भारत में ऐसे निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है जो शेयर बाजार की उठापटक से दूर रहकर सुरक्षित और नियमित कमाई चाहते हैं। खासकर रिटायर हो चुके लोग, गृहिणियां और कम जोखिम पसंद करने वाले निवेशक ऐसी स्कीम की तलाश में रहते हैं जहां पैसा भी सुरक्षित रहे और हर महीने निश्चित इनकम भी मिलती रहे। ऐसी ही एक लोकप्रिय सरकारी योजना है पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम यानी POMIS।
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (Post Office Monthly Income Scheme) केंद्र सरकार समर्थित स्मॉल सेविंग स्कीम है। इसमें निवेश की सुरक्षा पूरी तरह सरकार के हाथ में होती है, इसलिए इसे लगभग जीरो रिस्क निवेश माना जाता है। यही वजह है कि बीते कुछ वर्षों में इस योजना में निवेशकों की रुचि काफी बढ़ी है।
अगर कोई व्यक्ति जॉइंट अकाउंट में ₹15 लाख जमा करता है, तो मौजूदा ब्याज दर के हिसाब से उसे हर महीने लगभग ₹9,250 की फिक्स इनकम मिल सकती है। ऐसे में यह स्कीम उन लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है जो हर महीने निश्चित नकदी प्रवाह चाहते हैं।
क्या है पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम?
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम डाक विभाग द्वारा चलाई जाने वाली छोटी बचत योजना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य निवेशकों को सुरक्षित निवेश के साथ हर महीने नियमित ब्याज देना है।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ब्याज हर महीने आपके खाते में जमा किया जाता है। यानी निवेशक को मैच्योरिटी तक इंतजार नहीं करना पड़ता।
वर्तमान में इस योजना पर सरकार 7.4% सालाना ब्याज दे रही है। यह ब्याज दर हर तिमाही केंद्र सरकार द्वारा तय की जाती है।
किन लोगों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है POMIS?
यह स्कीम खासतौर पर इन लोगों के बीच लोकप्रिय है: रिटायर कर्मचारी, सीनियर सिटीजन्स, गृहिणियां, सुरक्षित मासिक आय चाहने वाले निवेशक, कम जोखिम वाले निवेश विकल्प तलाशने वाले लोग.
आज के समय में जब बैंक एफडी पर ब्याज दरें तेजी से बदलती रहती हैं और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहता है, तब POMIS जैसी सरकारी स्कीम लोगों को स्थिर आय का विकल्प देती है।
POMIS में निवेश की अधिकतम सीमा क्या है?
सरकार ने इस योजना के तहत निवेश की सीमा तय कर रखी है।
| अकाउंट का प्रकार | अधिकतम निवेश सीमा |
|---|---|
| सिंगल अकाउंट | ₹9 लाख |
| जॉइंट अकाउंट | ₹15 लाख |
ध्यान देने वाली बात यह है कि किसी एक व्यक्ति के सभी POMIS खातों में कुल निवेश सीमा इससे अधिक नहीं हो सकती।
यानी यदि आपने पहले से किसी अन्य MIS खाते में पैसा लगाया हुआ है तो उसे भी कुल सीमा में जोड़ा जाएगा।
₹15 लाख जमा करने पर हर महीने कितनी इनकम होगी?
मौजूदा 7.4% ब्याज दर के अनुसार यदि कोई निवेशक जॉइंट अकाउंट में ₹15 लाख निवेश करता है तो उसे हर महीने लगभग ₹9,249 ब्याज मिलेगा।
पूरा कैलकुलेशन
| विवरण | राशि |
|---|---|
| कुल निवेश | ₹15,00,000 |
| ब्याज दर | 7.4% सालाना |
| सालाना ब्याज | ₹1,11,000 |
| मासिक आय | लगभग ₹9,249 |
यानी निवेशक को हर महीने करीब ₹9,250 की नियमित इनकम मिल सकती है।
5 साल में कितना मिलेगा कुल ब्याज?
