Propshop IPO Listing: एग्जीबिशन स्टाल डिजाइन और इवेंट सर्विसेज देने वाली प्रॉपशॉप इवेंट्स एंड एग्जीबिशंस (Propshop Events & Exhibitions) के शेयरों की शेयर बाजार में बेहद कमजोर शुरुआत हुई। NSE SME पर कंपनी के शेयर 20% डिस्काउंट के साथ लिस्ट हुए और कुछ ही देर में लोअर सर्किट पर पहुंच गए। इससे IPO निवेशकों को पहले ही दिन बड़ा झटका लगा। 2,000 शेयरों के एक लॉट पर निवेशकों का करीब ₹33,100 का नुकसान हो गया।
20% डिस्काउंट पर हुई लिस्टिंग
Propshop Events IPO का इश्यू प्राइस ₹69 प्रति शेयर तय किया गया था। सोमवार को कंपनी के शेयर NSE SME पर ₹55.20 के भाव पर लिस्ट हुए, जो इश्यू प्राइस से करीब 20% कम है।
लिस्टिंग के बाद बिकवाली और बढ़ गई तथा शेयर 5% के लोअर सर्किट के साथ ₹52.45 पर पहुंच गया। इस स्तर पर IPO निवेशकों को लगभग 23.99% का नुकसान हो गया।
हर लॉट पर कितना नुकसान?
- इश्यू प्राइस: ₹69
- लिस्टिंग प्राइस: ₹55.20
- लोअर सर्किट प्राइस: ₹52.45
- लॉट साइज: 2,000 शेयर
- प्रति लॉट निवेश: ₹1,38,000
- लोअर सर्किट पर वैल्यू: ₹1,04,900
- कुल नुकसान: ₹33,100 प्रति लॉट
IPO को मिला था 1.53 गुना सब्सक्रिप्शन
₹29 करोड़ का यह SME IPO 27 जुलाई से 29 जुलाई तक खुला था। हालांकि निवेशकों की ओर से इसे अच्छा रिस्पॉन्स मिला और कुल मिलाकर यह 1.53 गुना सब्सक्राइब हुआ।
कैटेगरी के अनुसार सब्सक्रिप्शन
- QIB (एंकर को छोड़कर): 1.37 गुना
- NII: 1.38 गुना
- रिटेल निवेशक: 1.77 गुना
IPO से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल
इस IPO के तहत कंपनी ने ₹23 करोड़ के नए शेयर जारी किए, जबकि 8 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचे गए।
नए शेयरों से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी निम्न कार्यों में करेगी:
- ₹16.62 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए
- शेष राशि सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च की जाएगी
वहीं OFS से मिलने वाली रकम सीधे शेयर बेचने वाले निवेशकों को जाएगी।
क्या करती है Propshop Events & Exhibitions?
Propshop Events & Exhibitions एक एसेट-लाइट बिजनेस मॉडल पर काम करने वाली कंपनी है, जो देश और विदेश में होने वाले एग्जीबिशन एवं कॉर्पोरेट इवेंट्स के लिए 3D एग्जीबिशन स्टाल डिजाइन और एंड-टू-एंड सेवाएं उपलब्ध कराती है।
कंपनी की प्रमुख सेवाओं में शामिल हैं:
- कॉन्सेप्ट डिजाइन
- 3D विजुअलाइजेशन
- प्रोजेक्ट मैनेजमेंट
- फैब्रिकेशन
- लॉजिस्टिक्स
- इंस्टॉलेशन
- ऑन-साइट सुपरविजन
- पोस्ट-इवेंट डिसमैंटलिंग
भारत के अलावा कंपनी की मौजूदगी अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, दुबई, स्पेन और सिंगापुर जैसे देशों में भी है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति
हालांकि शेयर बाजार में कंपनी की शुरुआत कमजोर रही, लेकिन वित्तीय प्रदर्शन पिछले कुछ वर्षों में मजबूत रहा है।
FY23-FY25 के दौरान
- शुद्ध मुनाफा 155% से अधिक CAGR की दर से बढ़कर ₹6.32 करोड़ पहुंचा।
- कुल आय 41% CAGR की दर से बढ़कर ₹51.59 करोड़ रही।
FY26 (पहले 11 महीने)
- शुद्ध मुनाफा: ₹6.46 करोड़
- कुल आय: ₹59.94 करोड़
फरवरी 2026 के अंत तक कंपनी कर्ज मुक्त (Debt Free) थी और इसके पास ₹6.49 करोड़ का रिजर्व एवं सरप्लस मौजूद था।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
IPO को सब्सक्रिप्शन तो मिला, लेकिन लिस्टिंग के दिन कमजोर मांग के चलते शेयर भारी डिस्काउंट पर खुला और लोअर सर्किट तक पहुंच गया। इससे साफ है कि लिस्टिंग के समय बाजार की धारणा कंपनी के पक्ष में नहीं रही। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आगे कंपनी की आय, ऑर्डर बुक और मुनाफे की वृद्धि पर नजर रखना अहम होगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


