Credit Card For Students: कॉलेज स्टूडेंट्स के सामने अक्सर यह सवाल रहता है कि बिना नौकरी और नियमित कमाई के क्या उन्हें क्रेडिट कार्ड मिल सकता है? इसका जवाब है-हां, कुछ परिस्थितियों में छात्र बिना सैलरी के भी क्रेडिट कार्ड हासिल कर सकते हैं। इसके लिए सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड और ऐड-ऑन क्रेडिट कार्ड जैसे विकल्प मौजूद हैं।
नई दिल्ली: आज के समय में क्रेडिट कार्ड सिर्फ नौकरीपेशा लोगों तक सीमित नहीं रह गया है। ऑनलाइन शॉपिंग, टिकट बुकिंग, होटल रिजर्वेशन, EMI और रोजमर्रा के कई खर्चों में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों के मन में भी यह सवाल आ सकता है कि अगर उनके पास नौकरी या नियमित आय नहीं है, तो क्या वे अपने नाम पर क्रेडिट कार्ड ले सकते हैं?
आमतौर पर बैंक क्रेडिट कार्ड जारी करते समय आवेदक की आय, क्रेडिट हिस्ट्री और भुगतान क्षमता जैसी चीजों को देखते हैं। इसलिए नियमित कमाई नहीं होने पर सामान्य क्रेडिट कार्ड हासिल करना मुश्किल हो सकता है। हालांकि, छात्रों के लिए कुछ ऐसे विकल्प हैं जिनमें नौकरी या सैलरी स्लिप जरूरी नहीं होती।
छात्रों को बिना नौकरी के कैसे मिल सकता है क्रेडिट कार्ड?
बैंक की पात्रता और नियम अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए बिना नौकरी या नियमित आय वाले छात्रों के लिए क्रेडिट कार्ड लेने के दो प्रमुख विकल्प सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड और ऐड-ऑन क्रेडिट कार्ड हो सकते हैं।
इन दोनों विकल्पों की प्रक्रिया अलग है और कार्ड जारी करने का फैसला संबंधित बैंक की शर्तों पर निर्भर करता है।
1. FD के बदले मिलता है सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड
अगर किसी छात्र के पास नियमित आय नहीं है, तो वह फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के आधार पर सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड लेने का विकल्प देख सकता है।
इसमें बैंक में पहले एक FD करानी होती है। बैंक उस FD को सुरक्षा के तौर पर रखते हुए उसकी शर्तों के अनुसार क्रेडिट कार्ड जारी कर सकता है। FD की रकम और कार्ड की क्रेडिट लिमिट बैंक की पॉलिसी के मुताबिक अलग-अलग हो सकती है।
इस विकल्प की खास बात यह है कि सामान्य क्रेडिट कार्ड की तरह सैलरी स्लिप या नियमित आय का प्रमाण हर मामले में जरूरी नहीं होता। हालांकि, बैंक के अन्य KYC और पात्रता नियम पूरे करने पड़ सकते हैं।
FD बैंक के पास जमा रहती है और उस पर लागू नियमों के अनुसार ब्याज मिलता रहता है। अगर छात्र क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करता है, तो बिल का भुगतान समय पर करना जरूरी है।
सिक्योर्ड कार्ड लेने से पहले इन बातों का ध्यान रखें
- न्यूनतम FD की रकम बैंक के अनुसार अलग हो सकती है।
- क्रेडिट लिमिट बैंक की पॉलिसी के मुताबिक तय होती है।
- FD पर बैंक का lien/सुरक्षा अधिकार हो सकता है।
- क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर चुकाना जरूरी है।
- आवेदन करने से पहले बैंक की फीस और नियम जरूर जांचें।
2. माता-पिता के क्रेडिट कार्ड से मिल सकता है ऐड-ऑन कार्ड
छात्रों के लिए दूसरा विकल्प ऐड-ऑन क्रेडिट कार्ड हो सकता है। अगर माता-पिता के पास पहले से क्रेडिट कार्ड है, तो वे बैंक के नियमों के अनुसार अपने बच्चे के लिए अतिरिक्त कार्ड ले सकते हैं।
ऐड-ऑन कार्ड मुख्य कार्डधारक के क्रेडिट कार्ड अकाउंट से जुड़ा होता है। इसलिए छात्र को अलग से नियमित नौकरी या आय का प्रमाण देना जरूरी न हो, ऐसा संभव है। हालांकि, ऐड-ऑन कार्ड के लिए उम्र, दस्तावेज और अन्य पात्रता शर्तें बैंक के अनुसार अलग हो सकती हैं।
यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि ऐड-ऑन कार्ड पर होने वाला खर्च आमतौर पर मुख्य कार्ड अकाउंट से जुड़ा होता है। इसलिए खर्च की सीमा और भुगतान को लेकर माता-पिता और छात्र के बीच स्पष्ट समझ होना बेहतर है।
क्रेडिट कार्ड के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है?
क्रेडिट कार्ड के लिए बैंक आवेदक से KYC और अन्य जरूरी दस्तावेज मांग सकता है। छात्रों के मामले में दस्तावेज बैंक और कार्ड के प्रकार के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं।
आमतौर पर इनमें शामिल हो सकते हैं:
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- कॉलेज या यूनिवर्सिटी आईडी कार्ड
- एड्रेस प्रूफ
- पासपोर्ट साइज फोटो
- बैंक द्वारा मांगे गए अन्य KYC दस्तावेज
ध्यान दें: केवल दस्तावेज होने से क्रेडिट कार्ड मिलना तय नहीं होता। अंतिम मंजूरी बैंक की पात्रता शर्तों, KYC और आंतरिक क्रेडिट पॉलिसी के आधार पर होती है।
छात्रों को क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए?
क्रेडिट कार्ड में खर्च करने के बाद बिल का भुगतान करना होता है। इसलिए छात्रों को इसे अतिरिक्त कमाई या मुफ्त पैसे के तौर पर नहीं देखना चाहिए।
अगर कार्ड का बिल समय पर नहीं चुकाया जाता है, तो ब्याज और अन्य शुल्क लग सकते हैं। इसके अलावा, लगातार भुगतान में लापरवाही क्रेडिट प्रोफाइल पर भी असर डाल सकती है।
इसलिए छात्रों को कार्ड की लिमिट के भीतर ही खर्च करना चाहिए और हर महीने बिल की देय तारीख से पहले भुगतान करने की कोशिश करनी चाहिए।
निष्कर्ष
बिना नौकरी और नियमित सैलरी के छात्र के लिए सामान्य क्रेडिट कार्ड हासिल करना आसान नहीं हो सकता, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोई विकल्प मौजूद नहीं है। FD के आधार पर सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड और माता-पिता के क्रेडिट कार्ड से ऐड-ऑन कार्ड ऐसे विकल्प हैं जिन्हें छात्र अपनी जरूरत और बैंक की पात्रता के अनुसार देख सकते हैं।
क्रेडिट कार्ड लेने से पहले ब्याज दर, वार्षिक शुल्क, लेट पेमेंट चार्ज, क्रेडिट लिमिट और बैंक की सभी शर्तों को अच्छी तरह समझना जरूरी है।


