Eicher Motors Q4 Results: Royal Enfield की रिकॉर्ड बिक्री से कंपनी का मुनाफा उछला
नई दिल्ली। भारत की मशहूर बुलेट बाइक निर्माता कंपनी Eicher Motors ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) के शानदार नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने इस दौरान 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹1520 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। मजबूत बिक्री, बढ़ते प्रीमियम मोटरसाइकिल बाजार और Royal Enfield की रिकॉर्ड डिमांड ने कंपनी के प्रदर्शन को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।
कंपनी की तरफ से शेयर बाजार को दी गई जानकारी के मुताबिक, मार्च तिमाही में उसका ऑपरेशन्स से रेवेन्यू बढ़कर ₹6080 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के मुकाबले 16 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं EBITDA भी 20 प्रतिशत बढ़कर ₹1514 करोड़ हो गया। मजबूत कमाई के साथ कंपनी ने निवेशकों को बड़ा तोहफा देते हुए ₹82 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की घोषणा की है।
Royal Enfield की बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड
आयशर मोटर्स की सबसे बड़ी ताकत उसकी प्रीमियम बाइक ब्रांड Royal Enfield रही। कंपनी ने बताया कि जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान Royal Enfield ने कुल 3,13,811 मोटरसाइकिलों की बिक्री की। यह पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले करीब 12 प्रतिशत ज्यादा है।
भारत में पिछले कुछ वर्षों में प्रीमियम और मिड-साइज मोटरसाइकिलों की मांग तेजी से बढ़ी है। खासकर युवाओं के बीच क्लासिक और एडवेंचर बाइक्स की लोकप्रियता बढ़ने से Royal Enfield को जबरदस्त फायदा मिला है। कंपनी की Hunter, Classic 350, Bullet और Himalayan जैसी बाइक्स लगातार मजबूत बिक्री दर्ज कर रही हैं।
ऑटो सेक्टर के जानकारों का मानना है कि Royal Enfield अब केवल भारत तक सीमित ब्रांड नहीं रह गया है। कंपनी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। यूरोप, लैटिन अमेरिका और एशियाई देशों में इसकी मांग बढ़ रही है, जिससे आने वाले वर्षों में कंपनी की ग्रोथ और मजबूत हो सकती है।
लगातार दूसरे साल 10 लाख से ज्यादा बाइक बिक्री
वित्त वर्ष 2025-26 आयशर मोटर्स के लिए बेहद शानदार साबित हुआ। कंपनी ने पूरे साल में रिकॉर्ड 12,27,977 मोटरसाइकिलों की बिक्री की। यह पहला मौका नहीं है जब कंपनी ने 10 लाख से ज्यादा यूनिट्स बेची हों। लगातार दूसरे साल कंपनी ने यह उपलब्धि हासिल की है।
भारत के टू-व्हीलर बाजार में जहां एंट्री लेवल बाइक्स की बिक्री कई बार दबाव में दिखाई देती है, वहीं प्रीमियम सेगमेंट में Royal Enfield की पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है। यही वजह है कि कंपनी का मार्जिन भी दूसरे टू-व्हीलर निर्माताओं के मुकाबले बेहतर बना हुआ है।
कमर्शियल व्हीकल बिजनेस ने भी दिया साथ
आयशर मोटर्स का कमर्शियल वाहन कारोबार भी तेजी से बढ़ा है। कंपनी की सहायक इकाई VECV यानी VE Commercial Vehicles ने मार्च तिमाही में 33,976 वाहनों की बिक्री दर्ज की। पिछले साल समान अवधि में यह आंकड़ा 28,675 था।
बढ़ती इंफ्रास्ट्रक्चर गतिविधियों, लॉजिस्टिक्स सेक्टर में रिकवरी और ट्रांसपोर्ट डिमांड बढ़ने से कमर्शियल वाहन बाजार में सुधार देखने को मिला है। इसका फायदा VECV को भी मिला।
पूरे साल कंपनी ने कितनी कमाई की?
कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में उसका कुल रेवेन्यू बढ़कर ₹23,408 करोड़ पहुंच गया। यह पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 24 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं EBITDA बढ़कर ₹5785 करोड़ हो गया, जिसमें 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
अगर शुद्ध मुनाफे की बात करें तो कंपनी का नेट प्रॉफिट पूरे वित्त वर्ष में 17 प्रतिशत बढ़कर ₹5515 करोड़ पहुंच गया। मजबूत बिक्री और बेहतर ऑपरेटिंग मार्जिन की वजह से कंपनी की कमाई में लगातार सुधार देखा गया।
निवेशकों को मिलेगा ₹82 प्रति शेयर डिविडेंड
आयशर मोटर्स ने अपने शेयरधारकों के लिए ₹82 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए इस डिविडेंड की सिफारिश की है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, यह डिविडेंड कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति को दिखाता है। आमतौर पर वही कंपनियां बड़ा डिविडेंड देती हैं जिनके पास मजबूत कैश फ्लो और स्थिर कमाई होती है।
शेयर बाजार में कैसी रही प्रतिक्रिया?
तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों की नजर अब कंपनी के भविष्य के आउटलुक पर रहेगी। ऑटो सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद Royal Enfield की मजबूत ब्रांड वैल्यू आयशर मोटर्स के लिए सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कंपनी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और इंटरनेशनल मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करती है तो आने वाले वर्षों में इसकी ग्रोथ और तेज हो सकती है।
क्या कहते हैं मार्केट एक्सपर्ट?
मार्केट विश्लेषकों के अनुसार, आयशर मोटर्स का बिजनेस मॉडल बाकी टू-व्हीलर कंपनियों से अलग है। कंपनी कम वॉल्यूम लेकिन हाई मार्जिन रणनीति पर काम करती है। यही वजह है कि कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद इसका प्रॉफिट मार्जिन मजबूत बना रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में प्रीमियम बाइक सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है और Royal Enfield इस बाजार की सबसे मजबूत खिलाड़ी बनी हुई है। आने वाले समय में नई लॉन्चिंग और एक्सपोर्ट ग्रोथ कंपनी को और फायदा पहुंचा सकती है।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
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