NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • फाइनेंस
    फाइनेंस
    NewsJagran के फाइनेंस सेक्शन में पाएं लेटेस्ट वित्तीय समाचार, इनकम टैक्स अपडेट, सेविंग्स और निवेश की रणनीतियाँ, बैंकिंग सेक्टर की खबरें, बीमा, लोन, क्रेडिट कार्ड…
    Show More
    Top News
    Byju Raveendran की जवाबी कार्रवाई: $2.5 बिलियन का मुकदमा, FEMA आरोपों का सख्त खंडन
    Byjus Investors Vote To Remove CEO : CEO Ravindran को बाहर करने का बायजू के शेयरधारकों का कदम ‘अमान्य’
    26 फ़रवरी 2024
    यूनिटेक गुड़गांव में 5 अप्रैल से निर्माण गतिविधियां शुरू करने के लिए तैयार है
    यूनिटेक गुड़गांव में 5 अप्रैल से निर्माण गतिविधियां शुरू करने के लिए तैयार है, 10 साल का इंतज़ार होने जा रहा है ख़तम.
    17 जनवरी 2026
    Know the Latest rates of Gold in your city today
    Know the Latest rates of Gold in your city today : सोना सस्ता हुआ या महंगा? जानें आज 14 मई 2025 को आपके शहर के लेटेस्ट रेट्स.
    14 मई 2025
    Latest News
    West Asia War: क्या भारत की खाद सब्सिडी सच में 2.41 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है? जानिए किसानों, सरकार और बाजार पर पूरा असर
    18 मई 2026
    रिजर्व बैंक ने दी बड़ी राहत, अब बैंकों को नहीं रखना होगा ‘इमरजेंसी बफर फंड’; जानिए ग्राहकों और बैंकिंग सेक्टर पर क्या पड़ेगा असर
    18 मई 2026
    XTRA पावर टूल्स ने लॉन्च की हाई-परफॉर्मेंस कॉर्डलेस रेंज, अब बिना तार के मिलेगा ज्यादा पावर और कंट्रोल
    18 मई 2026
    8th Pay Commission के बीच बंगाल में 7वें वेतन आयोग को मंजूरी, लेकिन कर्मचारियों ने उठाए बड़े सवाल
    18 मई 2026
  • टेक्नोलॉजी
    टेक्नोलॉजी
    NewsJagran की टेक्नोलॉजी कैटेगरी में पढ़ें तकनीक की दुनिया की ताज़ा खबरें। लेटेस्ट गैजेट लॉन्च, मोबाइल रिव्यू, AI, साइबर सिक्योरिटी अपडेट और भारत-दुनिया के टेक…
    Show More
    Top News
    Diwali 2024 Sale On Best Selfie Phone Under 20K
    Diwali 2024 Sale On Best Selfie Phone Under 20K: सस्ता हुआ 32MP वाला सेल्फी कैमरा फोन, दोनों ओर से कर पाएंगे 4K Video रिकॉर्डिंग
    10 अगस्त 2025
    Top 5 Gadgets In India Under 500 Rs For Tech Geeks
    Top 5 Gadgets In India Under 500 Rs For Tech Geeks अभी खरीदें
    25 जनवरी 2026
    Jio Launched AI Phone Call Feature For Their Users
    Jio Launched AI Phone Call Feature For Their Users : Jio ने लॉन्च किया ‘AI फोन कॉल फीचर’, नई-नई खूबियों से होगा लैस, खासियत जानकर दंग रह जाएंगे!
    30 अगस्त 2024
    Latest News
    8000mAh बैटरी के साथ आ रहा Realme 16T 5G, 50MP Sony कैमरा और 144Hz डिस्प्ले से मचाएगा धमाल
    18 मई 2026
    Apple iPhone 17 Pro Price Cut: ₹1.30 लाख वाला iPhone अब ₹1.21 लाख में! बैंक ऑफर और EMI डील ने बढ़ाई हलचल
    18 मई 2026
    Canon EOS R6 V लॉन्च: वीडियो क्रिएटर्स के लिए कैनन का बड़ा दांव, भारत में लॉन्च हुआ नया फुल-फ्रेम कैमरा और पावर जूम लेंस
    15 मई 2026
    16GB तक RAM के साथ Sony का नया 5G फोन लॉन्च, 48MP कैमरा और Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर से लैस
    14 मई 2026
  • मनोरंजन
    मनोरंजन
    NewsJagran के मनोरंजन सेक्शन में पढ़ें फिल्मी दुनिया, वेब सीरीज़, टीवी शो, म्यूज़िक, सेलिब्रिटी लाइफस्टाइल और वायरल वीडियो से जुड़ी हर ताज़ा खबर। एंटरटेनमेंट की…
    Show More
    Top News
    How Many Times Heart Beat And When In Danger Range
    How Many Times Heart Beat And When In Danger Range : हर मिनट कितनी बार धड़कता है दिल, कब माना जाता है डेंजर रेंज.
    27 जनवरी 2025
    This Hot Actress Did not give Even a Single Hit Film
    This Hot Actress Did not give Even a Single Hit Film : 1000 करोड़ की मूवी का रिकॉर्ड इस एक्ट्रेस के नाम है दर्ज.
    2 अप्रैल 2025
    Do This Before Proposing A Girl To Make Her Your GF
    Do This Before Proposing A Girl To Make Her Your GF : लड़की को प्रपोज करने से पहले करें यह काम, चुटकियों में बनेगी गर्लफ्रेंड
    8 फ़रवरी 2026
    Latest News
    सुशांत सिंह राजपूत के हमशक्ल का वीडियो वायरल, फैंस बोले- ‘ऐसा लगा जैसे फिर लौट आए SSR’
    18 मई 2026
    ‘पंचायत’ सीजन 5 की हुई आधिकारिक घोषणा, जानिए कब और कहां देख पाएंगे अभिषेक-रिंकी की कहानी
    18 मई 2026
    ‘Dhurandhar 2’ OTT Release: भारत में Netflix पर नहीं आएगी रणवीर सिंह की फिल्म, इस प्लेटफॉर्म पर होगी स्ट्रीमिंग
    15 मई 2026
    40-50 की उम्र में क्यों बढ़ रहे अचानक हार्ट अटैक? अभिनेता Dileep Raj की मौत के बाद डॉक्टरों ने दी चेतावनी
    14 मई 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से देश को नुकसान या फायदा? SBI रिसर्च ने बताया अर्थव्यवस्था का पूरा हाल
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • फाइनेंस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
Search
  • फाइनेंस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से देश को नुकसान या फायदा? SBI रिसर्च ने बताया अर्थव्यवस्था का पूरा हाल

