नई दिल्ली। शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए एक और नया मौका आने वाला है। देश की प्रमुख क्रूज टूरिज्म कंपनी वॉटरवेज लेजर टूरिज्म (Waterways Leisure Tourism) अपना आईपीओ लेकर आ रही है। कंपनी ने अपने पब्लिक इश्यू के लिए प्राइस बैंड तय कर दिया है और निवेशक 23 जून 2026 से इसमें बोली लगा सकेंगे। आईपीओ खुलने से पहले ही इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) चर्चा में है, जिससे संभावित लिस्टिंग गेन को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ गई है।
23 जून को खुलेगा IPO, 25 जून तक मिलेगा मौका
कंपनी का आईपीओ 23 जून 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 25 जून 2026 को बंद होगा। कंपनी ने ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रति शेयर का प्राइस बैंड ₹769 से ₹808 तय किया है।
निवेशक कम से कम 18 शेयरों के एक लॉट के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद बोली 18 शेयरों के मल्टीपल में लगाई जा सकेगी। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट के लिए निवेशकों को लगभग ₹14,544 का निवेश करना होगा।
GMP ने बढ़ाई निवेशकों की उत्सुकता
ग्रे मार्केट में भी इस आईपीओ को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। बाजार में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कंपनी का GMP करीब ₹54 चल रहा है। यदि यह प्रीमियम लिस्टिंग तक बना रहता है तो शेयर लगभग 6-7 फीसदी प्रीमियम पर बाजार में सूचीबद्ध हो सकता है।
हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि GMP केवल बाजार की धारणा को दर्शाता है। इसमें रोजाना बदलाव हो सकता है और यह किसी भी तरह से लिस्टिंग प्रदर्शन की गारंटी नहीं होता।
IPO से जुटाई रकम का कहां होगा इस्तेमाल?
कंपनी इस आईपीओ के जरिए जुटाई गई पूंजी का बड़ा हिस्सा अपने विस्तार और वित्तीय दायित्वों को पूरा करने में लगाएगी।
फ्रेश इश्यू से प्राप्त राशि में से करीब ₹480 करोड़ कंपनी की स्टेप-डाउन सब्सिडियरी Baycruise Shipping and Leasing को दिए जाएंगे। इस रकम का उपयोग लीज रेंटल, सिक्योरिटी डिपॉजिट और अन्य मासिक लीज भुगतान से जुड़े खर्चों के लिए किया जाएगा।
इसके अलावा बची हुई राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों और कारोबार के विस्तार में किया जाएगा।
MV Empress से बन चुकी है मजबूत पहचान
वॉटरवेज लेजर टूरिज्म वर्तमान में MV Empress नामक क्रूज शिप का संचालन करती है। कंपनी के अनुसार, इस क्रूज के लॉन्च के बाद से अब तक 7.30 लाख से अधिक यात्री यात्रा कर चुके हैं।
31 मार्च 2026 तक MV Empress ने भारतीय समुद्री क्षेत्र और पड़ोसी देशों में 3.21 लाख नॉटिकल मील से अधिक दूरी तय की है।
कंपनी के क्रूज मुख्य रूप से मुंबई, गोवा, कोच्चि, चेन्नई, लक्षद्वीप, विशाखापत्तनम और पुडुचेरी जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों तक यात्राएं संचालित करते हैं।
विदेशी रूट्स पर भी देती है सेवाएं
कंपनी केवल घरेलू पर्यटन तक सीमित नहीं है। वॉटरवेज लेजर टूरिज्म अंतरराष्ट्रीय क्रूज सेवाएं भी संचालित करती है।
इसके अंतरराष्ट्रीय रूट्स में शामिल हैं:
- हम्बनटोटा (श्रीलंका)
- त्रिंकोमाली (श्रीलंका)
- जाफना (श्रीलंका)
- फुकेत (थाईलैंड)
- सिंगापुर
- कुआलालंपुर (मलेशिया)
- लंगकावी (मलेशिया)
कंपनी का दावा है कि उसके क्रूज यात्रियों को भारतीय तटीय संस्कृति, विरासत और लग्जरी हॉस्पिटैलिटी का अनूठा अनुभव प्रदान करते हैं।
बेड़े में जुड़ सकते हैं नए जहाज
कंपनी आने वाले समय में अपने फ्लीट का विस्तार भी करना चाहती है। MV Empress के अलावा भविष्य में Norwegian Sky और Norwegian Sun जैसे क्रूज जहाज भी कंपनी के बेड़े का हिस्सा बन सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कंपनी की यात्री क्षमता और राजस्व बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
मुनाफे में लौटी कंपनी
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय सुधार दिखाया है।
वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का ऑपरेशन से राजस्व लगभग ₹444 करोड़ था, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर ₹580 करोड़ पहुंच गया।
सबसे बड़ी बात यह रही कि कंपनी ने घाटे से मुनाफे की ओर वापसी की है। FY24 में जहां कंपनी को ₹123 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था, वहीं FY26 में उसने ₹52 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया।
राजस्व वृद्धि और लाभप्रदता में सुधार कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
वॉटरवेज लेजर टूरिज्म का आईपीओ ऐसे समय आ रहा है जब भारत में क्रूज टूरिज्म तेजी से बढ़ रहा है। कंपनी का स्थापित ब्रांड, अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति और बेहतर होते वित्तीय नतीजे इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बना सकते हैं। वहीं GMP भी शुरुआती निवेशकों की रुचि बढ़ा रहा है।
हालांकि, किसी भी आईपीओ में निवेश से पहले कंपनी के जोखिम कारकों, वित्तीय स्थिति और वैल्यूएशन का सावधानीपूर्वक अध्ययन जरूर करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। NewsJagran किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं देता। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


