अमेरिका से आई बड़ी कानूनी राहत के बाद मंगलवार को Adani Enterprises समेत पूरे अदाणी ग्रुप के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। ट्रेडिंग के दौरान समूह की कई कंपनियों के शेयर 3% तक उछल गए। निवेशकों की खरीदारी बढ़ने से बाजार में अदाणी ग्रुप के शेयर फिर चर्चा में आ गए हैं।
दरअसल, अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) ने उद्योगपति Gautam Adani और उनके भतीजे Sagar Adani के खिलाफ चल रहे प्रतिभूति और धोखाधड़ी मामले को बंद करने का फैसला लिया है। अदालत ने भी इस मामले को “स्थायी रूप से खारिज” करने का आदेश दिया है। इसका मतलब है कि अब इस केस को दोबारा नहीं खोला जा सकेगा।
इस खबर के बाद बाजार में अदाणी ग्रुप को लेकर सकारात्मक माहौल बन गया और समूह के लगभग सभी शेयर हरे निशान पर कारोबार करते दिखे।
अदाणी एंटरप्राइजेज समेत किन शेयरों में आई तेजी?
मंगलवार सुबह 10 बजे बीएसई पर Adani Enterprises का शेयर करीब 2.07% की तेजी के साथ 2,746 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इंट्राडे ट्रेडिंग में यह 2,774.50 रुपये के स्तर तक पहुंच गया।
सिर्फ अदाणी एंटरप्राइजेज ही नहीं, बल्कि समूह की दूसरी कंपनियों के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली।
अदाणी ग्रुप शेयर परफॉर्मेंस
| कंपनी | बढ़त |
|---|---|
| Adani Green Energy | 3.51% |
| NDTV | करीब 3% |
| Adani Total Gas | 2.97% |
| Adani Ports | 0.90% तक |
| ACC | बढ़त के साथ कारोबार |
| Ambuja Cements | हरे निशान में |
| Adani Power | मजबूती |
| Adani Energy Solutions | तेजी |
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी अदालत से राहत मिलने के बाद निवेशकों का भरोसा फिर मजबूत हुआ है। पिछले कुछ महीनों से अदाणी ग्रुप लगातार कानूनी और रेगुलेटरी चुनौतियों का सामना कर रहा था, ऐसे में यह फैसला समूह के लिए बड़ा सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
अमेरिका में आखिर क्या हुआ?
अमेरिकी अभियोजकों ने अदालत में कहा कि वे Gautam Adani और Sagar Adani के खिलाफ लगाए गए आरोपों को आगे बढ़ाने की स्थिति में नहीं हैं। इसके बाद अदालत ने मामले को स्थायी रूप से खारिज करने का आदेश दिया।
इस फैसले का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि “dismissed with prejudice” यानी स्थायी खारिज होने का अर्थ है कि भविष्य में इसी मामले को दोबारा नहीं खोला जा सकता।
विश्लेषकों का कहना है कि इससे अदाणी ग्रुप पर पिछले दो वर्षों से बना कानूनी दबाव काफी हद तक कम हो सकता है। विदेशी निवेशकों के नजरिए से भी यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे समूह की वैश्विक विश्वसनीयता पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला साल 2024 के अंत में अमेरिकी अदालत में दर्ज किया गया था। आरोप लगाया गया था कि अदाणी ग्रुप ने भारतीय अधिकारियों से जुड़े कथित 26.5 करोड़ डॉलर के रिश्वत मामले की जानकारी छिपाकर अमेरिकी निवेशकों से पूंजी जुटाई थी।
हालांकि अब अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा केस वापस लेने और अदालत द्वारा इसे स्थायी रूप से बंद करने के बाद अदाणी ग्रुप को बड़ी राहत मिली है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि कानूनी अनिश्चितता कम होने से अदाणी ग्रुप के शेयरों में निकट अवधि में पॉजिटिव मोमेंटम बना रह सकता है। हालांकि निवेशकों को अभी भी वैश्विक बाजार, कर्ज स्थिति और रेगुलेटरी अपडेट्स पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
पिछले कुछ वर्षों में अदाणी ग्रुप के शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है। ऐसे में किसी भी निवेश से पहले जोखिम का आकलन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
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