Namam Sharma
Last updated: 2026/05/18 at 11:03 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
8 Min Read
petrol-diesel-price-hike-impact-on-india-sbi-research-report
SHARE

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल का असर अब भारत की अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। लंबे समय तक स्थिर रहने के बाद देश की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। इसके बाद आम लोगों के बीच सवाल उठने लगा है कि आखिर इस फैसले से देश को नुकसान होगा या फायदा?

Contents
आखिर क्यों बढ़ाने पड़े पेट्रोल-डीजल के दाम?SBI रिसर्च ने क्या कहा?आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा?क्या खपत कम हो जाएगी?तेल कंपनियों को कितनी राहत मिलेगी?सरकार के लिए चुनौती क्यों बढ़ गई?क्या भारतीय अर्थव्यवस्था पर बड़ा खतरा है?निष्कर्ष

इसी बीच भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की रिसर्च यूनिट की तरफ से जारी ‘इकोरैप’ रिपोर्ट में इस पूरे मुद्दे पर विस्तार से विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से भारत की वित्तीय स्थिति पर सीधा बड़ा खतरा नहीं है, लेकिन इसका असर महंगाई, उपभोक्ताओं की जेब और तेल कंपनियों की बैलेंस शीट पर जरूर दिखाई देगा।

आखिर क्यों बढ़ाने पड़े पेट्रोल-डीजल के दाम?

