भारत में एलपीजी सिलेंडर की कीमतें एक बार फिर चर्चा में हैं। 10 मई 2026 को मुंबई में घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) की कीमत ₹912.50 दर्ज की गई, जबकि कमर्शियल LPG सिलेंडर (19 किलोग्राम) का भाव बढ़कर ₹3,024 पहुंच गया।
सबसे बड़ी बात यह रही कि कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में पिछले महीने के मुकाबले लगभग ₹993 की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय ईंधन कीमतों, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और वैश्विक गैस बाजार में उतार-चढ़ाव का असर घरेलू LPG बाजार पर दिखाई दे रहा है।
आज भारत में कितना है LPG सिलेंडर का रेट?
मुंबई LPG रेट
| सिलेंडर प्रकार | आज का रेट |
|---|---|
| घरेलू LPG (14.2 Kg) | ₹912.50 |
| कमर्शियल LPG (19 Kg) | ₹3,024.00 |
घरेलू LPG क्यों रहा स्थिर?
घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत मार्च 2026 से ₹912.50 पर स्थिर बनी हुई है। हालांकि पिछले 12 महीनों में घरेलू सिलेंडर की कीमतों में कुल ₹60 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ कम रखने की कोशिश कर रही है।
कमर्शियल सिलेंडर में इतनी बड़ी बढ़ोतरी क्यों?
कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में मई 2026 में लगभग ₹993 की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार:
- अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों में तेजी
- होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर की मांग
- डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी
- आयात लागत में बढ़ोतरी
इसकी बड़ी वजहें मानी जा रही हैं।
प्रमुख शहरों में आज का LPG रेट
घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें
| शहर | घरेलू LPG | कमर्शियल LPG |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹913.00 | ₹3,071.50 |
| मुंबई | ₹912.50 | ₹3,024.00 |
| कोलकाता | ₹939.00 | ₹3,202.00 |
| चेन्नई | ₹928.50 | ₹3,237.00 |
| गुरुग्राम | ₹921.50 | ₹3,088.00 |
| नोएडा | ₹910.50 | ₹3,071.50 |
| बेंगलुरु | ₹915.50 | ₹3,152.00 |
| हैदराबाद | ₹965.00 | ₹3,315.00 |
| जयपुर | ₹916.50 | ₹3,099.00 |
| लखनऊ | ₹950.50 | ₹3,194.00 |
| पटना | ₹1,002.50 | ₹3,346.50 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹922.00 | ₹3,106.00 |
[source: Goodreturns]
किन शहरों में सबसे महंगा है घरेलू LPG?
आज के आंकड़ों के अनुसार पटना में घरेलू LPG सिलेंडर सबसे महंगा रहा।
पटना में 14.2 किलो LPG सिलेंडर का भाव: ₹1,002.50 दर्ज किया गया।
आम आदमी पर कितना असर डालती हैं LPG कीमतें?
भारत में लगभग हर घर में LPG का इस्तेमाल खाना बनाने के लिए किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार घरेलू गैस कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग की मासिक रसोई लागत पर पड़ता है।
सरकार की LPG सब्सिडी कैसे काम करती है?
भारत सरकार घरेलू LPG उपभोक्ताओं को सब्सिडी उपलब्ध कराती है। यह सब्सिडी सीधे उपभोक्ताओं के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार सब्सिडी राशि हर महीने बदल सकती है क्योंकि यह:
- अंतरराष्ट्रीय LPG कीमतों
- डॉलर-रुपया विनिमय दर
- सरकारी नीतियों
पर निर्भर करती है।
होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर पर कितना असर?
कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का असर:
- होटल
- रेस्टोरेंट
- ढाबा
- कैटरिंग
- फूड बिजनेस
पर सीधे पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इससे खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का कितना असर पड़ता है?
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इसी वजह से वैश्विक LPG market में उतार-चढ़ाव का असर घरेलू कीमतों पर भी दिखाई देता है।
अगर अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों में तेजी आती है, तो भारत में LPG महंगा हो सकता है।
डॉलर और रुपये की चाल क्यों है अहम?
LPG आयात डॉलर में किया जाता है। अगर डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है, तो आयात लागत बढ़ जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार यही वजह है कि कई बार वैश्विक कीमतें स्थिर रहने के बावजूद घरेलू LPG कीमतों में दबाव बना रह सकता है।
क्या आगे और बढ़ सकते हैं दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले महीनों में:
- वैश्विक गैस बाजार
- crude oil prices
- डॉलर इंडेक्स
- पश्चिम एशिया की स्थिति
- सरकारी सब्सिडी नीति
LPG कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अगर वैश्विक ऊर्जा बाजार में तेजी बनी रहती है, तो घरेलू LPG कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है।
क्या महंगा हो सकता है बाहर खाना?
कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का असर होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- ढाबा
- रेस्टोरेंट
- कैटरिंग
- स्ट्रीट फूड बिजनेस
जैसे सेक्टरों की operating cost बढ़ सकती है।
ऐसी स्थिति में खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों पर भी दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।
घरेलू बजट पर कितना असर?
मध्यम वर्गीय परिवारों के मासिक खर्च में LPG सिलेंडर एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
विशेषज्ञों के अनुसार घरेलू गैस कीमतों में बढ़ोतरी सीधे रसोई बजट को प्रभावित करती है। खासतौर पर निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों के लिए LPG कीमतों में बदलाव बड़ा आर्थिक असर डाल सकता है।
उज्ज्वला योजना से कितने घर जुड़े?
सरकार की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के जरिए करोड़ों परिवारों तक LPG कनेक्शन पहुंचाए गए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार इस योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
हालांकि LPG कीमतों में बढ़ोतरी affordability को प्रभावित कर सकती है।
अंतरराष्ट्रीय गैस बाजार में क्या चल रहा है?
वैश्विक energy market में लगातार volatility बनी हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- geopolitical tensions
- crude oil prices
- global LNG demand
- supply chain disruptions
का असर अंतरराष्ट्रीय LPG कीमतों पर दिखाई दे रहा है। इसी वजह से घरेलू LPG market भी दबाव में बना रह सकता है।
डॉलर और आयात लागत क्यों हैं अहम?
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। अगर डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है, तो LPG import महंगा हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार यही वजह है कि कई बार अंतरराष्ट्रीय कीमतें स्थिर रहने के बावजूद घरेलू LPG कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
क्या भविष्य में बदल सकती है cooking fuel market?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में:
- electric cooking appliances
- solar cooking solutions
- green energy technologies
धीरे-धीरे cooking fuel market को प्रभावित कर सकते हैं।
हालांकि फिलहाल भारत में LPG सबसे व्यापक और लोकप्रिय cooking fuel बना हुआ है।
सरकार के लिए क्यों अहम है LPG subsidy balance?
विशेषज्ञों के अनुसार सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती उपभोक्ताओं को राहत देने और fiscal burden को संतुलित रखने की होती है।
अगर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो subsidy burden बढ़ सकता है।
क्या आगे और बढ़ सकते हैं दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में:
- वैश्विक गैस कीमतें
- crude oil trend
- डॉलर इंडेक्स
- पश्चिम एशिया की स्थिति
- सरकारी subsidy policy
LPG बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। अगर वैश्विक ऊर्जा बाजार में तेजी बनी रहती है, तो घरेलू LPG कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है।
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