Stock Market Rise: भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद गुरुवार, 3 सितंबर को तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 349 अंक उछल गया, जबकि निफ्टी भी 24,000 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। बाजार में इस तेजी के बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप में कुछ ही समय में करीब ₹35,679 करोड़ की बढ़ोतरी हुई।
शेयर बाजार में गुरुवार सुबह कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। सेंसेक्स करीब 349 अंक की बढ़त के साथ 76,919.02 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं, निफ्टी ने भी तेजी दिखाई और शुरुआती कारोबार में करीब 111 अंकों की बढ़त के साथ 24,025.40 का हाई बनाया।
तीन दिनों की लगातार गिरावट के बाद बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों के बीच भी राहत का माहौल देखने को मिला। हालांकि, शुरुआती बढ़त के बाद बाजार किस दिशा में जाता है, इस पर वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के तनाव का असर बना रह सकता है।
निवेशकों की दौलत में ₹35,679 करोड़ का इजाफा
गुरुवार को बाजार खुलने के कुछ ही समय में BSE पर लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप में करीब ₹35,679 करोड़ की बढ़ोतरी हुई।
बुधवार, 2 सितंबर को बाजार बंद होने के समय BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹4,87,97,259.056 करोड़ था। गुरुवार को कारोबार शुरू होने के कुछ समय बाद यह बढ़कर करीब ₹4,88,32,938.28 करोड़ हो गया।
इस तरह बाजार खुलने के शुरुआती दौर में ही निवेशकों की कुल संपत्ति में लगभग ₹35,679.224 करोड़ की वृद्धि दर्ज की गई।
सेंसेक्स और निफ्टी ने ऐसे की शुरुआत
गुरुवार के शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स हरे निशान में खुला और तेजी के साथ आगे बढ़ा। इंडेक्स ने करीब 349 अंकों की बढ़त दर्ज करते हुए 76,919.02 का स्तर छुआ।
इसी तरह निफ्टी में भी खरीदारी का माहौल नजर आया। निफ्टी करीब 111 अंक चढ़कर 24,025.40 के हाई तक पहुंच गया। इस तेजी के साथ इंडेक्स ने एक बार फिर 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार किया।
2 सितंबर को बाजार में रही थी तेज गिरावट
इससे एक दिन पहले यानी बुधवार, 2 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे कारोबारी दिन गिरावट देखने को मिली थी।
सेंसेक्स 373.93 अंक यानी 0.49 प्रतिशत टूटकर 76,570.35 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी में 141.35 अंक यानी 0.59 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 23,914.45 के स्तर पर बंद हुआ।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला था। BSE SmallCap Select Index में 0.61 प्रतिशत की गिरावट, जबकि MidCap Select Index 0.51 प्रतिशत नीचे बंद हुआ था।
वैश्विक बाजार और कच्चे तेल का दबाव
बुधवार की गिरावट के पीछे वैश्विक बाजारों में नरमी के साथ-साथ पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव भी प्रमुख वजहों में शामिल रहा। क्षेत्रीय तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ी है, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार की धारणा पर भी पड़ रहा है।
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी से देश के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि निवेशक फिलहाल कच्चे तेल की चाल पर भी नजर बनाए हुए हैं।
क्या बाजार की तेजी आगे भी कायम रहेगी?
गुरुवार की शुरुआती तेजी ने निवेशकों को राहत जरूर दी है, लेकिन इसे अभी बाजार में पूरी तरह ट्रेंड बदलने का संकेत मानना जल्दबाजी होगी। पिछले तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद बाजार में शॉर्ट टर्म रिकवरी देखने को मिल रही है।
आने वाले कारोबार में वैश्विक बाजारों का रुख, कच्चे तेल की कीमतें, पश्चिम एशिया का घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
निवेशकों के लिए ऐसे माहौल में केवल एक दिन की तेजी के आधार पर निर्णय लेने के बजाय बाजार के व्यापक ट्रेंड और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर या निवेश विकल्प में पैसा लगाने से पहले अपनी रिसर्च करें और जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाहकार की सलाह लें।


