देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह तेज उछाल नहीं बल्कि “स्थिरता के बीच हल्की हलचल” है। 28 अप्रैल 2026 को जारी ताजा दरों के मुताबिक, अधिकतर शहरों में कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई हैं, हालांकि मुंबई में पेट्रोल के दाम में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। इसके बावजूद घरेलू स्तर पर तेल कंपनियां कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे में सवाल उठता है—क्या यह स्थिरता आगे भी बनी रहेगी या आने वाले महीनों में आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ सकता है?
देश के प्रमुख शहरों में आज के पेट्रोल-डीजल के दाम
अगर आप अपने शहर के ताजा रेट जानना चाहते हैं, तो 28 अप्रैल 2026 को प्रमुख शहरों में कीमतें इस प्रकार हैं:
नई दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल ₹87.67 है।
मुंबई में पेट्रोल ₹103.54 प्रति लीटर और डीजल ₹90.03 पर स्थिर है।
कोलकाता में पेट्रोल ₹105.41 और डीजल ₹92.02 प्रति लीटर है।
बेंगलुरु में पेट्रोल ₹102.99 और डीजल ₹91.06 है।
चेन्नई में पेट्रोल ₹100.80 और डीजल ₹92.39 प्रति लीटर बिक रहा है।
पटना में पेट्रोल ₹105.23 और डीजल ₹91.49 है।
जयपुर में पेट्रोल ₹105.13 और डीजल ₹90.57 दर्ज किया गया है।
तिरुवनंतपुरम में पेट्रोल ₹107.48 और डीजल ₹96.38 है, जो सबसे महंगे शहरों में शामिल है।
चंडीगढ़ में पेट्रोल ₹94.30 और डीजल ₹82.45 प्रति लीटर है।
इन आंकड़ों से साफ है कि अलग-अलग राज्यों में टैक्स और अन्य कारणों से कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिलता है।
पिछले 10 दिनों का ट्रेंड: स्थिरता या छिपा हुआ दबाव?
अगर हाल के दिनों का ट्रेंड देखें, तो कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। खासकर मुंबई जैसे बड़े शहर में पेट्रोल ₹103.50 से ₹103.54 के बीच ही बना हुआ है।
डीजल की कीमतें तो और भी ज्यादा स्थिर रही हैं, जो यह संकेत देती हैं कि तेल कंपनियां फिलहाल कीमतों को संतुलित रखने की रणनीति पर काम कर रही हैं।
कीमतें स्थिर क्यों हैं?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम अचानक नहीं बढ़े हैं। इसके पीछे सरकार और तेल कंपनियों की संतुलित नीति है।
तेल विपणन कंपनियां वैश्विक कीमतों को सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डालतीं, बल्कि धीरे-धीरे एडजस्ट करती हैं। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स भी कीमतों को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
रुपये और डॉलर के बीच विनिमय दर भी कीमतों को प्रभावित करती है। फिलहाल इन सभी कारकों के बीच संतुलन बना हुआ है।
क्या आने वाले समय में बढ़ेंगे दाम?
हालांकि अभी स्थिति स्थिर है, लेकिन भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं या सप्लाई में कोई बाधा आती है, तो पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले महीनों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, लेकिन फिलहाल कोई बड़ा झटका नहीं है।
निष्कर्ष: अभी राहत, लेकिन सतर्क रहना जरूरी
28 अप्रैल 2026 को पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं, जो आम लोगों के लिए राहत की बात है। लेकिन यह स्थिरता स्थायी नहीं है, क्योंकि वैश्विक बाजार का दबाव लगातार बना हुआ है।
यानी अभी राहत जरूर है, लेकिन आने वाले समय में हालात बदल सकते हैं। इसलिए सिर्फ आज की कीमतों पर नहीं, बल्कि ट्रेंड पर नजर रखना ज्यादा जरूरी है।
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