Market Cues: भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र दबाव देखने को मिला। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच 2 सितंबर को निफ्टी 0.6 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। बाजार में बिकवाली बढ़ने से इंडेक्स अब प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है और मोमेंटम इंडिकेटर्स भी कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं।
ऐसे में 23,800 का स्तर निफ्टी के लिए बेहद अहम सपोर्ट बन गया है। अगर यह सपोर्ट टूटता है तो इंडेक्स जुलाई के निचले स्तर यानी 23,600 तक फिसल सकता है। दूसरी ओर, अगर बाजार में निचले स्तरों से रिकवरी आती है तो निफ्टी को 24,000 से 24,200 के जोन में मजबूत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
आज के ट्रेडिंग सेटअप में क्या संकेत मिल रहे हैं?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मौजूदा तकनीकी स्थिति में किसी भी तेजी को सावधानी से देखने की जरूरत है। निफ्टी में अगर उछाल आता है तो यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह कितनी मजबूती के साथ टिकता है।
वर्तमान परिस्थितियों में ‘राइज पर सेल’ यानी तेजी आने पर बिकवाली की रणनीति पर बाजार की नजर रह सकती है। हालांकि, ट्रेडर्स को किसी भी सौदे से पहले अपने रिस्क मैनेजमेंट और बाजार की स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए।
Nifty 50 के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
2 सितंबर के कारोबार के बाद Nifty 50 करीब 23,914 के स्तर पर रहा। पिवट पॉइंट्स के आधार पर आज के प्रमुख स्तर इस प्रकार हैं:
सपोर्ट लेवल:
- 23,823
- 23,793
- 23,744
रेजिस्टेंस लेवल:
- 23,921
- 23,951
- 23,999
23,800 के आसपास का सपोर्ट टूटना बाजार के लिए नकारात्मक संकेत हो सकता है। इसके बाद 23,600 का स्तर अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट बन सकता है। वहीं, ऊपर की तरफ 24,000 के पार टिकना निफ्टी के लिए सकारात्मक संकेत माना जाएगा।
Nifty 50 का टेक्निकल सेटअप
निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक बुलिश कैंडल बनाई है, जिसमें नीचे की तरफ स्पष्ट लोअर शैडो दिखाई दी। यह संकेत देता है कि निचले स्तरों पर कुछ खरीदारी देखने को मिली। इंडेक्स ने शुरुआती बेयरिश गैप को भी आंशिक रूप से भरने की कोशिश की।
हालांकि, व्यापक तकनीकी तस्वीर अभी भी कमजोर बनी हुई है। निफ्टी प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है। 10-दिन का EMA, 50-दिन और 100-दिन के EMA से नीचे बना हुआ है। वहीं 20-दिन का EMA भी 100-दिन के EMA के नीचे जाने के करीब है। यह निकट अवधि में कमजोरी बढ़ने की आशंका का संकेत देता है।
निफ्टी जून के निचले स्तर से अगस्त के उच्च स्तर तक हुई तेजी के 50 फीसदी Fibonacci retracement level से भी नीचे आ गया है।
RSI और MACD क्या बता रहे हैं?
