भारत में ग्रीन एनर्जी और बायोडीजल सेक्टर से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। इसी बीच माइक्रो-कैप रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Kotyark Industries ने बड़ा ऐलान करके बाजार का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कंपनी ने 10:1 बोनस शेयर जारी करने की सिफारिश की है, जिसके बाद गुरुवार के कारोबार में शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली।
कंपनी के शेयर इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान करीब 7 प्रतिशत तक उछल गए और 416.4 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंच गए। बोनस इश्यू के साथ-साथ मजबूत तिमाही नतीजों ने भी निवेशकों के उत्साह को बढ़ाने का काम किया। खास बात यह है कि कंपनी बायोडीजल और क्लीन एनर्जी जैसे तेजी से उभरते सेक्टर में काम करती है, जिसे आने वाले वर्षों में भारत की ऊर्जा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
बोर्ड ने मंजूर किया 10:1 बोनस इश्यू
कंपनी की ओर से जारी एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने प्रत्येक एक इक्विटी शेयर पर 10 बोनस शेयर जारी करने की सिफारिश की है। हालांकि यह प्रस्ताव अभी शेयरधारकों और नियामकीय मंजूरी के अधीन रहेगा।
अगर यह प्रस्ताव पूरी तरह लागू होता है तो निवेशकों के पास मौजूद हर एक शेयर के बदले 10 अतिरिक्त शेयर आ जाएंगे। आमतौर पर बोनस इश्यू को कंपनी के भविष्य के प्रति सकारात्मक संकेत माना जाता है क्योंकि इससे यह संदेश जाता है कि कंपनी अपने बिजनेस विस्तार और कैश फ्लो को लेकर आश्वस्त है।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि बोनस इश्यू के लिए रिकॉर्ड डेट की घोषणा बाद में अलग से की जाएगी। ऐसे में अब निवेशकों की नजर अगले अपडेट पर बनी हुई है।
डिविडेंड पर भी दिया बड़ा अपडेट
कंपनी ने अपनी फाइलिंग में कहा कि FY26 के लिए पहले घोषित 5 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड को बोनस इश्यू के बाद अनुपातिक रूप से एडजस्ट किया जाएगा। हालांकि कुल डिविडेंड भुगतान राशि में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की उम्मीद है।
यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि आमतौर पर बोनस इश्यू के बाद शेयरों की संख्या बढ़ जाती है, जिसके चलते प्रति शेयर डिविडेंड में तकनीकी समायोजन करना पड़ता है।
ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल में बड़ा इजाफा
कंपनी ने सिर्फ बोनस इश्यू ही नहीं बल्कि अपने ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल को भी बड़े स्तर पर बढ़ाने का फैसला किया है। बोर्ड ने अधिकृत शेयर पूंजी को 23 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इसके बाद कंपनी की अधिकृत इक्विटी शेयर क्षमता 2.3 करोड़ शेयरों से बढ़कर 20 करोड़ शेयर हो जाएगी। सभी शेयरों का फेस वैल्यू 10 रुपये रहेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी वृद्धि यह संकेत देती है कि कंपनी भविष्य में विस्तार योजनाओं, पूंजी जुटाने या बड़े बिजनेस स्केल-अप की तैयारी कर रही हो सकती है।
तिमाही नतीजों ने भी किया प्रभावित
सिर्फ बोनस इश्यू ही नहीं, कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजों ने भी बाजार को प्रभावित किया है। मार्च 2026 तिमाही में कंपनी ने शानदार ग्रोथ दर्ज की।
कंपनी का रेवेन्यू मार्च 2025 के 19.86 करोड़ रुपये से बढ़कर मार्च 2026 में 63.66 करोड़ रुपये पहुंच गया। यानी सालाना आधार पर लगभग 221 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज हुई।
वहीं नेट प्रॉफिट भी 1.51 करोड़ रुपये से बढ़कर 9.38 करोड़ रुपये हो गया। यह दिखाता है कि कंपनी केवल बिक्री बढ़ाने में ही नहीं बल्कि मुनाफा सुधारने में भी सफल रही है।
कंपनी के प्रमुख वित्तीय संकेतक
कंपनी के कुछ प्रमुख फाइनेंशियल इंडिकेटर भी निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत दे रहे हैं।
- ROCE (Return on Capital Employed): 15.3%
- ROE (Return on Equity): 11.6%
- Debt to Equity Ratio: 0.36
- Dividend Payout Ratio: 41%
कम डेट-टू-इक्विटी अनुपात यह दर्शाता है कि कंपनी पर कर्ज का दबाव सीमित है। वहीं डेब्टर डेज भी 26.4 दिनों से घटकर 20.5 दिन हो गए हैं, जो बेहतर वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट का संकेत माना जाता है।
क्या करती है कंपनी?
