Purple Style Labs IPO Listing: लग्जरी फैशन और डिजाइनर वियर प्लेटफॉर्म पर्पल स्टाइल लैब्स के शेयरों की शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत हुई है। ₹575 के इश्यू प्राइस के मुकाबले कंपनी के शेयर BSE पर ₹539 और NSE पर ₹535 के भाव पर लिस्ट हुए। यानी IPO में शेयर पाने वाले निवेशकों को शुरुआत में ही करीब 6% का नुकसान उठाना पड़ा। लिस्टिंग के बाद शेयर में कुछ रिकवरी जरूर देखने को मिली, लेकिन निवेशकों के लिए लिस्टिंग गेन का मौका नहीं बना।
पर्पल स्टाइल लैब्स का IPO निवेशकों के बीच भी ज्यादा उत्साह पैदा नहीं कर पाया था। ₹680 करोड़ के इस इश्यू को कुल मिलाकर 1.36 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। रिटेल निवेशकों की तरफ से अपेक्षाकृत बेहतर भागीदारी रही, जबकि NII कैटेगरी पूरी तरह सब्सक्राइब नहीं हो सकी।
ऐसे में लिस्टिंग के बाद निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि कंपनी का कारोबार आगे किस दिशा में जाता है और IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी किस तरह करती है।
लिस्टिंग के बाद शेयर में दिखी रिकवरी
₹575 के IPO प्राइस के मुकाबले Purple Style Labs के शेयरों ने BSE पर ₹539 और NSE पर ₹535 से कारोबार शुरू किया। इस तरह BSE पर लिस्टिंग करीब 6.26% और NSE पर करीब 6.96% नीचे रही।
लिस्टिंग के बाद शेयर में शुरुआती कमजोरी के बाद कुछ सुधार भी देखने को मिला। BSE पर शेयर ₹546 के आसपास कारोबार करता नजर आया। इस स्तर पर भी IPO निवेशक करीब 5% के नुकसान में रहे।
यानी कंपनी के शेयरों की बाजार में एंट्री निवेशकों की उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही। IPO में शेयर पाने वाले निवेशकों को लिस्टिंग के दिन ही मुनाफे के बजाय नुकसान का सामना करना पड़ा।
1.36 गुना ही सब्सक्राइब हुआ था IPO
Purple Style Labs का ₹680 करोड़ का IPO सब्सक्रिप्शन के लिए 31 अगस्त से 2 सितंबर तक खुला था। इश्यू को निवेशकों की ओर से मिला-जुला रिस्पांस मिला और यह कुल 1.36 गुना सब्सक्राइब हुआ।
कैटेगरी के हिसाब से देखें तो क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB का हिस्सा एक्स-एंकर आधार पर 1.50 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स यानी NII का हिस्सा सिर्फ 0.89 गुना भर पाया। रिटेल निवेशकों की कैटेगरी को 1.66 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
इससे साफ है कि IPO को लेकर निवेशकों के बीच बहुत मजबूत उत्साह नहीं था और लिस्टिंग से पहले ही कंपनी के वैल्यूएशन और वित्तीय प्रदर्शन को लेकर सावधानी देखने को मिली।
IPO से मिले पैसों का क्या करेगी कंपनी?
Purple Style Labs के IPO में सिर्फ नए शेयर जारी किए गए हैं। यानी इस इश्यू से जुटाई गई पूरी रकम कंपनी को मिलेगी और इसका इस्तेमाल कारोबार से जुड़े अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
कंपनी के मुताबिक IPO से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल इस तरह किया जाएगा:
| इस्तेमाल | रकम |
|---|---|
| PSL Retail में निवेश | ₹371.13 करोड़ |
| सेल्स और मार्केटिंग | ₹138.90 करोड़ |
| सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्य | ₹103.13 करोड़ |
| IPO से जुड़े खर्च | ₹66.84 करोड़ |
सबसे बड़ा हिस्सा कंपनी अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी PSL Retail में लगाएगी। इसके अलावा सेल्स और मार्केटिंग पर करीब ₹138.90 करोड़ खर्च करने की योजना है। कंपनी का मानना है कि इससे उसके ब्रांड और कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
क्या करती है Purple Style Labs?
