देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के रेट में 82 पैसे से लेकर 96 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी। खास बात यह है कि एक हफ्ते से भी कम समय में ईंधन की कीमतों में यह दूसरी बड़ी वृद्धि है। इससे पहले शुक्रवार को भी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दामों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा किया था।
तेल कंपनियों की ओर से लगातार की जा रही इस बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल माना जा रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक संकट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बनी अनिश्चितता ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में डर पैदा कर दिया है। यही कारण है कि ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगातार ऊपर बनी हुई हैं और इसका सीधा असर भारत जैसे तेल आयातक देशों पर पड़ रहा है।
भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में थोड़ी सी भी तेजी घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को प्रभावित करती है। यही वजह है कि अब आम लोगों को एक बार फिर महंगे फ्यूल का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली में पेट्रोल 98 रुपये के पार, डीजल भी महंगा
नई दरों के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपये से बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल 90.67 रुपये से बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। यानी एक दिन में पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा हो गया।
मुंबई में भी फ्यूल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली। यहां पेट्रोल 107.59 रुपये प्रति लीटर और डीजल 94.08 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। मुंबई देश के उन शहरों में शामिल है जहां वैट ज्यादा होने के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतें अन्य महानगरों की तुलना में अधिक रहती हैं।
चार बड़े महानगरों में पेट्रोल के नए रेट
| शहर | पेट्रोल का नया रेट (रुपये/लीटर) | बढ़ोतरी |
|---|---|---|
| दिल्ली | 98.64 | 87 पैसे |
| कोलकाता | 109.70 | 96 पैसे |
| मुंबई | 107.59 | 91 पैसे |
| चेन्नई | 104.49 | 82 पैसे |
चार बड़े महानगरों में डीजल के नए रेट
| शहर | डीजल का नया रेट (रुपये/लीटर) | बढ़ोतरी |
|---|---|---|
| दिल्ली | 91.58 | 91 पैसे |
| कोलकाता | 96.07 | 94 पैसे |
| मुंबई | 94.08 | 94 पैसे |
| चेन्नई | 96.11 | 86 पैसे |
दूसरे बड़े शहरों में क्या है ताजा रेट?
देश के अन्य बड़े शहरों में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। कई शहरों में पेट्रोल पहले ही 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है।
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| हैदराबाद | 111.88 | 99.95 |
| जयपुर | 109.32 | 94.50 |
| बेंगलुरु | 107.12 | 95.04 |
| लखनऊ | 98.40 | 91.73 |
| चंडीगढ़ | 98.10 | 86.09 |
| चेन्नई | 104.46 | 96.11 |
क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हो रही लगातार बढ़ोतरी के पीछे कई बड़े कारण हैं। इनमें सबसे अहम वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें हैं। पिछले कुछ दिनों में पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से तेल सप्लाई को लेकर चिंता पैदा हुई है। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में शामिल है। यहां से दुनिया के बड़े हिस्से में कच्चे तेल की सप्लाई होती है। यदि इस मार्ग में किसी प्रकार की बाधा आती है तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है।
इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी भी भारत के लिए समस्या बढ़ा रही है। क्योंकि भारत तेल आयात डॉलर में करता है, इसलिए रुपये के कमजोर होने पर आयात महंगा हो जाता है। इसका असर सीधे पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ता है।
पेट्रोलियम मंत्री ने पहले ही दिया था संकेत
पिछले सप्ताह केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने संकेत दिया था कि सरकारी तेल कंपनियां लंबे समय तक नुकसान उठाकर सस्ते दाम पर पेट्रोल और डीजल नहीं बेच सकतीं। उन्होंने कहा था कि तेल कंपनियों को मार्केट प्राइस से कम रेट पर फ्यूल बेचने से रोजाना करीब 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
मंत्री के इस बयान के बाद ही माना जा रहा था कि आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। अब लगातार दूसरी बार हुए दामों के इजाफे ने इस आशंका को मजबूत कर दिया है।
आम आदमी पर क्या पड़ेगा असर?
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं रहता। इसका सीधा असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है।
डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ती है, सब्जियां और राशन महंगे हो सकते हैं, बस और कैब किराया बढ़ सकता है, ऑनलाइन डिलीवरी सेवाएं महंगी हो सकती हैं, उद्योगों की लागत बढ़ती है
यानी ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी धीरे-धीरे महंगाई को और बढ़ा सकती है।
आगे और महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल?
ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तथा कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आगे भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर लंबे समय तक बना रहता है तो तेल कंपनियों पर दबाव और बढ़ेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को और महंगे फ्यूल के लिए तैयार रहना पड़ सकता है।
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