दिल्ली सरकार ने एयरलाइंस और हवाई यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर वैट (VAT) में भारी कटौती का फैसला किया है। सरकार ने ATF पर लगने वाले VAT को 25 फीसदी से घटाकर सीधे 7 फीसदी कर दिया है। माना जा रहा है कि इस फैसले से एयरलाइंस कंपनियों की लागत कम होगी और आने वाले समय में हवाई किरायों में भी राहत मिल सकती है।
दिल्ली सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण एविएशन सेक्टर पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। एयरलाइंस कंपनियां लंबे समय से ATF पर टैक्स कम करने की मांग कर रही थीं क्योंकि ईंधन की लागत उनके कुल ऑपरेटिंग खर्च का लगभग 30 से 40 फीसदी हिस्सा होती है।
दिल्ली सरकार ने क्या फैसला लिया?
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, दिल्ली में एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर वैट को 25 फीसदी से घटाकर 7 फीसदी कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे एयरलाइंस को राहत मिलेगी और यात्रियों को भी फायदा पहुंच सकता है।
सरकार के मुताबिक यह कदम दिल्ली को एक मजबूत एविएशन हब बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में शामिल है और यहां से घरेलू व अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बड़ी संख्या संचालित होती है।
महाराष्ट्र ने भी घटाया था ATF पर टैक्स
दिल्ली सरकार का यह फैसला महाराष्ट्र सरकार के कदम के ठीक एक दिन बाद आया है। महाराष्ट्र ने भी 15 मई से छह महीने के लिए ATF पर VAT को 18 फीसदी से घटाकर 7 फीसदी कर दिया था।
महाराष्ट्र सरकार ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण एयरलाइंस कंपनियों की लागत तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में टैक्स कटौती से उन्हें राहत देने की जरूरत थी।
अब दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे बड़े एविएशन राज्यों के टैक्स घटाने से एयरलाइंस सेक्टर को बड़ा फायदा मिल सकता है।
एयरलाइंस के लिए क्यों महत्वपूर्ण है ATF?
एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF किसी भी एयरलाइन के लिए सबसे बड़ा खर्च होता है। भारत में ATF की कीमतें पहले से ही कई देशों की तुलना में ज्यादा मानी जाती हैं क्योंकि इसमें केंद्र और राज्यों के टैक्स शामिल होते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार एयरलाइंस की कुल लागत का 30-40 फीसदी हिस्सा ATF पर खर्च होता है। कच्चे तेल की कीमत बढ़ने पर एयरलाइंस का मुनाफा तेजी से प्रभावित होता है। ATF महंगा होने पर कंपनियां टिकट किराया बढ़ाने को मजबूर हो जाती हैं।
पिछले कुछ महीनों में ईरान संकट, पश्चिम एशिया तनाव, सप्लाई चेन बाधाओं और एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण वैश्विक तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इसका सीधा असर विमान ईंधन की कीमतों पर पड़ा है।
क्या अब सस्ते होंगे हवाई टिकट?
विशेषज्ञों का मानना है कि ATF पर टैक्स कम होने से एयरलाइंस कंपनियों की परिचालन लागत घटेगी। इससे टिकट किरायों में कुछ राहत देखने को मिल सकती है, खासकर घरेलू रूट्स पर।
हालांकि टिकट सस्ते होंगे या नहीं, यह कई कारकों पर निर्भर करेगा अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, यात्रियों की मांग, एयरलाइन कंपनियों की वित्तीय स्थिति, रूट की प्रतिस्पर्धा, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति फिर भी माना जा रहा है कि पीक समर सीजन में यात्रियों को किराए में बड़ी बढ़ोतरी से राहत मिल सकती है।
दिल्ली एयरपोर्ट को कैसे होगा फायदा?
दिल्ली एयरपोर्ट देश का सबसे बड़ा एविएशन हब माना जाता है। टैक्स कम होने से एयरलाइंस के लिए दिल्ली से उड़ान संचालन अधिक किफायती हो सकता है।
इससे:
- नई फ्लाइट्स शुरू करने में मदद मिल सकती है
- घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बढ़ सकती है
- एयरलाइंस अपनी क्षमता विस्तार योजनाओं को तेज कर सकती हैं
- ट्रांजिट ट्रैफिक बढ़ सकता है
विशेषज्ञों का कहना है कि कम ATF टैक्स वाले राज्यों में एयरलाइंस अधिक उड़ानें संचालित करने को प्राथमिकता देती हैं।
बढ़ते तेल संकट के बीच राहत वाला कदम
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार अस्थिरता बनी हुई है। पश्चिम एशिया में संघर्ष और सप्लाई बाधाओं ने तेल बाजार को प्रभावित किया है। इसका असर भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों पर भी पड़ रहा है।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में तेल महंगा होने से एयरलाइंस की लागत बढ़ती है, महंगाई पर दबाव आता है, परिवहन क्षेत्र प्रभावित होता है, यात्रियों को महंगे टिकट चुकाने पड़ते हैं इसी कारण दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे राज्यों ने टैक्स कटौती का रास्ता चुना है।
एविएशन सेक्टर को मिल सकती है नई रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अन्य राज्य भी ATF पर टैक्स कम करते हैं तो भारतीय एविएशन इंडस्ट्री को बड़ा फायदा मिल सकता है। इससे एयरलाइंस की वित्तीय स्थिति बेहतर हो सकती है और भारत में एयर ट्रैवल को और बढ़ावा मिल सकता है।
कोविड महामारी के बाद एविएशन सेक्टर धीरे-धीरे रिकवरी की राह पर लौटा है। लेकिन ऊंची ईंधन कीमतें अब भी कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। ऐसे में यह फैसला उद्योग के लिए राहत भरा माना जा रहा है।
निष्कर्ष
दिल्ली सरकार द्वारा ATF पर VAT को 25 फीसदी से घटाकर 7 फीसदी करना एविएशन सेक्टर के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे एयरलाइंस कंपनियों को लागत में राहत मिलेगी और यात्रियों को भी अप्रत्यक्ष फायदा मिल सकता है। अगर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें नियंत्रित रहती हैं तो आने वाले समय में घरेलू हवाई किरायों में स्थिरता देखने को मिल सकती है।
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