भारत अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में जब वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़ती हैं, तो उसका सीधा असर भारतीय तेल कंपनियों की लागत पर पड़ता है।

पिछले कई महीनों से पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में बदलाव नहीं किया गया था, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम लगातार ऊपर जा रहे थे। इसका नतीजा यह हुआ कि इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा हालात में तेल कंपनियों को हर दिन करीब 1000 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो रहा था। सालाना आधार पर यह आंकड़ा लगभग 3.6 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच रहा है। ऐसे में कंपनियों के लिए कीमत बढ़ाना लगभग मजबूरी बन गया था।

SBI रिसर्च ने क्या कहा?

एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का देश की राजकोषीय स्थिति पर सीधा बड़ा असर नहीं पड़ेगा। यानी सरकार के वित्तीय घाटे या बजट संतुलन पर तत्काल कोई गंभीर दबाव नहीं बनेगा।

हालांकि रिपोर्ट में यह जरूर कहा गया है कि ईंधन महंगा होने से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI Inflation) में तत्काल बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। मई और जून के दौरान खुदरा महंगाई में 15 से 20 बेसिस पॉइंट तक की बढ़ोतरी का अनुमान जताया गया है।

इसी वजह से SBI रिसर्च ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए औसत महंगाई अनुमान को बढ़ाकर 4.7 प्रतिशत कर दिया है।

आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा?

पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने का असर सिर्फ वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं रहता। भारत जैसे देश में परिवहन लागत लगभग हर सेक्टर को प्रभावित करती है।

ईंधन महंगा होने के बाद सबसे पहले असर इन चीजों पर दिखाई देता है ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ता है सब्जी, दूध और राशन महंगे हो सकते हैं, बस और टैक्सी किराए बढ़ सकते हैं, लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने से कंपनियों का खर्च बढ़ता है, ऑनलाइन डिलीवरी सेवाएं भी महंगी हो सकती हैं

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले महीनों में खाद्य महंगाई पर भी दबाव बढ़ सकता है।

क्या खपत कम हो जाएगी?

SBI रिसर्च ने अपने ऐतिहासिक डेटा विश्लेषण में एक दिलचस्प बात कही है। रिपोर्ट के मुताबिक जब भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ती हैं, तो शुरुआती दिनों में खपत में थोड़ी गिरावट जरूर आती है। लोग गैरजरूरी यात्रा कम करते हैं और खर्च नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं।

लेकिन कुछ समय बाद ईंधन की मांग फिर सामान्य स्तर पर लौट आती है। यानी भारत में पेट्रोल और डीजल की खपत पर लंबे समय तक बड़ा असर नहीं पड़ता।

इसका कारण यह है कि देश की अर्थव्यवस्था, परिवहन व्यवस्था और रोजमर्रा की गतिविधियां अभी भी काफी हद तक पारंपरिक ईंधन पर निर्भर हैं।

तेल कंपनियों को कितनी राहत मिलेगी?

रिपोर्ट के मुताबिक पेट्रोल और डीजल की कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी से तेल कंपनियों को करीब 52,700 करोड़ रुपये की राहत मिल सकती है।

यह राहत चालू वित्त वर्ष में अनुमानित कुल नुकसान का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा कवर करेगी। यानी कंपनियों का पूरा नुकसान तो खत्म नहीं होगा, लेकिन वित्तीय दबाव कुछ कम जरूर हो जाएगा।

विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती हैं, तो आगे भी तेल कंपनियां कीमतों में बदलाव कर सकती हैं।

सरकार के लिए चुनौती क्यों बढ़ गई?

