देश में घरेलू रसोई गैस के विकल्प के तौर पर तेजी से लोकप्रिय हो रही पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमतों में इस महीने कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में PNG की कीमत 19 मई 2026 को ₹50 प्रति SCM (स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर) पर स्थिर बनी हुई है। खास बात यह है कि अक्टूबर 2025 के बाद से मुंबई में PNG रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि पिछले 12 महीनों में कीमतों में कुल ₹1 प्रति SCM की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
घरेलू रसोई से लेकर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे उद्योगों तक PNG का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह है कि यह एलपीजी सिलेंडर की तुलना में ज्यादा सुविधाजनक, सुरक्षित और कई मामलों में सस्ता विकल्प माना जाता है। सरकार भी शहरों में पाइप गैस नेटवर्क विस्तार पर जोर दे रही है, जिससे आने वाले वर्षों में PNG उपभोक्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ सकती है।
क्या है PNG और क्यों बढ़ रही इसकी मांग?
PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस एक ऐसी ईंधन सेवा है जिसमें प्राकृतिक गैस को भूमिगत पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों और व्यावसायिक संस्थानों तक पहुंचाया जाता है। इसमें सिलेंडर बुक कराने या डिलीवरी का इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ती।
विशेषज्ञों के मुताबिक PNG की मांग बढ़ने के पीछे कई बड़े कारण हैं: सिलेंडर स्टोरेज की जरूरत नहीं, गैस खत्म होने की चिंता नहीं, मीटर आधारित बिलिंग, कम प्रदूषण, बेहतर सुरक्षा सिस्टम, लंबे समय में किफायती विकल्प. ऊर्जा क्षेत्र के जानकार मानते हैं कि भारत में शहरीकरण बढ़ने के साथ PNG नेटवर्क का विस्तार तेज होगा। खासकर दिल्ली-NCR, मुंबई, गुजरात, उत्तर प्रदेश और दक्षिण भारत के बड़े शहरों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
मई 2026 में महानगरों में PNG की कीमतें
देश के प्रमुख शहरों और राज्य की राजधानियों में PNG की कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई हैं। हालांकि अलग-अलग शहरों में टैक्स, ट्रांसपोर्टेशन और गैस वितरण लागत के कारण रेट अलग हो सकते हैं।
भारत के प्रमुख शहरों में PNG रेट (19 मई 2026)
| शहर | PNG कीमत (₹/SCM) | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹47.90 | कोई बदलाव नहीं |
| कोलकाता | ₹50.00 | कोई बदलाव नहीं |
| मुंबई | ₹50.00 | कोई बदलाव नहीं |
| चेन्नई | ₹50.00 | कोई बदलाव नहीं |
| गुरुग्राम | ₹49.90 | कोई बदलाव नहीं |
| नोएडा | ₹47.76 | कोई बदलाव नहीं |
| बेंगलुरु | ₹52.00 | कोई बदलाव नहीं |
| भुवनेश्वर | ₹45.33 | कोई बदलाव नहीं |
| चंडीगढ़ | ₹52.63 | कोई बदलाव नहीं |
| हैदराबाद | ₹51.00 | कोई बदलाव नहीं |
| जयपुर | ₹49.50 | कोई बदलाव नहीं |
| लखनऊ | ₹56.50 | कोई बदलाव नहीं |
| पटना | ₹49.44 | कोई बदलाव नहीं |
| तिरुवनंतपुरम | ₹51.00 | कोई बदलाव नहीं |
दिलचस्प बात यह है कि इस समय देश में सबसे महंगी PNG लखनऊ में बिक रही है, जहां उपभोक्ताओं को ₹56.50 प्रति SCM चुकाने पड़ रहे हैं। वहीं भुवनेश्वर में सबसे कम ₹45.33 प्रति SCM का रेट दर्ज किया गया है।
पिछले एक साल में कितना बदला PNG का रेट?
अगर पिछले 12 महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो PNG की कीमतों में सीमित लेकिन लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। जून 2025 से मई 2026 के बीच औसतन ₹1 प्रति SCM का इजाफा हुआ है।
सितंबर 2025 में सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी ₹0.50 प्रति SCM की दर्ज की गई थी। उसके बाद कई शहरों में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
ऊर्जा बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों में उतार-चढ़ाव, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और आयात लागत PNG की कीमत तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। हालांकि सरकार घरेलू उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ न पड़े, इसके लिए समय-समय पर गैस मूल्य निर्धारण में संतुलन बनाने की कोशिश करती है।
LPG सिलेंडर से कितना अलग है PNG?
आज भी भारत के करोड़ों घरों में LPG सिलेंडर का इस्तेमाल होता है, लेकिन शहरी इलाकों में PNG धीरे-धीरे उसकी जगह ले रहा है।
PNG और LPG में बड़ा अंतर
| आधार | PNG | LPG |
|---|---|---|
| सप्लाई | पाइपलाइन से | सिलेंडर से |
| बिलिंग | मीटर आधारित | सिलेंडर आधारित |
| सुरक्षा | ज्यादा सुरक्षित | रिसाव का जोखिम ज्यादा |
| सुविधा | लगातार सप्लाई | बुकिंग जरूरी |
| स्टोरेज | जरूरत नहीं | सिलेंडर रखना पड़ता है |
विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बढ़ती शहरी आबादी और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स के चलते आने वाले समय में PNG का दायरा तेजी से बढ़ सकता है।
क्या आगे महंगी हो सकती है PNG?
ऊर्जा बाजार में फिलहाल कच्चे तेल और गैस कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन दबाव का असर आने वाले महीनों में गैस कीमतों पर पड़ सकता है। अगर अंतरराष्ट्रीय LNG कीमतों में तेजी आती है, तो PNG और CNG दोनों महंगे हो सकते हैं। हालांकि घरेलू गैस उत्पादन और सरकारी नियंत्रण की वजह से भारत में फिलहाल कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश की जा रही है।
ऊर्जा विशेषज्ञ मानते हैं कि: घरेलू गैस उत्पादन बढ़ने पर राहत मिल सकती है, डॉलर मजबूत होने पर आयात महंगा होगा, LNG आयात लागत बढ़ने पर PNG रेट बढ़ सकते हैं
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
PNG की कीमत स्थिर रहने से उन परिवारों को राहत मिली है जो पहले से पाइप गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं। खासकर महानगरों में रहने वाले मध्यम वर्गीय परिवारों के मासिक किचन बजट पर फिलहाल अतिरिक्त दबाव नहीं बढ़ेगा।
हालांकि अगर आने वाले महीनों में गैस कीमतों में बढ़ोतरी होती है, तो इसका असर: घरेलू रसोई खर्च, होटल और रेस्टोरेंट, छोटे उद्योग, बेकरी और फूड बिजनेस पर देखने को मिल सकता है।
Source: Goodreturns PNG Price Data
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