकर उनसे बकाया टैक्स मांग रही है।

ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर विवाद कैसे शुरू हुआ?

भारत में Dream11, Games24x7, MPL और अन्य रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म लंबे समय से यह दावा करते रहे कि वे केवल प्लेटफॉर्म फीस या कमीशन पर GST देने के लिए बाध्य हैं। कंपनियां खिलाड़ियों द्वारा लगाए गए पूरे दांव (Bet Amount) को अपनी आय नहीं मानती थीं। लेकिन 2023 में GST Council ने फैसला लिया कि ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनो और घुड़दौड़ जैसे प्लेटफॉर्म्स पर खिलाड़ियों द्वारा लगाए गए पूरे दांव की फेस वैल्यू पर 28% GST लगाया जाएगा। यहीं से विवाद शुरू हुआ।

सरकार का कहना था कि यह कोई नया टैक्स नहीं है, बल्कि पुराने कानून का केवल “स्पष्टीकरण” (Clarification) है। यानी सरकार के अनुसार यह टैक्स पहले से लागू था, बस अब उसे स्पष्ट किया गया है। इसके बाद कई गेमिंग कंपनियों को 2017 से बकाया टैक्स के नोटिस भेजे गए। कुछ मामलों में टैक्स नोटिस हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच गए।

कंपनियों ने विरोध क्यों किया?

ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री ने सरकार के इस कदम का कड़ा विरोध किया। कंपनियों का कहना था कि वे कौशल आधारित गेम (Skill-Based Games) चलाती हैं, जुआ नहीं। उन्होंने पुराने टैक्स नियमों के अनुसार ही कारोबार किया। पिछली तारीख से टैक्स लागू करना व्यापारिक स्थिरता के खिलाफ है। यदि सरकार को नियम बदलना था तो उसे भविष्य से लागू करना चाहिए था। कंपनियों का यह भी कहना था कि यदि उन्हें 2017 से टैक्स देना पड़ा तो कई कंपनियां बंद होने की स्थिति में पहुंच जाएंगी। इसी विवाद के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के फैसले को सही क्यों माना?

जस्टिस जेबी पारडीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने अपने फैसले में कहा कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म केवल तकनीकी इंटरमीडियरी नहीं हैं, बल्कि वे लेनदेन और गेमिंग इकोसिस्टम का सक्रिय हिस्सा हैं। कोर्ट ने कहा कि जिन खेलों में पैसे लगाकर अनिश्चित परिणाम पर दांव लगाया जाता है, वे GST कानून के तहत सट्टेबाजी और जुए की श्रेणी में आ सकते हैं। इसलिए इन प्लेटफॉर्म्स पर 28% GST लगाना वैध है। सरकार को टैक्स कानूनों की व्याख्या करने और स्पष्टीकरण देने का अधिकार है। यदि सरकार किसी पुराने नियम को स्पष्ट करती है, तो उसे पूर्वव्यापी प्रभाव (Retrospective Effect) दिया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी माना कि GST Council का उद्देश्य ऑनलाइन बेटिंग और गेमिंग गतिविधियों को समान टैक्स ढांचे में लाना था।

Retro Tax पहले भी विवादों में रहा है

भारत में Retrospective Tax का विवाद नया नहीं है। इससे पहले Vodafone Tax Case दुनिया भर में चर्चा में आया था। साल 2012 में तत्कालीन यूपीए सरकार ने आयकर कानून में संशोधन कर विदेशी कंपनियों के कुछ पुराने सौदों पर पिछली तारीख से टैक्स लगाने का फैसला किया था। इसका सबसे बड़ा असर Vodafone और Cairn Energy जैसी कंपनियों पर पड़ा। इस फैसले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी आलोचना हुई थी। विदेशी निवेशकों ने कहा था कि भारत में टैक्स नियम अचानक बदल जाते हैं, जिससे निवेश का माहौल प्रभावित होता है। बाद में केंद्र सरकार ने 2021 में पुराने Retrospective Tax विवादों को खत्म करने का फैसला लिया और कई मामलों में टैक्स दावे वापस लिए गए।

सरकार Retro Tax क्यों लगाती है?

सरकार आमतौर पर तीन कारणों से पूर्वव्यापी टैक्स लागू करती है:

1. कानून की व्याख्या स्पष्ट करने के लिए

कई बार सरकार कहती है कि कानून पहले से मौजूद था, लेकिन उसका गलत अर्थ निकाला जा रहा था।

2. टैक्स चोरी रोकने के लिए

यदि सरकार को लगता है कि कंपनियां कानूनी खामियों का फायदा उठाकर कम टैक्स दे रही हैं, तो वह पुराने समय से टैक्स लागू कर सकती है।

3. राजस्व बढ़ाने के लिए

बड़े उद्योगों पर पिछली तारीख से टैक्स लगाने पर सरकार को भारी राजस्व मिल सकता है।

क्या इससे गेमिंग इंडस्ट्री पर बड़ा असर पड़ेगा?

