भारत के दिग्गज निवेशकों में शामिल राधाकिशन दमानी जिस कंपनी में निवेश करते हैं, उस शेयर पर निवेशकों की नजर अपने आप टिक जाती है। डीमार्ट (DMart) के जरिए रिटेल सेक्टर में बड़ा साम्राज्य खड़ा करने वाले दमानी लंबे समय से चुनिंदा कंपनियों में ही निवेश करते आए हैं। यही वजह है कि शेयर बाजार में उन्हें अक्सर “भारत का वॉरेन बफे” भी कहा जाता है।
दमानी के पोर्टफोलियो में एक ऐसी FMCG कंपनी भी शामिल है, जिसमें उनकी हिस्सेदारी 29 फीसदी से अधिक है। खास बात यह है कि यह कंपनी सिगरेट और बीड़ी जैसे तंबाकू उत्पादों का कारोबार करती है, पूरी तरह कर्ज मुक्त है और अपने निवेशकों को लगातार शानदार डिविडेंड भी देती रही है।
किस कंपनी में राधाकिशन दमानी की 29% हिस्सेदारी?
राधाकिशन दमानी की बड़ी हिस्सेदारी वाली कंपनी का नाम VST Industries है। यह कंपनी ‘Total’ और ‘Charms’ जैसे लोकप्रिय सिगरेट ब्रांड बनाती है। शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक, दमानी और उनकी फैमिली की कंपनी में करीब 29.1% हिस्सेदारी है।
कंपनी का मुख्य कारोबार सिगरेट, बीड़ी और अन्य तंबाकू उत्पादों के निर्माण और बिक्री से जुड़ा हुआ है। वीएसटी इंडस्ट्रीज की शुरुआत साल 1930 में ‘वजीर सुल्तान टोबैको कंपनी’ के रूप में हुई थी। बाद में इसका नाम बदलकर VST Industries Ltd कर दिया गया।
हैदराबाद स्थित यह कंपनी भारत के सिगरेट बाजार में मजबूत पकड़ रखती है। कंपनी की मार्केट हिस्सेदारी लगभग 8% मानी जाती है और यह देश की तीसरी सबसे बड़ी सिगरेट कंपनी मानी जाती है। पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में इसके ब्रांड की मजबूत पकड़ है।
कंपनी पर नहीं है कोई कर्ज
आज के समय में जब कई कंपनियां भारी कर्ज के दबाव में काम कर रही हैं, वहीं VST Industries पूरी तरह कर्ज मुक्त कंपनी मानी जाती है। यही वजह है कि वैल्यू इन्वेस्टर्स इस कंपनी को लंबे समय के नजरिए से देखते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, कर्ज मुक्त कंपनियों के पास आर्थिक मंदी या बाजार की अस्थिरता के दौरान बेहतर टिके रहने की क्षमता होती है। इसके अलावा ऐसी कंपनियां अपने मुनाफे का बड़ा हिस्सा विस्तार, रिजर्व या डिविडेंड में इस्तेमाल कर पाती हैं।
ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको की भी बड़ी हिस्सेदारी
कंपनी में प्रमोटर के तौर पर British American Tobacco की भी बड़ी हिस्सेदारी है। उसके पास करीब 32.16% शेयर हैं। हालांकि, व्यक्तिगत निवेशकों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी राधाकिशन दमानी की ही मानी जाती है।
ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको दुनिया की बड़ी तंबाकू कंपनियों में गिनी जाती है। ऐसे में विदेशी प्रमोटर की मौजूदगी कंपनी के बिजनेस मॉडल को मजबूत बनाती है।
निवेशकों को भर-भरकर डिविडेंड देती है कंपनी
VST Industries की सबसे बड़ी खासियतों में उसका मजबूत डिविडेंड रिकॉर्ड शामिल है। कंपनी कई वर्षों से अपने मुनाफे का बड़ा हिस्सा निवेशकों में बांटती रही है।
कंपनी का डिविडेंड पेआउट रेशियो लगातार 65% से 80% के बीच बना हुआ है। FY25 में यह करीब 75% रहा। इसका मतलब है कि कंपनी अपने लाभ का बड़ा हिस्सा शेयरधारकों को लौटाती है।
डिविडेंड पसंद करने वाले निवेशकों के बीच यही वजह है कि इस स्टॉक को काफी पसंद किया जाता है। खासकर ऐसे निवेशक जो नियमित आय वाले शेयर तलाशते हैं, उनकी नजर अक्सर इस तरह की कंपनियों पर रहती है।
क्यों खास माना जाता है दमानी का निवेश?
राधाकिशन दमानी आमतौर पर उन्हीं कंपनियों में निवेश करते हैं:
- जिनका बिजनेस लंबे समय तक चलने वाला हो
- जिन पर कम या बिल्कुल कर्ज न हो
- जिनका कैश फ्लो मजबूत हो
- जो लगातार मुनाफा और डिविडेंड देती हों
VST Industries इन सभी पैमानों पर काफी हद तक फिट बैठती दिखाई देती है। यही कारण है कि दमानी ने लंबे समय से इस कंपनी में अपनी बड़ी हिस्सेदारी बरकरार रखी हुई है।
तंबाकू सेक्टर में चुनौतियां भी कम नहीं
हालांकि, तंबाकू कारोबार से जुड़ी कंपनियों के सामने कई तरह की चुनौतियां भी बनी रहती हैं। सरकार समय-समय पर सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाती रहती है। इसके अलावा हेल्थ रेगुलेशन और जागरूकता अभियान भी इस सेक्टर की ग्रोथ को प्रभावित करते हैं।
इसके बावजूद भारत में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की मांग पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। संगठित कंपनियां मजबूत ब्रांड और वितरण नेटवर्क के दम पर बाजार में अपनी पकड़ बनाए हुए हैं।
क्या कहते हैं बाजार विशेषज्ञ?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत बैलेंस शीट, लगातार डिविडेंड और स्थिर बिजनेस मॉडल की वजह से VST Industries जैसे शेयर लंबे समय के निवेशकों के लिए आकर्षक बने रहते हैं। हालांकि, किसी भी स्टॉक में निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल, सेक्टर रिस्क और वैल्यूएशन को अच्छी तरह समझना जरूरी होता है।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से है, इसे निवेश सलाह न समझें। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
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