भारत में ईंधन की कीमतें हमेशा राजनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से बेहद संवेदनशील मानी जाती हैं। एक तरफ सरकार तेल कंपनियों को लगातार नुकसान में नहीं रखना चाहती, वहीं दूसरी तरफ महंगाई बढ़ने से जनता की नाराजगी का खतरा भी रहता है।

सरकार के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती यही है कि वह महंगाई को नियंत्रित रखे, तेल कंपनियों की वित्तीय स्थिति संभाले, राजकोषीय घाटा न बढ़ने दे, उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ न पड़े. अगर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंचती हैं, तो सरकार को एक्साइज ड्यूटी में कटौती जैसे कदमों पर विचार करना पड़ सकता है।

क्या भारतीय अर्थव्यवस्था पर बड़ा खतरा है?

अभी तक के संकेतों के मुताबिक स्थिति चिंताजनक जरूर है, लेकिन नियंत्रण से बाहर नहीं मानी जा रही। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार, टैक्स कलेक्शन और आर्थिक वृद्धि दर अभी भी मजबूत स्थिति में हैं।

हालांकि लगातार महंगा तेल चालू खाता घाटा बढ़ा सकता है, रुपये पर दबाव डाल सकता है, आयात बिल बढ़ा सकता है, महंगाई को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है यही वजह है कि बाजार और सरकार दोनों की नजर अब अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया की स्थिति पर टिकी हुई है।

निष्कर्ष

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी फिलहाल तेल कंपनियों को राहत देने और बढ़ते नुकसान को कम करने के लिए जरूरी कदम माना जा रहा है। SBI रिसर्च के मुताबिक इससे देश की वित्तीय स्थिति पर सीधा बड़ा खतरा नहीं है, लेकिन आम लोगों को महंगाई के रूप में इसका असर जरूर झेलना पड़ सकता है।

अगर वैश्विक बाजार में कच्चा तेल महंगा बना रहता है, तो आने वाले महीनों में ईंधन कीमतें, महंगाई और आर्थिक गतिविधियां तीनों भारत की नीति निर्माण प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएंगी।

Also Read:

  • रिजर्व बैंक ने दी बड़ी राहत, अब बैंकों को नहीं रखना होगा ‘इमरजेंसी बफर फंड’; जानिए ग्राहकों और बैंकिंग सेक्टर पर क्या पड़ेगा असर
  • Apple iPhone 17 Pro Price Cut: ₹1.30 लाख वाला iPhone अब ₹1.21 लाख में! बैंक ऑफर और EMI डील ने बढ़ाई हलचल

You Might Also Like

West Asia War: क्या भारत की खाद सब्सिडी सच में 2.41 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है? जानिए किसानों, सरकार और बाजार पर पूरा असर

रिजर्व बैंक ने दी बड़ी राहत, अब बैंकों को नहीं रखना होगा ‘इमरजेंसी बफर फंड’; जानिए ग्राहकों और बैंकिंग सेक्टर पर क्या पड़ेगा असर

XTRA पावर टूल्स ने लॉन्च की हाई-परफॉर्मेंस कॉर्डलेस रेंज, अब बिना तार के मिलेगा ज्यादा पावर और कंट्रोल

8th Pay Commission के बीच बंगाल में 7वें वेतन आयोग को मंजूरी, लेकिन कर्मचारियों ने उठाए बड़े सवाल

पेट्रोल-डीजल पर दुनिया भर में हाहाकार, म्यांमार में 113% तो अमेरिका में 45% महंगा हुआ ईंधन; आंकड़े दे रहे बड़ा संकेत

