भारत सरकार का ब्लॉकचेन मिशन 2025 पारदर्शिता, सुरक्षा और गति पर केंद्रित है। जानिए Vishvasya Stack, Digital Rupee (CBDC) और राज्य स्तर की ब्लॉकचेन पहलों के बारे में।
2025 तक भारत सरकार ने ब्लॉकचेन तकनीक को अपनाने और विस्तार देने के लिए कई महत्त्वपूर्ण पहलें शुरू की हैं। चलिए देखते हैं कि ये प्रयास किन-किन पहलुओं को कवर करते हैं:
1. National Blockchain Framework – Vishvasya Stack
- Vishvasya को Ministry of Electronics and IT (MeitY) द्वारा National Blockchain Framework (NBF) के रूप में लॉन्च किया गया है। यह Blockchain-as-a-Service (BaaS) प्लेटफॉर्म प्रदान करता है, जो सरकारी विभागों, स्टार्टअप्स और अकादमिक संस्थानों को ब्लॉकचेन आधारित एप्लिकेशन विकसित करने में मदद करता है।
इसके मुख्य घटक:- NBFLite: एक हल्का ब्लॉकचेन प्लेटफॉर्म, स्टार्टअप्स और अकादेमिया के लिए उपयुक्त।
- Praamaanik: मोबाइल ऐप्स की सत्यता की जांच के लिए ब्लॉकचेन आधारित समाधान।
- National Blockchain Portal: ब्लॉकचेन संबंधी सभी पहलों का केंद्रीकृत पोर्टल।
यह फ्रेमवर्क कई NIC डेटा सेंटरों में होस्ट किया गया है और इसमें सुरक्षा, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स और API गेटवे जैसे फीचर्स शामिल हैं।
2. लागू क्षेत्र और उपयोग
- लैंड रिकॉर्ड्स (चंडीगढ़, तेलंगाना में पायलट), डिजिटल कॉमर्स, और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों (जैसे AKTU द्वारा डिग्री प्रमाणन) में ब्लॉकचेन का उपयोग शुरू हो चुका है।
3. डिजिटल मुद्रा – Digital Rupee (CBDC)
- RBI और MeitY ने Central Bank Digital Currency (CBDC) यानी डिजिटल रुपये के लिए संरचना विकसित की है।
- यह डिजिटल मुद्रा सरकार की welfare schemes में सब्सिडी के सीधे डिजिटल ट्रांसफर और ट्रैकिंग में मददगार हो सकती है।
4. नियामकीय रूपरेखा और ब्लॉकचेन अपनाने की नीति
- अंतर्राष्ट्रीय Financial Services Centres Authority (IFSCA) 2025 में ब्लॉकचेन और टोकनकरण पर नियम-मंत्रणा रिपोर्ट पेश कर रहा है, जो ब्लॉकचेन के लिए स्पष्ट नियामकीय मार्गदर्शक होगा।
5. राज्य स्तर की पहलें
- तेलंगाना सरकार ने ब्लॉकचेन को वास्तविक दुनिया में अपनाने और remote voting जैसे उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रयास शुरू किए हैं।
- महाराष्ट्र ने ‘MahaAgri-AI Policy 2025-2029’ में ब्लॉकचेन द्वारा कृषि उत्पादों का ट्रेसिंग (traceability) शुरू किया है, खासकर export-quality prodcuts के लिए:**
6. राष्ट्रीय स्तर पर सशक्तिकरण और स्किल डेवलपमेंट
- NIC (National Informatics Centre) ने बेंगलुरु में ब्लॉकचेन में Centre of Excellence (CoE) स्थापित किया है, जो ब्लॉकचेन पर शोध और विशेषज्ञता विकसित करता है।
सारांश टेबल:
| पहल | विवरण |
|---|---|
| Vishvasya Stack | BaaS प्लेटफॉर्म—NBFLite, Praamaanik, National Portal |
| लागू क्षेत्र | लैंड रिकॉर्ड, डिजिटल कॉमर्स, शिक्षा (AKTU) |
| Digital Rupee (CBDC) | सब्सिडी ट्रांसफर और वित्तीय सेवाओं के लिए |
| नियामक रिपोर्ट (IFSCA) | टोकनकरण और ब्लॉकचेन पर सलाह |
| राज्य स्तर (तेलंगाना, महाराष्ट्र) | Remote voting और कृषि ट्रेसिंग |
| NIC CoE | ब्लॉकचेन रिसर्च और कौशल विकास |
निष्कर्ष

भारत सरकार ब्लॉकचेन तकनीक को विकास, सुरक्षा, पारदर्शिता और वित्तीय समावेशन जैसे क्षेत्रों में अपनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इस मिशन में:
- Vishvasya स्टैक BaaS के जरिए ब्लॉकचेन एक्सपीरियंस को लोकतांत्रिक कर रहा है।
- CBDC डिजिटल वित्तीय योजनाओं की नींव मजबूत बना रहा है।
- राज्यों का योगदान और CoE रिसर्च और अपनाने की गति को आगे बढ़ा रहे हैं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1: भारत सरकार का ब्लॉकचेन मिशन 2025 क्या है?
A1: यह मिशन सरकारी सेवाओं और योजनाओं में ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने का रोडमैप है। इसमें पारदर्शिता, सुरक्षा और गति पर ज़ोर दिया गया है।
Q2: Vishvasya Stack क्या है?
A2: Vishvasya Stack, भारत सरकार का National Blockchain Framework है। यह Blockchain-as-a-Service (BaaS) प्लेटफॉर्म है, जो स्टार्टअप्स, सरकारी विभागों और अकादमिक संस्थानों को ब्लॉकचेन आधारित एप्लिकेशन बनाने में मदद करता है।
Q3: ब्लॉकचेन का उपयोग सरकारी योजनाओं में कहाँ होगा?
A3: लैंड रिकॉर्ड्स, पेंशन और सब्सिडी ट्रांसफर, डिजिटल कॉमर्स, शिक्षा प्रमाणपत्र, हेल्थकेयर और वोटिंग सिस्टम में।
Q4: Digital Rupee (CBDC) ब्लॉकचेन मिशन का हिस्सा है क्या?
A4: हाँ, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और MeitY ने डिजिटल रुपया (CBDC) विकसित किया है, जो सरकारी सब्सिडी और वित्तीय लेन-देन को पारदर्शी और तेज़ बनाएगा।
Q5: क्या राज्य सरकारें भी ब्लॉकचेन अपना रही हैं?
A5: हाँ, जैसे तेलंगाना ने remote voting के लिए ब्लॉकचेन की पहल की है और महाराष्ट्र ने कृषि उत्पादों की traceability के लिए इसका इस्तेमाल शुरू किया है।
Q6: ब्लॉकचेन मिशन से आम नागरिक को क्या फायदा होगा?
A6: नागरिकों को योजनाओं का लाभ सीधे, पारदर्शी और समय पर मिलेगा। भ्रष्टाचार और देरी कम होगी और डेटा ज्यादा सुरक्षित रहेगा।
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