NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    tata-group-news-noel-tata-n-chandrasekaran-government-stand
    Tata Group News: नोएल टाटा और चंद्रशेखरन ने दिल्ली दरबार में लगाई थी हाजिरी, किसकी तरफ है सरकार का झुकाव?
    17 अगस्त 2026
    maharashtra-hostel-600-students-left-school-ghost-fear
    महाराष्ट्र के हॉस्टल में भूत का खौफ! 600 छात्राओं ने छोड़ा स्कूल, लड़कियों के ‘आत्मा के साए’ में होने का दावा
    17 अगस्त 2026
    delhi-weather-today-light-rain-imd-forecast-17-22-august
    Delhi Weather Today: दिल्ली में आज होगी हल्की बारिश, 22 अगस्त तक जानें मौसम का पूरा हाल
    17 अगस्त 2026
    iran-us-war-american-soldier-reward-25-lakh-women-double-reward
    Iran-US War Update: अमेरिकी सैनिक को मारने या पकड़ने पर 25 लाख रुपये का इनाम, महिलाओं को दोगुनी रकम
    17 अगस्त 2026
    beer-bottle-brown-green-color-reason
    बीयर की बोतलें भूरी और हरी ही क्यों होती हैं? वजह जानकर चौंक जाएंगे
    17 अगस्त 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    gold-silver-price-global-signals-interest-rates-dollar-bond-yield
    Gold Silver Price: सोने-चांदी में तेजी कायम, जानिए ग्लोबल संकेत क्यों हैं अहम?
    17 अगस्त 2026
    gold-price-today-16-august-2026-weekly-gold-price-rise
    Gold Price Today: सोना एक हफ्ते में ₹3490 तक महंगा, वैश्विक कीमत 0.9% बढ़ी
    16 अगस्त 2026
    purani-jewellery-bechne-par-tax-50000-profit-tax-calculation
    स्वतंत्रता दिवस पर सोना हुआ सस्ता, 24 और 22 कैरेट गोल्ड के भाव में गिरावट; चांदी भी फिसली
    15 अगस्त 2026
    gold-price-today-14-august-2026-delhi-jaipur-lucknow-22-carat-gold-rate
    Gold Price Today: स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले सोना फिसला; दिल्ली, जयपुर और लखनऊ में ₹1,40,940 पर आया 22 कैरेट
    14 अगस्त 2026
    gold-silver-price-13-august-2026-gold-rises-silver-falls
    Gold Silver Price: 2 महीने के हाई पर पहुंचने के बाद सोना हुआ और भी महंगा, चांदी फिसली
    13 अगस्त 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    behari-lal-engineering-ipo-allotment-status-today-listing-gmp
    Behari Lal Engineering IPO का अलॉटमेंट आज 17 अगस्त को, ऐसे करें चेक; लिस्टिंग में अच्छी बढ़त के संकेत
    17 अगस्त 2026
    shiprocket-ipo-allotment-status-check-102-times-subscription
    Shiprocket IPO: 102 गुना सब्सक्रिप्शन के बाद आज अलॉटमेंट, शेयर मिले या नहीं ऐसे करें चेक
    17 अगस्त 2026
    stocks-to-watch-dhoot-transmission-molbio-pb-fintech-dr-reddys-indigo-paints
    Stocks to Watch: Dhoot और Molbio की लिस्टिंग्स; PB Fintech, Dr Reddy’s, Indigo Paints समेत ये स्टॉक्स फोकस में
    17 अगस्त 2026
    gift-nifty-indicator-today-nifty-opening-signal-17-august-2026
    Gift Nifty Indicator: बुल्स या बीयर्स, आज कैसी होगी हफ्ते की शुरुआत? जानें गिफ्ट निफ्टी के संकेत
    17 अगस्त 2026
    lalithaa-jewellery-mart-ipo-1700-crore-gmp-price-band
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: 1700 करोड़ रुपये का IPO आज से खुला, GMP 14%, जानें इश्यू से जुड़ी 10 बड़ी बातें
    17 अगस्त 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: West Asia War: क्या भारत की खाद सब्सिडी सच में 2.41 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है? जानिए किसानों, सरकार और बाजार पर पूरा असर
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

West Asia War: क्या भारत की खाद सब्सिडी सच में 2.41 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है? जानिए किसानों, सरकार और बाजार पर पूरा असर

Namam Sharma
Last updated: 2026/06/27 at 11:06 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
7 Min Read
west-asia-war-india-fertilizer-subsidy-2-41-lakh-crore-stock-update
SHARE

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव अब भारत की अर्थव्यवस्था पर सीधे असर डालने लगे हैं। कच्चे तेल, गैस और शिपिंग लागत में उछाल के बीच अब सबसे बड़ा दबाव उर्वरक यानी खाद सब्सिडी पर दिखाई दे रहा है। केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, अगर हालात लंबे समय तक बने रहे तो वित्त वर्ष 2026-27 में भारत का उर्वरक सब्सिडी बिल बढ़कर करीब 2.41 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

