सरकारी हाइड्रोपावर कंपनी NHPC Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज करते हुए अपना स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 17 फीसदी बढ़ाकर ₹3,618 करोड़ कर लिया है। कंपनी ने इस दौरान अपनी इतिहास की सबसे बड़ी वार्षिक क्षमता वृद्धि भी दर्ज की, जिसमें 1,850 मेगावाट (MW) की नई बिजली उत्पादन क्षमता जोड़ी गई।
ऊर्जा क्षेत्र में यह उपलब्धि ऐसे समय आई है जब भारत तेजी से स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) और Renewable Power क्षमता बढ़ाने पर फोकस कर रहा है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली क्षमता को बड़े स्तर पर बढ़ाना है, और NHPC इस रणनीति का अहम हिस्सा बनती जा रही है।
पिछले साल के मुकाबले मजबूत उछाल
कंपनी की ओर से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, FY26 में NHPC का स्टैंडअलोन Profit After Tax (PAT) ₹3,618 करोड़ रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह ₹3,084 करोड़ था। यानी कंपनी ने सालाना आधार पर लगभग 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।
वहीं Consolidated Net Profit भी बढ़कर ₹4,220 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल ₹3,412 करोड़ था। इस तरह समूह स्तर पर मुनाफे में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
यह बढ़ोतरी सिर्फ बेहतर बिजली उत्पादन की वजह से नहीं, बल्कि नई परियोजनाओं के चालू होने, ऑपरेशनल एफिशिएंसी और Renewable Energy पोर्टफोलियो विस्तार का भी परिणाम मानी जा रही है।
निवेशकों को डिविडेंड का तोहफा
NHPC के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने FY26 के लिए ₹0.21 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। इससे पहले कंपनी ₹1.40 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड भी दे चुकी है।
ऊर्जा क्षेत्र की PSU कंपनियां लगातार डिविडेंड देने के लिए जानी जाती हैं और NHPC भी उन्हीं कंपनियों में शामिल है, जो स्थिर कैश फ्लो के दम पर निवेशकों को नियमित रिटर्न देने की कोशिश करती हैं।
1850 MW क्षमता जोड़कर बनाया नया रिकॉर्ड
FY26 में NHPC ने तीन बड़े प्रोजेक्ट्स को कमीशन करके कुल 1,850 MW नई क्षमता जोड़ी। इनमें शामिल हैं:
- Subansiri Lower Project
- Parbati-II Project
- Karnisar Solar Project
कंपनी के अनुसार, यह उसके इतिहास में किसी भी वित्त वर्ष के दौरान सबसे बड़ी क्षमता वृद्धि है।
भारत में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स लंबे समय तक पर्यावरण मंजूरी, भूमि अधिग्रहण और भौगोलिक चुनौतियों की वजह से देरी का सामना करते हैं। ऐसे में एक ही वर्ष में इतने बड़े स्तर पर क्षमता जोड़ना NHPC के लिए रणनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा में बढ़ती भूमिका
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने Renewable Energy क्षमता विस्तार को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाया है। सोलर और विंड एनर्जी के साथ-साथ हाइड्रोपावर को भी बेसलोड क्लीन एनर्जी स्रोत के रूप में देखा जा रहा है।
हाइड्रोपावर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह Grid Stability बनाए रखने में मदद करती है। जब सोलर या विंड उत्पादन कम होता है, तब हाइड्रो स्टेशन तेजी से बिजली सप्लाई बढ़ा सकते हैं।
NHPC का विस्तार इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश में बिजली मांग लगातार बढ़ रही है। गर्मी के मौसम में रिकॉर्ड पावर डिमांड देखी जा रही है और इंडस्ट्रियल गतिविधियों में तेजी भी बिजली खपत को बढ़ा रही है।
बिजली उत्पादन में भी मजबूत प्रदर्शन
NHPC ने बताया कि FY26 में उसके स्टैंडअलोन पावर स्टेशनों ने कुल 23,307 मिलियन यूनिट (MU) बिजली उत्पादन किया। कंपनी के पास वर्तमान में 25 पावर स्टेशनों से 7,401 MW की स्थापित क्षमता है। वहीं subsidiaries और joint ventures को मिलाकर कुल स्थापित क्षमता 9,333 MW तक पहुंच चुकी है।
यह आंकड़ा दिखाता है कि NHPC अब सिर्फ पारंपरिक हाइड्रो कंपनी नहीं रह गई है, बल्कि वह diversified renewable utility के रूप में खुद को विकसित कर रही है।
आने वाले वर्षों में और तेज विस्तार की तैयारी
NHPC ने कहा कि वह फिलहाल 17 परियोजनाओं पर काम कर रही है, जिनकी कुल क्षमता 9,204 MW है। इसके अलावा 10,263 MW क्षमता वाले 9 प्रोजेक्ट्स clearance stage में हैं, 9,830 MW क्षमता वाले 9 प्रोजेक्ट्स survey और investigation phase में हैं अगर ये परियोजनाएं समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में NHPC भारत की सबसे बड़ी renewable और hydropower कंपनियों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकती है।
क्यों महत्वपूर्ण है NHPC का यह प्रदर्शन?
विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा ट्रांजिशन के दौर में सरकारी बिजली कंपनियों की भूमिका काफी बढ़ने वाली है। खासकर ऐसी कंपनियां जिनके पास लंबी अवधि की परियोजनाएं, सरकारी समर्थन, स्थिर कैश फ्लो, renewable expansion pipeline हो, वे निवेशकों के लिए भी आकर्षक बन सकती हैं।
NHPC का FY26 प्रदर्शन यह संकेत देता है कि कंपनी सिर्फ मुनाफा बढ़ाने पर नहीं, बल्कि दीर्घकालिक क्षमता निर्माण पर भी आक्रामक तरीके से काम कर रही है।
भारत के ग्रीन एनर्जी लक्ष्य को मिलेगा सहारा
भारत ने 2070 तक Net Zero लक्ष्य हासिल करने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके लिए कोयले पर निर्भरता धीरे-धीरे कम करनी होगी और क्लीन एनर्जी क्षमता को तेजी से बढ़ाना होगा।
NHPC जैसे PSU इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं क्योंकि:
- हाइड्रो प्रोजेक्ट्स लंबी अवधि तक बिजली देते हैं
- कार्बन उत्सर्जन कम होता है
- ऊर्जा आयात पर निर्भरता घटती है
- ग्रिड स्थिरता बेहतर होती है
इसी वजह से सरकार हाइड्रो और pumped storage projects पर भी फोकस बढ़ा रही है।
निष्कर्ष
FY26 NHPC के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक वर्ष साबित हुआ है। कंपनी ने मुनाफे में मजबूत वृद्धि दर्ज की, रिकॉर्ड 1850 MW क्षमता जोड़ी, डिविडेंड की घोषणा की, भविष्य के लिए विशाल प्रोजेक्ट पाइपलाइन तैयार रखी भारत में बढ़ती बिजली मांग और renewable transition के बीच NHPC आने वाले वर्षों में देश की ऊर्जा रणनीति का अहम स्तंभ बन सकती है।
Source: ANI
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