विशेषज्ञों के मुताबिक यह फैसला भारतीय ऑनलाइन गेमिंग उद्योग के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। कई कंपनियों पर हजारों करोड़ रुपये की टैक्स देनदारी आ सकती है। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि निवेशकों का भरोसा प्रभावित हो सकता है। कई स्टार्टअप्स के लिए कारोबार जारी रखना मुश्किल हो सकता है। विदेशी निवेश धीमा पड़ सकता है। कंपनियां कानूनी लड़ाई जारी रख सकती हैं। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार उद्योग अब पुनर्विचार याचिका, GST Council से राहत या सरकार के साथ समझौते जैसे विकल्पों पर विचार कर रहा है।

क्या Skill Gaming और Gambling में फर्क खत्म हो गया?

इस मामले में सबसे बड़ी बहस यही रही कि Fantasy Sports और Skill-Based Games को जुए की श्रेणी में रखा जा सकता है या नहीं। कई हाई कोर्ट पहले यह मान चुके हैं कि Fantasy Sports में कौशल का तत्व मौजूद होता है। लेकिन GST के नजरिए से सरकार और सुप्रीम कोर्ट ने टैक्स देनदारी को अलग तरीके से देखा। यानी कानूनी रूप से कोई गेम “Skill-Based” हो सकता है, लेकिन टैक्स नियमों के तहत उस पर अलग टैक्स व्यवस्था लागू हो सकती है।

आम लोगों और खिलाड़ियों पर क्या असर होगा?

इस फैसले का असर केवल कंपनियों तक सीमित नहीं रह सकता। विशेषज्ञों का मानना है कि:

  • गेमिंग प्लेटफॉर्म Entry Fee बढ़ा सकते हैं।
  • Bonus और Rewards कम किए जा सकते हैं।
  • कुछ प्लेटफॉर्म भारत में अपने बिजनेस मॉडल बदल सकते हैं।
  • छोटे गेमिंग स्टार्टअप्स बंद हो सकते हैं।

हालांकि सरकार का मानना है कि टैक्स नियमों में स्पष्टता आने से भविष्य में उद्योग अधिक व्यवस्थित होगा।

निष्कर्ष

Retro GST यानी पूर्वव्यापी GST ऐसा टैक्स है जिसे सरकार पिछली तारीख से लागू मानती है। ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के मामले में सरकार ने कहा कि 28% GST पहले से लागू था और 2023 में केवल उसका स्पष्टीकरण दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के इस तर्क को सही माना और कहा कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म GST कानून के तहत कर योग्य गतिविधियों के दायरे में आते हैं। इस फैसले से गेमिंग इंडस्ट्री पर भारी वित्तीय दबाव बढ़ सकता है और आने वाले समय में यह भारत के डिजिटल गेमिंग सेक्टर की दिशा तय करने वाला बड़ा मामला साबित हो सकता है।

लेटेस्ट रेट्स और मार्केट अपडेट्स के लिए NewsJagran पर आज का सोने का भाव, आज का चांदी का भाव, आज का पेट्रोल-डीजल भाव, आज का LPG रेट, CNG रेट, PNG रेट, कच्चे तेल का भाव, डॉलर-रुपया रेट और IPO GMP Today देखें।

You Might Also Like

Gold-Silver Price: सोने-चांदी में अभी 10% तक तेजी की गुंजाइश, कॉपर-जिंक पर भी एक्सपर्ट बुलिश

चीन में 5.1 तीव्रता के भूकंप के बाद नेपाल में फिर हाई अलर्ट, तिब्बत में बांध टूटने से त्रिशूली में दहशत

UP News: रक्षाबंधन पर सीएम योगी का बेटियों को बड़ा तोहफा, 50 हजार छात्राओं को मिलेगी फ्री स्कूटी; अक्टूबर-नवंबर में वितरण

500 रुपये की शर्ट के बदले मिले 5100 रुपये, CA ने ऐसे निकाला बहन के ‘रक्षाबंधन बिजनेस मॉडल’ का ROI

Senior Citizen FD: वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘कुबेर का खजाना’! ये 5 बैंक FD पर दे रहे 8% तक ब्याज, ₹10,000 के बनेंगे इतने रुपये

TAGGED: business news, Dream11 GST, Economy News, Fantasy Sports, Gaming Companies, GST Council, GST News, Hindi News, online gaming, Real Money Gaming, Retro GST, Retrospective Tax, supreme court, Tax Explained, Tax News
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article pm-kisan-yojana-23rd-installment-ekyc-aadhaar-bank-link-update PM Kisan Yojana 23rd Installment: 23वीं किस्त के 2-2 हजार नहीं होंगे क्रेडिट, इन किसानों को लगेगा बड़ा झटका?
Next Article china-rejects-indian-non-basmati-rice-shipments-gmo-row चीन ने 70 बार लौटाई भारत की चावल खेप! GMO बहाना या भारतीय निर्यात को रोकने की रणनीति?

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

ipo-gmp-today-mainboard-sme
IPO GMP Today: इन IPOs ने मचाई धूम, 85% तक प्रीमियम का संकेत; जानें आज का GMP और पूरी लिस्ट
शेयर बाज़ार फाइनेंस
live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
cng-price-today
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
government-spending-as-percent-of-gdp-kiribati-marshall-islands-ukraine
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
फाइनेंस
bitcoin-price-today-live-chart-hindi
Bitcoin Price Today: लाइव बिटकॉइन प्राइस, चार्ट, मार्केट कैप और निवेश से पहले जानें जरूरी बातें
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?