Share Market Updates: 3 सितंबर को शेयर बाजार की शुरुआत जोरदार तेजी के साथ हुई, लेकिन ऊपरी स्तरों पर बिकवाली हावी होने से बाजार ने अपनी पूरी बढ़त गंवा दी। IT, ऑटो और FMCG शेयरों पर खास दबाव देखने को मिला।
भारतीय शेयर बाजार में 3 सितंबर को कारोबार की शुरुआत भले ही बढ़त के साथ हुई, लेकिन दिन चढ़ने के साथ तेजी कमजोर पड़ गई। गैप-अप ओपनिंग के बाद ऊंचे स्तरों पर निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी अपने दिन के ऊपरी स्तरों से काफी नीचे आ गए।
दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स दिन के हाई से 372.64 अंक तक फिसलकर 76,551.84 के निचले स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह निफ्टी भी अपने दिन के उच्चतम स्तर से 132.4 अंक तक गिरकर 23,893 के लो पर पहुंच गया।
इससे पहले शुरुआती कारोबार में बाजार में अच्छी तेजी दिखाई दी थी। सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग के मुकाबले 354.13 अंक चढ़कर 76,924.48 के हाई तक पहुंचा था। वहीं निफ्टी भी करीब 111 अंक की बढ़त के साथ 24,025.40 के स्तर तक गया था। हालांकि, ऊपरी स्तरों पर बिकवाली बढ़ने के बाद बाजार की शुरुआती तेजी टिक नहीं सकी।
ऊंचे स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग ने बिगाड़ा बाजार का मूड
3 सितंबर के कारोबार में सबसे प्रमुख वजह ऊंचे स्तरों पर हुई प्रॉफिट बुकिंग रही। लगातार कमजोर प्रदर्शन के बाद बाजार ने गैप-अप शुरुआत की थी, लेकिन तेजी का फायदा उठाते हुए कई निवेशकों ने मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया।
इस बिकवाली का असर प्रमुख इंडेक्स पर साफ दिखाई दिया। सेंसेक्स अपने दिन के हाई से 372.64 अंक तक नीचे आ गया, जबकि निफ्टी 24,000 के स्तर को पार करने के बाद फिर से इसके नीचे फिसल गया।
यह संकेत देता है कि मौजूदा स्तरों पर निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं और तेजी मिलने पर मुनाफा निकालने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
IT शेयरों में बिकवाली का दबाव
बाजार की तेजी पर सबसे बड़ा दबाव IT सेक्टर की ओर से देखने को मिला। NIFTY IT इंडेक्स में करीब 1 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई।
IT सेक्टर के कई प्रमुख शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। LTM का शेयर करीब 1.5 फीसदी तक कमजोर हुआ। इसके अलावा टेक महिंद्रा, HCL टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) जैसे शेयर भी दबाव में कारोबार करते नजर आए।
IT शेयरों में कमजोरी का असर बाजार की व्यापक धारणा पर भी पड़ा, क्योंकि इस सेक्टर का प्रमुख इंडेक्स पर खासा प्रभाव है।
ऑटो शेयर भी दबाव में
IT के साथ-साथ ऑटो सेक्टर के शेयरों में भी बिकवाली का दबाव बढ़ा। भारत फोर्ज का शेयर 2 फीसदी से ज्यादा गिरा, जबकि बजाज ऑटो 1 फीसदी से अधिक कमजोर हुआ।
इसके अलावा टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, आयशर मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी करीब 1 फीसदी तक की गिरावट में कारोबार करते नजर आए।
ऑटो शेयरों में कमजोरी ने बाजार की शुरुआती तेजी को और सीमित किया।
FMCG स्टॉक्स में भी बिकवाली
FMCG सेक्टर के कई शेयरों में भी निवेशकों ने बिकवाली की। गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का शेयर दिन के कारोबार में करीब 5 फीसदी तक टूट गया।
इसके अलावा वरुण बेवरेजेस में करीब 1 फीसदी की गिरावट रही। वहीं पतंजलि फूड्स और नेस्ले इंडिया के शेयर भी लगभग 1 फीसदी कमजोर हुए।
इस तरह IT, ऑटो और FMCG जैसे कई प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली के कारण बाजार की शुरुआती बढ़त धीरे-धीरे खत्म होती चली गई।
लगातार तीन दिन की गिरावट के बाद आई थी तेजी
इससे पहले भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीन कारोबारी सत्रों से गिरावट देखने को मिल रही थी। 2 सितंबर को भी वैश्विक बाजारों में कमजोरी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर घरेलू बाजार पर पड़ा था।
2 सितंबर को सेंसेक्स 373.93 अंक यानी 0.49 फीसदी गिरकर 76,570.35 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 141.35 अंक यानी 0.59 फीसदी की गिरावट के साथ 23,914.45 के स्तर पर बंद हुआ।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव से नहीं बच सके। BSE SmallCap Select Index में 0.61 फीसदी की गिरावट रही, जबकि MidCap Select Index 0.51 फीसदी नीचे बंद हुआ था।
बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव रहने के संकेत
3 सितंबर की शुरुआत में बाजार में तेजी जरूर देखने को मिली, लेकिन ऊंचे स्तरों पर बिकवाली से यह बढ़त टिक नहीं पाई। इससे संकेत मिलता है कि मौजूदा माहौल में निवेशक वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
ऐसे में अगले कारोबारी सत्रों में भी बाजार में वोलैटिलिटी यानी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों के लिए जरूरी होगा कि वे केवल शुरुआती तेजी को देखकर जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय बाजार की दिशा और सेक्टरवार प्रदर्शन पर नजर रखें।
Disclaimer
यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर या वित्तीय उत्पाद में निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च करें और जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार की सलाह लें। NewsJagran.in की ओर से किसी निवेशक को किसी खास शेयर में पैसा लगाने की सलाह नहीं दी जाती है।