निफ्टी का RSI 40 के नीचे फिसलकर 38.34 पर आ गया है। RSI में इस तरह की कमजोरी कमजोर मोमेंटम का संकेत देती है।
दूसरी ओर, MACD जीरो लाइन और सिग्नल लाइन दोनों के नीचे बना हुआ है। रेड हिस्टोग्राम बार लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़ा है। इन संकेतों से निफ्टी के टेक्निकल सेटअप में फिलहाल मंदी का दबाव नजर आ रहा है।
Bank Nifty के लिए अहम लेवल
Bank Nifty करीब 57,172 के स्तर पर बंद हुआ। इसके लिए पिवट पॉइंट्स के आधार पर प्रमुख स्तर इस प्रकार हैं:
रेजिस्टेंस:
- 57,224
- 57,318
- 57,470
सपोर्ट:
- 56,920
- 56,826
- 56,674
Fibonacci retracement के आधार पर रेजिस्टेंस:
- 57,367
- 57,684
Fibonacci retracement के आधार पर सपोर्ट:
- 56,870
- 56,493
Bank Nifty का टेक्निकल सेटअप
बैंक निफ्टी 0.41 फीसदी गिरकर बंद हुआ, लेकिन डेली चार्ट पर इसने एक बुलिश कैंडल बनाई। कैंडल में नीचे की तरफ लंबी शैडो और ऊपर छोटी विक दिखाई दी। इससे संकेत मिलता है कि निचले स्तरों पर खरीदारी में रुचि बनी हुई है।
इंडेक्स ने शुरुआती बेयरिश गैप को आंशिक रूप से भरा और हाल की रैली के 50 फीसदी Fibonacci retracement level के ऊपर वापस आया। हालांकि, बैंक निफ्टी करीब एक महीने तक बने 50-दिन के EMA सपोर्ट के नीचे फिसल गया है।
इसके अलावा, इंडेक्स अभी भी शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है। ऐसे में निकट अवधि में कंसोलिडेशन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
बैंक निफ्टी का RSI गिरकर 45.49 पर आ गया और अपनी सिग्नल लाइन से नीचे बना हुआ है। MACD काफी हद तक साइडवेज रहा, जबकि रेड हिस्टोग्राम बार एक और सत्र में बढ़ा। कुल मिलाकर बैंक निफ्टी का टेक्निकल सेटअप भी फिलहाल सावधानी बरतने का संकेत दे रहा है।
India VIX में 3.6% की बढ़ोतरी
बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला India VIX 3.6 फीसदी बढ़कर 11.59 पर पहुंच गया। इसके साथ ही यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर चला गया है।
VIX में बढ़ोतरी बाजार में थोड़ी सावधानी का संकेत देती है। हालांकि, यह अभी भी ऐसे स्तर पर नहीं है जिसे बेहद चिंताजनक माना जाए। जब तक India VIX 13-14 के जोन से नीचे बना रहता है, तब तक बाजार में किसी बड़े जोखिम का संकेत नहीं माना जा सकता।
Nifty Put-Call Ratio में गिरावट
2 सितंबर को निफ्टी का Put-Call Ratio (PCR) 0.87 पर आ गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 0.89 था।
आम तौर पर 0.7 से ऊपर का PCR बाजार में अपेक्षाकृत सकारात्मक भावना का संकेत माना जाता है। वहीं 0.7 से नीचे जाने पर बाजार की धारणा कमजोर मानी जाती है। इसलिए मौजूदा PCR में गिरावट पर भी ट्रेडर्स की नजर रहेगी।
F&O बैन में कौन से स्टॉक?
F&O सेगमेंट में उन शेयरों को ट्रेडिंग बैन के तहत रखा जाता है, जिनके डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स में ओपन पोजीशन मार्केट-वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती है।
F&O बैन में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
पहले से F&O बैन में शामिल स्टॉक:
- LIC Housing Finance
- SAIL
F&O बैन से बाहर हुए स्टॉक: कोई नहीं
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
मौजूदा तकनीकी संकेतों को देखते हुए निफ्टी के लिए 23,800 का स्तर सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन में बना हुआ है। इसके नीचे फिसलने पर 23,600 की ओर कमजोरी बढ़ सकती है।
वहीं, अगर निफ्टी निचले स्तरों से रिकवरी करता है तो 24,000-24,200 का जोन अगली बड़ी चुनौती रहेगा। इसलिए ट्रेडर्स को इन दोनों जोन पर खास नजर रखनी चाहिए।
फिलहाल RSI, MACD, मूविंग एवरेज और VIX जैसे संकेतकों को देखते हुए बाजार में सावधानी बरतना जरूरी है। किसी भी तेजी को तब तक मजबूत नहीं माना जा सकता, जब तक निफ्टी महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस स्तरों के ऊपर टिकाऊ तरीके से वापसी न करे।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए गए बाजार संबंधी आंकड़े और तकनीकी विश्लेषण उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश या ट्रेडिंग निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


