GIFT Nifty Trend: भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार की शुरुआत कमजोर रहने के संकेत मिल रहे हैं। बाजार खुलने से पहले GIFT निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, एशियाई बाजारों में तेजी और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की मजबूत खरीदारी भारतीय बाजार को कुछ सहारा दे सकती है।
दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा अमेरिका की मजबूत जॉब्स रिपोर्ट के बाद फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में भी बदलाव आया है।
GIFT Nifty में गिरावट
सोमवार सुबह GIFT निफ्टी करीब 47 अंक यानी 0.20 फीसदी की गिरावट के साथ 23,963 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। GIFT निफ्टी के इस प्रदर्शन से संकेत मिल रहे हैं कि घरेलू बाजार की शुरुआत दबाव के साथ हो सकती है।
हालांकि, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने लगातार चार कारोबारी सत्रों की गिरावट पर ब्रेक लगाया था। मेटल, ऑयल एंड गैस और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार में मजबूती देखने को मिली।
शुक्रवार को कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 362.57 अंक यानी 0.48 फीसदी चढ़कर 76,515.43 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 24.25 अंक यानी 0.10 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 23,897.70 पर रहा।
एशियाई बाजारों में तेजी से मिला सहारा
सोमवार को ज्यादातर एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है। मजबूत अमेरिकी जॉब्स डेटा को वैश्विक अर्थव्यवस्था की मजबूती के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
जापान का निक्केई करीब 2 फीसदी चढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी में लगभग 3 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI इंडेक्स भी करीब 0.9 फीसदी ऊपर रहा।
हालांकि, मजबूत अमेरिकी रोजगार आंकड़े बाजार के लिए पूरी तरह सकारात्मक नहीं हैं। मजबूत रोजगार से अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को ऊंचा रखने या बढ़ाने की संभावना बढ़ सकती है।
फेड की ब्याज दरों पर बाजार की नजर
अमेरिका के मजबूत जॉब्स डेटा के बाद अब निवेशकों का ध्यान फेडरल रिजर्व की अगली बैठक पर है। बाजार में सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना को लेकर भी चर्चा तेज हुई है।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ने से डॉलर को मजबूती मिल सकती है और इसका असर उभरते बाजारों पर पड़ सकता है। ऐसे में भारतीय शेयर बाजार में भी निवेशकों की सतर्कता बढ़ सकती है।
अमेरिका के शेयर बाजारों में गिरावट
शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी दबाव में रहे। मजबूत जॉब्स रिपोर्ट के बाद निवेशकों ने ब्याज दरों को लेकर चिंता जताई, जिसका असर प्रमुख इंडेक्स पर देखने को मिला।
कारोबार के अंत में:
- Dow Jones: 53,413.60, करीब 0.51 फीसदी नीचे
- S&P 500: 7,718.41, करीब 0.38 फीसदी नीचे
- Nasdaq Composite: 26,506.99, करीब 0.29 फीसदी नीचे
अमेरिकी बाजार में आई यह कमजोरी सोमवार को भारतीय बाजार की धारणा को भी प्रभावित कर सकती है।
अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चे तेल में उछाल
भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंताओं में से एक इस समय कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली है।
ब्रेंट क्रूड करीब 0.2 फीसदी बढ़कर 96.45 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। वहीं WTI क्रूड करीब 0.4 फीसदी चढ़कर 91.85 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए चिंता का विषय है। लंबे समय तक तेल महंगा रहने से आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।
FIIs ने बेचे 3,111 करोड़ रुपये के शेयर
विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार के लिए चुनौती बनी हुई है। NSE के आंकड़ों के अनुसार 4 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार में 3,111.94 करोड़ रुपये की बिकवाली की।
हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इस दौरान जोरदार खरीदारी की। DIIs ने 8,930.12 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
इससे पता चलता है कि घरेलू संस्थागत निवेशक बाजार में गिरावट के दौरान खरीदारी करके विदेशी निवेशकों की बिकवाली के दबाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक
बाजार की आगे की दिशा के लिए निफ्टी के कुछ महत्वपूर्ण तकनीकी स्तरों पर नजर रखना जरूरी होगा।
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के अनुसार, 24,000 से 24,200 का जोन निफ्टी के लिए निकटतम रेजिस्टेंस बना हुआ है। वहीं 23,800 का स्तर अहम सपोर्ट के तौर पर देखा जा रहा है।
अगर निफ्टी लगातार 24,200 के ऊपर टिकता है, तो शॉर्ट टर्म में बाजार की स्थिति मजबूत हो सकती है। दूसरी तरफ, अगर इंडेक्स 23,800 के नीचे फिसलता है, तो 23,600 के स्तर तक कमजोरी देखने को मिल सकती है।
निफ्टी के अहम स्तर
| स्तर | महत्व |
|---|---|
| 24,200 | मजबूत रेजिस्टेंस |
| 24,000 | प्रमुख रेजिस्टेंस जोन |
| 23,800 | अहम सपोर्ट |
| 23,600 | अगला सपोर्ट |
आज बाजार के लिए कौन से फैक्टर अहम रहेंगे?
सोमवार को निवेशकों की नजर मुख्य रूप से इन संकेतों पर रहेगी:
- GIFT Nifty का रुख
- कच्चे तेल की कीमतें
- अमेरिका-ईरान तनाव
- विदेशी निवेशकों की खरीद-बिकवाली
- घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी
- अमेरिकी फेड की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें
- 24,000-24,200 के आसपास निफ्टी की चाल
कुल मिलाकर, सोमवार को भारतीय शेयर बाजार के लिए ग्लोबल संकेत मिले-जुले हैं। एक तरफ एशियाई बाजारों में तेजी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बाजार को सहारा दे सकती है, वहीं GIFT निफ्टी में कमजोरी, महंगा कच्चा तेल और अमेरिका-ईरान तनाव निवेशकों को सतर्क रख सकते हैं।
निफ्टी के लिए 23,800 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। इसके ऊपर टिके रहने पर बाजार में रिकवरी की उम्मीद बनी रह सकती है, जबकि इसके नीचे कमजोरी बढ़ने पर 23,600 की ओर दबाव देखने को मिल सकता है।
डिस्क्लेमर
यह खबर बाजार से जुड़े उपलब्ध आंकड़ों और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। NewsJagran.in किसी भी निवेश निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।


