1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन संशोधन की मांग को लेकर प्रशासनिक स्तर पर अहम कदम उठाया गया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने 8वें वेतन आयोग के Terms of Reference (ToR) में बदलाव की मांग से जुड़े दो ज्ञापनों को आगे की कार्रवाई के लिए वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के पास भेज दिया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पेंशन रिवीजन को मंजूरी मिल गई है।
8th Pay Commission Pension Revision: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के साथ-साथ लाखों पेंशनर्स की भी नजरें टिकी हुई हैं। खासतौर पर उन कर्मचारियों के लिए यह मुद्दा महत्वपूर्ण है, जो 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हो चुके हैं और चाहते हैं कि आयोग की सिफारिशों में उनकी पेंशन को भी शामिल किया जाए।
हालिया प्रशासनिक घटनाक्रम में DoPT ने पेंशन संगठनों की ओर से ToR में संशोधन की मांग को वित्त मंत्रालय के Department of Expenditure (व्यय विभाग) के पास भेज दिया है। अब इस मांग पर आगे की कार्रवाई वित्त मंत्रालय के स्तर पर होगी।
DoPT ने किन संगठनों की मांग आगे भेजी?
DoPT ने दो प्रमुख कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों की ओर से दिए गए ज्ञापनों को व्यय विभाग को भेजा है।
1. ऑल इंडिया RMS, MMS एंड पोस्टल पेंशनर्स एसोसिएशन
संगठन के महासचिव गिरिराज सिंह की ओर से 30 जुलाई 2026 को ज्ञापन प्रस्तुत किया गया था।
2. ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लाइज फेडरेशन
संगठन के महासचिव सी. श्रीकुमार ने 4 अगस्त 2026 को अपनी मांग रखी थी।
DoPT ने 18 अगस्त 2026 के ऑफिस मेमोरेंडम के जरिए इन ज्ञापनों को उचित कार्रवाई के लिए व्यय विभाग को भेजा है।
पेंशन संगठनों की असल मांग क्या है?
पेंशन संगठनों की मुख्य मांग 8वें वेतन आयोग के Terms of Reference यानी कार्यक्षेत्र में संशोधन करने की है।
संगठनों का कहना है कि ToR में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारियों की पेंशन के संशोधन का मुद्दा भी आयोग के विचार क्षेत्र में शामिल है।
इस मांग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 8वां वेतन आयोग वेतन और पेंशन व्यवस्था की समीक्षा करते समय पुराने पेंशनर्स के हितों पर भी विचार करे।
क्या पुराने पेंशनर्स की पेंशन बढ़ाने को मंजूरी मिल गई?
नहीं।
यह बात समझना बेहद जरूरी है। DoPT की ओर से ज्ञापनों को व्यय विभाग के पास भेजे जाने का अर्थ केवल इतना है कि संबंधित मांग पर अब वित्त मंत्रालय के स्तर पर विचार और उचित कार्रवाई हो सकती है।
अभी तक:
- पेंशन रिवीजन को मंजूरी नहीं मिली है।
- 8वें वेतन आयोग के ToR में बदलाव नहीं हुआ है।
- कोई नया फिटमेंट फैक्टर घोषित नहीं किया गया है।
- संशोधित पेंशन का कोई नया फॉर्मूला जारी नहीं हुआ है।
- अतिरिक्त पेंशन लाभ की घोषणा नहीं हुई है।
इसलिए पेंशनर्स को इस प्रशासनिक कदम को मंजूरी या अंतिम फैसला नहीं समझना चाहिए।
चौथे वेतन आयोग का उदाहरण क्यों दिया जा रहा है?
पेंशन संगठनों ने अपनी मांग के समर्थन में चौथे वेतन आयोग का ऐतिहासिक उदाहरण भी सामने रखा है।
संगठनों के अनुसार, 8 नवंबर 1985 को वित्त मंत्रालय की ओर से चौथे वेतन आयोग के ToR में संशोधन किया गया था। इसके जरिए आयोग को पुराने और नए पेंशनभोगियों के लिए पेंशन व्यवस्था की समीक्षा से संबंधित जिम्मेदारी दी गई थी।
इसी उदाहरण के आधार पर पेंशन संगठन चाहते हैं कि 8वें वेतन आयोग के ToR में भी आवश्यक बदलाव किया जाए, ताकि पहले से रिटायर हो चुके कर्मचारियों की पेंशन पर भी आयोग स्पष्ट रूप से विचार कर सके।
अब आगे क्या होगा?
अब इस मामले में अगला महत्वपूर्ण कदम वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की ओर से होना है। विभाग दोनों ज्ञापनों की समीक्षा कर सकता है और मांग पर आगे की कार्रवाई तय कर सकता है।
यदि सरकार को ToR में संशोधन उचित लगता है, तो संबंधित प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए आधिकारिक सरकारी निर्णय और आदेश जरूरी होगा।
इसलिए फिलहाल 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए केंद्रीय कर्मचारियों की पेंशन में संशोधन को लेकर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
पेंशनर्स को अभी क्या समझना चाहिए?
मौजूदा घटनाक्रम को इस तरह समझा जा सकता है:
पेंशन संगठनों ने मांग रखी → DoPT ने ज्ञापन व्यय विभाग को भेजा → व्यय विभाग मामले की समीक्षा करेगा → आगे सरकार के स्तर पर फैसला हो सकता है।
यानी यह मामला अभी प्रक्रिया के स्तर पर है। जब तक केंद्र सरकार की ओर से 8वें वेतन आयोग के ToR में आधिकारिक संशोधन या पेंशन रिवीजन को लेकर कोई अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक पुरानी पेंशन में बदलाव को लेकर कोई निश्चित दावा करना सही नहीं होगा।
निष्कर्ष
8वें वेतन आयोग को लेकर पुराने पेंशनर्स की मांग अब वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग तक पहुंच गई है। यह निश्चित रूप से इस मुद्दे पर आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया का संकेत है, लेकिन अभी पेंशन बढ़ाने या रिवीजन की मंजूरी नहीं मिली है।
पेंशनर्स के लिए अगला बड़ा अपडेट वित्त मंत्रालय या केंद्र सरकार की ओर से आने वाले आधिकारिक फैसले पर निर्भर करेगा।