Purple Style Labs एक मल्टी-ब्रांड लग्जरी ओमनी-चैनल फैशन प्लेटफॉर्म है। कंपनी Pernia’s Pop-Up Shop के जरिए लग्जरी फैशन प्रोडक्ट्स बेचती है।
इसके प्लेटफॉर्म पर पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के कपड़ों के साथ-साथ ज्वैलरी और फैशन एक्सेसरीज भी उपलब्ध हैं। कंपनी का खास फोकस शादी, सेलिब्रेशन और दूसरे खास मौकों के लिए इस्तेमाल होने वाले लग्जरी फैशन प्रोडक्ट्स पर है।
मार्च 2026 तक कंपनी के प्लेटफॉर्म पर 1,109 एक्टिव डिजाइनर ब्रांड्स मौजूद थे। कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को भारत के अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी बेचती है।
भारत समेत विदेशों में हैं एक्सपीरिएंस सेंटर
31 मार्च 2026 तक Purple Style Labs के कुल 14 एक्सपीरिएंस सेंटर थे। इनमें भारत में 12, लंदन में 1 और न्यूयॉर्क में 1 एक्सपीरिएंस सेंटर शामिल था।
कंपनी का कारोबार सिर्फ फिजिकल स्टोर्स तक सीमित नहीं है। यह ओमनी-चैनल मॉडल पर काम करती है, जिसमें एक्सपीरिएंस सेंटर के साथ वेबसाइट, मोबाइल ऐप, टेलीफोन और डिजिटल सेल्स चैनल शामिल हैं।
इसके अलावा कंपनी इवेंट्स और एग्जिबिशन के जरिए भी ग्राहकों तक पहुंच बनाने की कोशिश करती है। इस मॉडल का उद्देश्य ग्राहकों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से लग्जरी फैशन खरीदने का विकल्प देना है।
लगातार बढ़ रहा है कंपनी का घाटा
Purple Style Labs के IPO के बाद निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता कंपनी की वित्तीय स्थिति हो सकती है। उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक कंपनी को पिछले तीन वित्त वर्षों में लगातार बढ़ते घाटे का सामना करना पड़ा है।
वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का शुद्ध घाटा ₹47.71 करोड़ था। यह वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर ₹188.38 करोड़ हो गया। इसके बाद वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का शुद्ध घाटा और बढ़कर ₹285.40 करोड़ पहुंच गया।
यानी तीन साल में कंपनी के घाटे में काफी तेज बढ़ोतरी हुई है।
दूसरी ओर, कंपनी की कुल आय में भी उतार-चढ़ाव रहा। वित्त वर्ष 2024 में कुल आय ₹510.03 करोड़ थी, जो वित्त वर्ष 2025 में घटकर ₹494 करोड़ रह गई। हालांकि वित्त वर्ष 2026 में इसमें सुधार हुआ और कुल आय बढ़कर ₹567.07 करोड़ हो गई।
इसका मतलब यह है कि आय में सुधार के बावजूद कंपनी अभी मुनाफे में नहीं पहुंच पाई है और घाटा लगातार बढ़ा है।
कंपनी पर ₹371 करोड़ से ज्यादा का कर्ज
कंपनी की वित्तीय स्थिति को समझने के लिए उसके कर्ज पर भी नजर डालना जरूरी है। 31 मार्च 2026 तक Purple Style Labs पर कुल करीब ₹371.40 करोड़ का कर्ज था।
एक तरफ कंपनी की आय बढ़ाने और कारोबार का विस्तार करने की कोशिश जारी है, वहीं दूसरी तरफ बढ़ता घाटा और कर्ज निवेशकों के लिए जोखिम का संकेत हो सकता है।
यही वजह है कि लिस्टिंग के बाद निवेशकों के लिए सिर्फ शेयर की कीमत देखना पर्याप्त नहीं होगा। कंपनी की बिक्री में बढ़ोतरी, घाटे में कमी, कैश फ्लो और कर्ज की स्थिति जैसे आंकड़े आगे शेयर के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
Purple Style Labs की बाजार में कमजोर लिस्टिंग ने यह संकेत दिया है कि निवेशकों ने कंपनी के वैल्यूएशन और वित्तीय प्रदर्शन को लेकर सावधानी बरती है। हालांकि, IPO की लिस्टिंग कमजोर होने का मतलब यह नहीं है कि शेयर का भविष्य भी निश्चित रूप से खराब रहेगा।
कंपनी के पास लग्जरी फैशन सेगमेंट में स्थापित ब्रांड नेटवर्क, ओमनी-चैनल बिजनेस मॉडल और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार की संभावना है। लेकिन दूसरी तरफ लगातार बढ़ता घाटा और कर्ज बड़ी चुनौतियां हैं।
इसलिए शेयर में नई खरीदारी से पहले निवेशकों को कंपनी के आगामी तिमाही नतीजों, घाटे में कमी, राजस्व वृद्धि और IPO से मिले फंड के इस्तेमाल पर नजर रखनी चाहिए। खासतौर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी अपने कारोबार को कब तक मुनाफे में ला पाती है।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों और जोखिमों का स्वतंत्र रूप से आकलन करें तथा जरूरत होने पर सेबी-पंजीकृत निवेश सलाहकार की सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी शेयर में निवेश की सलाह या खरीद-बिक्री का सुझाव नहीं देता।


