भारत में शुक्रवार 22 मई 2026 को चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिली। देशभर के सर्राफा बाजारों में चांदी का भाव ₹285 प्रति ग्राम और ₹2,85,000 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, बढ़ती महंगाई और सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने के कारण निवेशकों का रुझान एक बार फिर सोना और चांदी जैसी धातुओं की ओर बढ़ रहा है। यही वजह है कि पिछले कुछ हफ्तों में चांदी की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है।
भारत में चांदी की कीमतें केवल अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर नहीं करतीं, बल्कि रुपये और डॉलर की चाल भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है। यदि डॉलर मजबूत होता है और रुपया कमजोर पड़ता है तो भारत में आयातित चांदी महंगी हो जाती है, जिससे घरेलू कीमतें ऊपर चली जाती हैं।
भारत में आज का चांदी का भाव (22 मई 2026)
| यूनिट | चांदी का भाव |
|---|---|
| 1 ग्राम | ₹285 |
| 10 ग्राम | ₹2,850 |
| 100 ग्राम | ₹28,500 |
| 1 किलोग्राम | ₹2,85,000 |
प्रमुख हिंदी भाषी शहरों में चांदी का रेट
| शहर | 10 ग्राम | 100 ग्राम | 1 किलो |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 |
| मुंबई | ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 |
| जयपुर | ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 |
| लखनऊ | ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 |
| पटना | ₹2,851 | ₹28,510 | ₹2,85,100 |
| चंडीगढ़ | ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 |
| नोएडा | ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 |
| गाजियाबाद | ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 |
| गुरुग्राम | ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 |
| अहमदाबाद | ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 |
| सूरत | ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 |
| पुणे | ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 |
| नागपुर | ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 |
| अयोध्या | ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 |
क्यों बढ़ रही है चांदी की कीमत?
1. डॉलर के मुकाबले कमजोर रुपया
भारतीय रुपया हाल के दिनों में डॉलर के मुकाबले दबाव में रहा है। चूंकि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए रुपये की कमजोरी सीधे चांदी की कीमत बढ़ा देती है।
यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत स्थिर भी रहे, तब भी कमजोर रुपया भारतीय बाजार में चांदी को महंगा बना सकता है।
2. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
अमेरिका और यूरोप में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।
ऐसे समय में सोना और चांदी दोनों की मांग बढ़ जाती है। खासकर चांदी को इंडस्ट्रियल मेटल और निवेश दोनों रूपों में खरीदा जाता है, जिससे इसकी कीमतों में ज्यादा तेजी देखने को मिलती है।
3. इंडस्ट्रियल डिमांड में तेजी
चांदी का इस्तेमाल केवल गहनों तक सीमित नहीं है। इसका उपयोग सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल उपकरण, बैटरी निर्माण जैसे सेक्टर्स में तेजी से बढ़ रहा है। भारत समेत दुनिया के कई देशों में ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स बढ़ने से चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड मजबूत बनी हुई है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों के मुताबिक यदि वैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी रहती है और डॉलर मजबूत रहता है तो आने वाले दिनों में चांदी की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
हालांकि, निवेशकों को एकमुश्त निवेश के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करने की सलाह दी जा रही है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव काफी तेज बना हुआ है।
शादी और त्योहारों के सीजन पर असर
भारत में चांदी की मांग का बड़ा हिस्सा ज्वेलरी, पूजा-पाठ और त्योहारों से जुड़ा होता है। कीमतों में तेजी आने से ज्वेलरी खरीद महंगी हो सकती है, चांदी के बर्तन और सिक्कों की मांग प्रभावित हो सकती है, छोटे निवेशकों का बजट बढ़ सकता है हालांकि, कई शहरों में निवेशकों की खरीदारी अभी भी मजबूत बनी हुई है क्योंकि लोग इसे लंबी अवधि के सुरक्षित निवेश के रूप में देख रहे हैं।
क्या चांदी ₹3 लाख प्रति किलो तक जा सकती है?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि डॉलर मजबूत बना रहा, वैश्विक तनाव बढ़ा, और इंडस्ट्रियल डिमांड मजबूत रही, तो आने वाले महीनों में चांदी ₹3 लाख प्रति किलो के स्तर को छू सकती है। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार की चाल आगे की दिशा तय करेगी।
निष्कर्ष
भारत में चांदी की कीमतें फिलहाल मजबूत ट्रेंड में दिखाई दे रही हैं। रुपये की कमजोरी, वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ती इंडस्ट्रियल मांग इसके प्रमुख कारण हैं। निवेशकों और खरीदारों दोनों के लिए आने वाले समय में बाजार की चाल पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
सर्राफा बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि मौजूदा परिस्थितियां बनी रहती हैं तो चांदी आने वाले महीनों में नए रिकॉर्ड स्तर भी बना सकती है।
स्रोत: GoodReturns, अंतरराष्ट्रीय बुलियन बाजार डेटा, डॉलर-रुपया विनिमय दर आंकड़े।
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