HighLights
- नोएडा टोल ब्रिज के शेयर में लगातार तीसरे दिन तेजी
- 3 कारोबारी सत्र में करीब 50% चढ़ा स्टॉक
- 21 मई को शेयर में 10% तक की तेजी दर्ज
- 2008 में 70 रुपये तक पहुंच चुका है यह शेयर
नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को तेजी का माहौल देखने को मिला, लेकिन इस बीच एक छोटे शेयर ने निवेशकों का खास ध्यान अपनी ओर खींच लिया। ₹6 के आसपास ट्रेड कर रहा नोएडा टोल ब्रिज कंपनी लिमिटेड का शेयर लगातार तीसरे कारोबारी दिन मजबूत तेजी के साथ कारोबार करता दिखा। महज तीन दिनों में इस शेयर में करीब 50 फीसदी की उछाल दर्ज की गई है, जिसने छोटे निवेशकों और ट्रेडर्स को चौंका दिया है।
कम कीमत वाले शेयरों में अचानक आने वाली तेजी अक्सर बाजार में चर्चा का विषय बन जाती है। इस बार नोएडा टोल ब्रिज कंपनी लिमिटेड (Noida Toll Bridge Company Ltd) का नाम तेजी से चर्चा में आया है। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक 21 मई को कंपनी का शेयर 6.59 रुपये पर खुला और शुरुआती कारोबार में लगभग 10 फीसदी चढ़कर 6.76 रुपये तक पहुंच गया।
तीन दिन में 50% की तेजी ने बढ़ाई हलचल
नोएडा टोल ब्रिज के शेयरों में तेजी का सिलसिला पिछले सप्ताह से शुरू हुआ था। 14 मई के आसपास यह शेयर करीब 4 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। हालांकि असली तेजी 19 मई से देखने को मिली, जब शेयर ने लगातार अपर सर्किट लगाना शुरू किया।
19 मई को शेयर में करीब 20 फीसदी की तेजी दर्ज हुई। इसके अगले कारोबारी दिन 20 मई को भी स्टॉक ने लगभग 20 फीसदी की छलांग लगाई। वहीं 21 मई को भी इसमें 10 फीसदी तक की तेजी देखी गई। इस तरह तीन कारोबारी सत्रों में निवेशकों को करीब 50 फीसदी का रिटर्न मिल गया।
शेयर बाजार के जानकारों का मानना है कि लो-प्राइस या पेनी स्टॉक्स में कम वॉल्यूम के कारण कई बार अचानक तेज मूवमेंट देखने को मिलती है। हालांकि ऐसी तेजी लंबे समय तक टिकेगी या नहीं, इसे लेकर अनिश्चितता बनी रहती है।
कभी 70 रुपये तक पहुंच चुका था शेयर
आज भले ही नोएडा टोल ब्रिज का शेयर 6-7 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा हो, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब यह शेयर निवेशकों का पसंदीदा इंफ्रास्ट्रक्चर स्टॉक माना जाता था।
साल 2008 में कंपनी के शेयर की कीमत करीब 70 रुपये तक पहुंच गई थी। इसके बाद धीरे-धीरे इसमें गिरावट शुरू हुई। साल 2016 में भी यह स्टॉक करीब 24 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कंपनी के शेयर में लगातार कमजोरी देखने को मिली और भाव गिरकर सिंगल डिजिट में पहुंच गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनी के बिजनेस मॉडल, टोल संचालन से जुड़े विवाद, राजस्व दबाव और कमजोर वित्तीय प्रदर्शन जैसी वजहों ने लंबे समय तक शेयर पर दबाव बनाए रखा।
क्या काम करती है कंपनी?
नोएडा टोल ब्रिज कंपनी लिमिटेड की स्थापना 1996 में हुई थी। कंपनी का मुख्य उद्देश्य दिल्ली और नोएडा के बीच टोल ब्रिज परियोजना का विकास, निर्माण, संचालन और रखरखाव करना था। यह कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से जुड़ी हुई है और दिल्ली-नोएडा लिंक परियोजना के कारण काफी चर्चा में रही थी।
हालांकि समय के साथ कंपनी को कई कानूनी और ऑपरेशनल चुनौतियों का सामना करना पड़ा। टोल वसूली को लेकर हुए विवादों का असर भी कंपनी के कारोबार और शेयर प्रदर्शन पर पड़ा।
छोटे शेयरों में निवेश से पहले क्यों जरूरी है सावधानी?
शेयर बाजार में कई बार कम कीमत वाले शेयर अचानक तेजी दिखाते हैं, लेकिन इनमें जोखिम भी उतना ही ज्यादा होता है। ऐसे स्टॉक्स में वोलैटिलिटी काफी अधिक रहती है और थोड़ी सी बिकवाली में भी बड़ा नुकसान हो सकता है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि केवल तेजी देखकर निवेश का फैसला लेना सही रणनीति नहीं मानी जाती। निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, बिजनेस मॉडल, प्रमोटर होल्डिंग और पिछले प्रदर्शन को समझने के बाद ही कोई निर्णय लेना चाहिए।
कई बार सोशल मीडिया या ट्रेडिंग एक्टिविटी के कारण भी छोटे शेयरों में अचानक तेज उछाल देखने को मिलता है। इसलिए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
बाजार में क्यों बढ़ रहा पेनी स्टॉक्स का आकर्षण?
हाल के महीनों में शेयर बाजार में तेजी लौटने के बाद छोटे और सस्ते शेयरों में रिटेल निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। कम कीमत होने के कारण कई नए निवेशक ऐसे शेयरों में जल्दी पैसा बनने की उम्मीद से एंट्री लेते हैं। हालांकि विशेषज्ञ बार-बार चेतावनी देते हैं कि पेनी स्टॉक्स में उतार-चढ़ाव बेहद तेज होता है और इसमें पूंजी फंसने का खतरा भी अधिक रहता है।
नोएडा टोल ब्रिज का शेयर फिलहाल तेजी में जरूर है, लेकिन निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि केवल कुछ दिनों की तेजी किसी कंपनी की मजबूत बुनियाद की गारंटी नहीं होती।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है, इसे निवेश की सलाह न समझें। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
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