Contents
आखिर क्यों बढ़ रही है उर्वरक सब्सिडी?1. प्राकृतिक गैस महंगी हो रही है2. शिपिंग और बीमा लागत बढ़ गई3. आयातित खाद की कीमतों में उछालसरकार ने कितना अनुमान लगाया?मौजूदा स्थितिक्या किसानों को खाद की कमी होगी?मौजूदा उर्वरक स्टॉकहोर्मुज जलडमरूमध्य क्यों इतना महत्वपूर्ण है?सरकार ने क्या तैयारी की है?सरकार के प्रमुख कदमअब तक सुरक्षित की गई सप्लाईअर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा?1. Fiscal Deficit बढ़ सकता है2. दूसरे खर्च प्रभावित हो सकते हैं3. महंगाई का खतराक्या 2022 जैसा संकट फिर आ सकता है?किसानों के लिए सबसे बड़ी चिंता क्या है?क्या भारत की आयात निर्भरता कम हो सकती है?निष्कर्ष

यह अनुमान मौजूदा बजट प्रावधान से करीब 70,000 करोड़ रुपये अधिक है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर युद्ध का खाद सब्सिडी से क्या संबंध है, सरकार पर कितना वित्तीय बोझ बढ़ेगा, किसानों पर इसका क्या असर पड़ेगा और क्या देश में खाद की कमी होने वाली है?

आखिर क्यों बढ़ रही है उर्वरक सब्सिडी?

भारत दुनिया के सबसे बड़े उर्वरक आयातकों में शामिल है। खासकर यूरिया, डीएपी (DAP), एनपीके कॉम्प्लेक्स और अमोनिया जैसे कई कच्चे माल के लिए देश काफी हद तक आयात पर निर्भर है।

पश्चिम एशिया संकट के कारण तीन बड़े असर दिखाई दे रहे हैं:

1. प्राकृतिक गैस महंगी हो रही है

यूरिया उत्पादन के लिए प्राकृतिक गैस सबसे जरूरी कच्चा माल है। युद्ध के कारण गैस की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी आ रही है। इससे घरेलू उत्पादन लागत बढ़ रही है।

2. शिपिंग और बीमा लागत बढ़ गई

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। यहां तनाव बढ़ने के कारण जहाजों की बीमा लागत और माल ढुलाई खर्च बढ़ गया है।

3. आयातित खाद की कीमतों में उछाल

भारत को डीएपी और अन्य उर्वरकों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर रहना पड़ता है। वैश्विक कीमत बढ़ने पर सरकार किसानों को राहत देने के लिए सब्सिडी बढ़ाती है।


सरकार ने कितना अनुमान लगाया?

उर्वरक विभाग की अतिरिक्त सचिव अपर्णा एस शर्मा ने संकेत दिया कि अगर हालात नहीं सुधरे तो उर्वरक सब्सिडी खर्च में भारी वृद्धि संभव है।

मौजूदा स्थिति

मदराशि
FY 2026-27 बजट प्रावधान₹1.71 लाख करोड़
संभावित अतिरिक्त बोझ₹70,000 करोड़
संभावित कुल सब्सिडी₹2.41 लाख करोड़

यह आंकड़ा भारत के वित्तीय घाटे और सरकारी खर्च पर भी असर डाल सकता है।


क्या किसानों को खाद की कमी होगी?

फिलहाल सरकार का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

मौजूदा उर्वरक स्टॉक

विवरणमात्रा
कुल जरूरत390 लाख टन
उपलब्ध स्टॉक200.9 लाख टन
उपलब्धता प्रतिशत51% से अधिक

इसके अलावा घरेलू उत्पादन करीब 80,000 टन प्रतिदिन, वैकल्पिक समुद्री मार्गों से आयात जारी, 22 लाख टन से अधिक उर्वरक भारत पहुंच चुका सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि गैस आपूर्ति अभी पर्याप्त बनी हुई है।


होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों इतना महत्वपूर्ण है?

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे व्यस्त तेल और गैस व्यापार मार्गों में शामिल है। वैश्विक ऊर्जा सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।

अगर यहां तनाव बढ़ता है तेल महंगा होता है, गैस महंगी होती है, शिपिंग लागत बढ़ती है, खाद और ईंधन दोनों पर असर पड़ता है भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर इसका सीधा दबाव पड़ता है।


सरकार ने क्या तैयारी की है?

भारत ने केवल पश्चिम एशियाई मार्गों पर निर्भर रहने के बजाय वैकल्पिक सप्लाई चैन तैयार करना शुरू किया है।

सरकार के प्रमुख कदम

वैकल्पिक समुद्री मार्गों से आयात, consortium मॉडल के जरिए bulk खरीद, साप्ताहिक सब्सिडी भुगतान, कच्चे माल की उपलब्धता की निगरानी

अब तक सुरक्षित की गई सप्लाई

उर्वरकमात्रा
DAP13.5 लाख टन
NPK कॉम्प्लेक्स7 लाख टन
अन्य कच्चा माललगातार आयात

अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा?

