मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर 28 अप्रैल 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। पिछले कुछ दिनों से तेजी दिखा रहे कीमती धातुओं के बाजार में अचानक आई इस कमजोरी ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि सोना और चांदी दोनों दबाव में आ गए?
MCX पर आज के लेटेस्ट रेट
मंगलवार सुबह करीब 9:20 बजे:
- सोना (जून कॉन्ट्रैक्ट): 0.08% गिरकर ₹1,51,603 प्रति 10 ग्राम
- चांदी (मई कॉन्ट्रैक्ट): 0.45% गिरकर ₹2,40,728 प्रति किलोग्राम
यह गिरावट भले ही मामूली दिख रही हो, लेकिन इसके पीछे के कारण बड़े और ग्लोबल स्तर से जुड़े हुए हैं।
गिरावट की बड़ी वजह: ईरान-अमेरिका तनाव
कमोडिटी मार्केट में हलचल की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक Donald Trump ईरान के प्रस्तावों से संतुष्ट नहीं हैं, खासकर उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर।
दूसरी ओर, ईरान ने भी सख्त रुख अपनाया है और साफ कहा है कि जब तक अमेरिका प्रतिबंध नहीं हटाता, तब तक Strait of Hormuz को पूरी तरह खोलने का सवाल नहीं उठता।
यह जलडमरूमध्य दुनिया की तेल सप्लाई का अहम रास्ता है। यहां तनाव बढ़ने का सीधा असर ग्लोबल मार्केट्स पर पड़ता है—और इसी का असर सोने-चांदी पर भी दिख रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर कई स्तर पर पड़ता है:
- महंगाई बढ़ने की आशंका
- डॉलर इंडेक्स मजबूत होता है
- निवेशक सेफ-हैवन एसेट्स से दूरी बनाते हैं
यहां समझने वाली बात यह है कि जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोने की कीमतों पर दबाव बनता है—क्योंकि गोल्ड डॉलर में ही ट्रेड होता है।
डॉलर इंडेक्स की मजबूती
डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती भी सोने की गिरावट का बड़ा कारण है। मजबूत डॉलर का मतलब यह होता है कि अन्य करेंसी के मुकाबले डॉलर महंगा हो गया है, जिससे गोल्ड खरीदना महंगा पड़ता है और मांग घट जाती है।
ग्लोबल सेंट्रल बैंकों के फैसलों पर नजर
इस हफ्ते पूरी दुनिया के निवेशकों की नजर बड़े सेंट्रल बैंकों पर टिकी है, खासकर Federal Reserve के फैसले पर।
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक:
- फेड 29 अप्रैल को ब्याज दरों पर फैसला ले सकता है
- उम्मीद है कि दरें फिलहाल स्थिर रह सकती हैं
- साथ ही Bank of Japan, European Central Bank और Bank of England भी इस हफ्ते नीतिगत घोषणाएं करेंगे
इन फैसलों से तय होगा कि आगे कमोडिटी मार्केट किस दिशा में जाएगा।
आगे क्या रहेगा रुख?
विश्लेषकों का मानना है कि अगर मौजूदा परिस्थितियां बनी रहती हैं, तो MCX गोल्ड जून कॉन्ट्रैक्ट ₹1,51,100 प्रति 10 ग्राम तक फिसल सकता है। यानी अभी और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
हालांकि, अगर भू-राजनीतिक तनाव कम होता है या डॉलर कमजोर पड़ता है, तो सोना फिर से संभल सकता है।
निवेशकों के लिए सलाह
इस समय बाजार काफी अस्थिर है। ऐसे में:
- जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचें
- ग्लोबल संकेतों पर नजर रखें
- विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही निर्णय लें
निष्कर्ष
MCX पर सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट केवल घरेलू कारणों की वजह से नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैश्विक कारक जैसे ईरान-अमेरिका तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और डॉलर की मजबूती शामिल हैं। आने वाले दिनों में सेंट्रल बैंकों के फैसले और भू-राजनीतिक स्थिति बाजार की दिशा तय करेंगे।
Disclaimer: यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
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