Kotyark Industries मुख्य रूप से बायोडीजल और उससे जुड़े उत्पादों के उत्पादन और ट्रेडिंग के कारोबार में सक्रिय है। कंपनी वेस्ट कुकिंग ऑयल, वेजिटेबल ऑयल और एनिमल फैट का इस्तेमाल करके बायोडीजल तैयार करती है।
इसके अलावा कंपनी क्रूड ग्लिसरीन जैसे बाय-प्रोडक्ट्स का भी कारोबार करती है। रिन्यूएबल एनर्जी के तहत कंपनी सोलर सेगमेंट से जुड़ी गतिविधियों में भी सक्रिय है।
भारत सरकार लगातार ग्रीन फ्यूल, एथेनॉल ब्लेंडिंग और क्लीन एनर्जी सेक्टर को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में बायोडीजल कंपनियों को आने वाले वर्षों में संभावित ग्रोथ सेक्टर माना जा रहा है।
क्यों बढ़ रही है ग्रीन एनर्जी स्टॉक्स में दिलचस्पी?
हाल के महीनों में निवेशकों का झुकाव रिन्यूएबल एनर्जी और क्लीन फ्यूल कंपनियों की ओर तेजी से बढ़ा है। इसके पीछे कई कारण हैं:
- भारत का नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य
- फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता कम करने की नीति
- ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स में सरकारी निवेश
- वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा
- ESG आधारित निवेश की बढ़ती मांग
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में बायोडीजल और ग्रीन फ्यूल सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों को लंबी अवधि में फायदा मिल सकता है।
बोनस इश्यू का निवेशकों पर क्या असर पड़ता है?
बोनस इश्यू में कंपनी अपने मौजूदा शेयरधारकों को अतिरिक्त शेयर मुफ्त में देती है। इससे निवेशकों के पास शेयरों की संख्या बढ़ जाती है, हालांकि कंपनी का कुल मार्केट वैल्यू तुरंत नहीं बदलता।
आमतौर पर बोनस इश्यू के बाद:
- शेयर की कीमत एडजस्ट होती है
- लिक्विडिटी बढ़ती है
- छोटे निवेशकों की भागीदारी बढ़ सकती है
- बाजार में सकारात्मक धारणा बनती है
हालांकि सिर्फ बोनस इश्यू के आधार पर निवेश निर्णय लेना सही नहीं माना जाता। कंपनी की कमाई, बिजनेस मॉडल, सेक्टर ग्रोथ और वैल्यूएशन को भी ध्यान में रखना जरूरी होता है।
निवेशकों की नजर अब रिकॉर्ड डेट पर
कंपनी के बोनस इश्यू ऐलान के बाद अब बाजार की नजर रिकॉर्ड डेट और आगे आने वाले कॉरपोरेट अपडेट्स पर बनी हुई है। मजबूत तिमाही नतीजों और ग्रीन एनर्जी थीम के चलते यह माइक्रो-कैप स्टॉक फिलहाल निवेशकों के रडार पर आ गया है।
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