अगर सब्सिडी 2.41 लाख करोड़ तक पहुंचती है तो सरकार पर कई तरह का दबाव बढ़ सकता है।

1. Fiscal Deficit बढ़ सकता है

सरकार को अतिरिक्त उधारी लेनी पड़ सकती है।

2. दूसरे खर्च प्रभावित हो सकते हैं

इन्फ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक योजनाओं पर दबाव बढ़ सकता है।

3. महंगाई का खतरा

अगर सरकार सब्सिडी पूरी तरह absorb नहीं करती तो खाद महंगी हो सकती है, खेती लागत बढ़ सकती है, खाद्यान्न महंगाई बढ़ सकती है


क्या 2022 जैसा संकट फिर आ सकता है?

2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भी भारत की उर्वरक सब्सिडी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। उस समय गैस कीमतों में भारी उछाल आया था, DAP और यूरिया महंगे हुए थे, सरकार को अतिरिक्त सब्सिडी देनी पड़ी थी

अब विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर पश्चिम एशिया तनाव लंबा चला तो वैसी ही स्थिति दोबारा बन सकती है।


किसानों के लिए सबसे बड़ी चिंता क्या है?

फिलहाल सरकार किसानों पर बोझ डालने के मूड में नहीं दिख रही। इसलिए MSP नीति जारी रह सकती है, खाद की कीमत नियंत्रित रखने की कोशिश होगी, सब्सिडी मॉडल जारी रह सकता है

लेकिन अगर वैश्विक कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहीं तो भविष्य में सब्सिडी पुनर्गठन, nutrient-based pricing, direct benefit transfer मॉडल जैसे विकल्पों पर चर्चा तेज हो सकती है।


क्या भारत की आयात निर्भरता कम हो सकती है?

सरकार लंबे समय से “आत्मनिर्भर उर्वरक” मॉडल पर काम कर रही है। इसके तहत घरेलू यूरिया प्लांट विस्तार, green ammonia projects, alternative nutrient technologies, nano urea जैसे विकल्पों पर निवेश बढ़ाया जा रहा है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबे समय में यही भारत को वैश्विक संकटों से बचा सकता है।


निष्कर्ष

पश्चिम एशिया युद्ध केवल तेल कीमतों तक सीमित नहीं है। इसका असर अब भारत की खाद सब्सिडी, सरकारी वित्त, कृषि लागत और महंगाई तक पहुंच चुका है। हालांकि सरकार का दावा है कि फिलहाल देश में उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त है, लेकिन यदि वैश्विक तनाव लंबा खिंचता है तो वित्त वर्ष 2026-27 में उर्वरक सब्सिडी 2.41 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।

यानी आने वाले महीनों में सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि खेती और खाद्य महंगाई भी भारत की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।

लेटेस्ट रेट्स और मार्केट अपडेट्स के लिए NewsJagran पर आज का सोने का भाव, आज का चांदी का भाव, आज का पेट्रोल-डीजल भाव, आज का LPG रेट, CNG रेट, PNG रेट, कच्चे तेल का भाव, डॉलर-रुपया रेट और IPO GMP Today देखें।

You Might Also Like

Tata Group News: नोएल टाटा और चंद्रशेखरन ने दिल्ली दरबार में लगाई थी हाजिरी, किसकी तरफ है सरकार का झुकाव?

महाराष्ट्र के हॉस्टल में भूत का खौफ! 600 छात्राओं ने छोड़ा स्कूल, लड़कियों के ‘आत्मा के साए’ में होने का दावा

Delhi Weather Today: दिल्ली में आज होगी हल्की बारिश, 22 अगस्त तक जानें मौसम का पूरा हाल

Iran-US War Update: अमेरिकी सैनिक को मारने या पकड़ने पर 25 लाख रुपये का इनाम, महिलाओं को दोगुनी रकम

बीयर की बोतलें भूरी और हरी ही क्यों होती हैं? वजह जानकर चौंक जाएंगे

TAGGED: Agriculture News, Breaking News Hindi, budget 2026, Crude Oil Impact, DAP, Economic Impact, Farmers, farming news, Fertilizer Stock, Fertilizer Subsidy, Government Subsidy, Import News, India Economy, India News, Khad Subsidy, Middle East Crisis, NPK Fertilizer, subsidy news, Urea, West Asia war
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article petrol-diesel-price-hike-impact-on-india-sbi-research-report पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से देश को नुकसान या फायदा? SBI रिसर्च ने बताया अर्थव्यवस्था का पूरा हाल
Next Article realme-16t-5g-8000mah-battery-50mp-camera-mediatek-launch-india 8000mAh बैटरी के साथ आ रहा Realme 16T 5G, 50MP Sony कैमरा और 144Hz डिस्प्ले से मचाएगा धमाल

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

ipo-gmp-today-mainboard-sme
IPO GMP Today: इन IPOs का ग्रे मार्केट में जलवा, Shiprocket समेत इन इश्यू पर नजर
शेयर बाज़ार फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
cng-price-today
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
government-spending-as-percent-of-gdp-kiribati-marshall-islands-ukraine
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
फाइनेंस
bitcoin-price-today-live-chart-hindi
Bitcoin Price Today: लाइव बिटकॉइन प्राइस, चार्ट, मार्केट कैप और निवेश से पहले जानें जरूरी बातें
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?