TAGGED: business news, CPI Inflation, Crude Oil, diesel price today, Economy News, fuel price hike, Hindi News, indian economy, Inflation, Oil Companies, OMC, Petrol Diesel Price, petrol price today, SBI Research
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
Namam Sharma Newsjagran ke Senior Editor hain। Business News, Finance, सोना-चाँदी भाव aur Technology mein vishesh ruchi। Digital Patrakarita mein 9 saal ka anubhav।
Previous Article rbi-ifr-rule-ended-banks-buffer-fund-relief रिजर्व बैंक ने दी बड़ी राहत, अब बैंकों को नहीं रखना होगा ‘इमरजेंसी बफर फंड’; जानिए ग्राहकों और बैंकिंग सेक्टर पर क्या पड़ेगा असर
Next Article west-asia-war-india-fertilizer-subsidy-2-41-lakh-crore-stock-update West Asia War: क्या भारत की खाद सब्सिडी सच में 2.41 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है? जानिए किसानों, सरकार और बाजार पर पूरा असर

Recent Posts

  • सुशांत सिंह राजपूत के हमशक्ल का वीडियो वायरल, फैंस बोले- ‘ऐसा लगा जैसे फिर लौट आए SSR’
  • 8000mAh बैटरी के साथ आ रहा Realme 16T 5G, 50MP Sony कैमरा और 144Hz डिस्प्ले से मचाएगा धमाल
  • West Asia War: क्या भारत की खाद सब्सिडी सच में 2.41 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है? जानिए किसानों, सरकार और बाजार पर पूरा असर
  • पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से देश को नुकसान या फायदा? SBI रिसर्च ने बताया अर्थव्यवस्था का पूरा हाल
  • रिजर्व बैंक ने दी बड़ी राहत, अब बैंकों को नहीं रखना होगा ‘इमरजेंसी बफर फंड’; जानिए ग्राहकों और बैंकिंग सेक्टर पर क्या पड़ेगा असर

Recent Comments

  1. Rhy 🌷 (@__rhythem17) – हिमाचल की Tech + Travel स्टार, जिनका कंटेंट हर फॉलोअर्स को आकर्षित करता है पर Namam Sharma
  2. Vaishnavi Singh aka Vanshi (@chawal.to.choorma) – Bold, Confident और Trendy Instagram Star पर Namam Sharma
  3. Vaishnavi Singh aka Vanshi (@chawal.to.choorma) – Bold, Confident और Trendy Instagram Star पर Supriya Singh
  4. Rhy 🌷 (@__rhythem17) – हिमाचल की Tech + Travel स्टार, जिनका कंटेंट हर फॉलोअर्स को आकर्षित करता है पर Chaman Singh
  5. Saba (@thewordmuse_) Profile: 1.2M+ Followers वाली Urdu Poetry & Voice Artist Influencer की पूरी कहानी पर Namam Sharma

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • फाइनेंस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन

त्वरित लिंक्स

  • प्रॉपर्टी इन सोहना
  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

Latest News

sushant-singh-rajput-lookalike-ayan-viral-video-fans-reaction
सुशांत सिंह राजपूत के हमशक्ल का वीडियो वायरल, फैंस बोले- ‘ऐसा लगा जैसे फिर लौट आए SSR’
बॉलीवुड 18 मई 2026
realme-16t-5g-8000mah-battery-50mp-camera-mediatek-launch-india
8000mAh बैटरी के साथ आ रहा Realme 16T 5G, 50MP Sony कैमरा और 144Hz डिस्प्ले से मचाएगा धमाल
स्मार्ट फ़ोन 18 मई 2026
west-asia-war-india-fertilizer-subsidy-2-41-lakh-crore-stock-update
West Asia War: क्या भारत की खाद सब्सिडी सच में 2.41 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है? जानिए किसानों, सरकार और बाजार पर पूरा असर
बिजनेस न्यूज़ 18 मई 2026
rbi-ifr-rule-ended-banks-buffer-fund-relief
रिजर्व बैंक ने दी बड़ी राहत, अब बैंकों को नहीं रखना होगा ‘इमरजेंसी बफर फंड’; जानिए ग्राहकों और बैंकिंग सेक्टर पर क्या पड़ेगा असर
बिजनेस न्यूज़ 18 मई 2026
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • फाइनेंस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?