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम की मैच्योरिटी अवधि 5 साल होती है।
अगर पूरे 5 साल तक ब्याज दर समान रहती है तो निवेशक को कुल:
9250×60=555000
यानि लगभग ₹5.55 लाख का कुल ब्याज मिलेगा।
5 साल का कुल गणित
| विवरण | राशि |
|---|---|
| हर महीने मिलने वाला ब्याज | ₹9,250 |
| कुल अवधि | 60 महीने |
| कुल ब्याज आय | ₹5,55,000 |
सबसे अच्छी बात यह है कि मैच्योरिटी पर मूल निवेश राशि ₹15 लाख भी वापस मिल जाती है।
क्या POMIS पूरी तरह सुरक्षित है?
जी हां, यह योजना भारत सरकार समर्थित स्मॉल सेविंग स्कीम है। इसलिए इसमें डूबने का खतरा लगभग नहीं के बराबर माना जाता है। यही वजह है कि बाजार में अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक अक्सर पोस्ट ऑफिस स्कीमों की तरफ रुख करते हैं।
हालांकि इसमें मिलने वाला रिटर्न फिक्स होता है। यानी शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड की तरह इसमें ज्यादा मुनाफे की संभावना नहीं होती, लेकिन जोखिम भी बेहद कम रहता है।
समय से पहले अकाउंट बंद करने पर क्या होगा?
POMIS अकाउंट को एक साल पूरा होने से पहले बंद नहीं किया जा सकता। अगर निवेशक मैच्योरिटी से पहले पैसा निकालना चाहता है तो उसे पेनाल्टी देनी पड़ती है।
प्रीमैच्योर क्लोजर नियम
| अवधि | कटौती |
|---|---|
| 1 साल से पहले | अनुमति नहीं |
| 1 से 3 साल के बीच | जमा राशि का 2% |
| 3 साल बाद | जमा राशि का 1% |
उदाहरण के तौर पर अगर कोई व्यक्ति 2 साल बाद ₹15 लाख का अकाउंट बंद करता है तो उसे ₹30,000 तक की कटौती झेलनी पड़ सकती है।
क्या POMIS पर टैक्स छूट मिलती है?
यहां कई निवेशक भ्रमित हो जाते हैं। पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम में निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत कोई टैक्स छूट नहीं मिलती।
इसके अलावा: हर महीने मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होता है, टैक्स आपके इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से लगेगा, पोस्ट ऑफिस TDS नहीं काटता यानी टैक्स भुगतान की जिम्मेदारी निवेशक की खुद की होती है।
क्या बैंक में खुल सकता है POMIS अकाउंट?
नहीं। यह योजना सिर्फ डाक विभाग द्वारा संचालित की जाती है। इसलिए POMIS अकाउंट केवल पोस्ट ऑफिस में ही खोला जा सकता है, किसी बैंक में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है
FD और POMIS में कौन बेहतर?
आज कई निवेशक बैंक एफडी और POMIS के बीच तुलना करते हैं।
POMIS की बड़ी खूबियां
- सरकार की गारंटी
- हर महीने निश्चित इनकम
- बाजार जोखिम नहीं
- रिटायर लोगों के लिए बेहतर विकल्प
- जॉइंट अकाउंट सुविधा
इसकी सीमाएं
- टैक्स छूट नहीं
- लॉक-इन अवधि
- सीमित रिटर्न
- महंगाई के मुकाबले रिटर्न कम पड़ सकता है
किन लोगों को इस स्कीम में निवेश करना चाहिए?
अगर आप नियमित मासिक आय चाहते हैं, जोखिम नहीं लेना चाहते,रिटायरमेंट के बाद स्थिर इनकम चाहते हैं, सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं तो POMIS आपके लिए उपयोगी विकल्प हो सकता है।
हालांकि लंबी अवधि में ज्यादा संपत्ति बनाने के लिए केवल इसी स्कीम पर निर्भर रहना सही नहीं माना जाता। कई वित्तीय सलाहकार सुरक्षित निवेश के साथ इक्विटी या म्यूचुअल फंड का संतुलित पोर्टफोलियो रखने की सलाह देते हैं।
निष्कर्ष
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम उन निवेशकों के लिए मजबूत विकल्प है जो हर महीने फिक्स कमाई चाहते हैं और जोखिम से दूर रहना पसंद करते हैं। ₹15 लाख के निवेश पर करीब ₹9,250 की मासिक इनकम कई परिवारों के लिए नियमित खर्च चलाने में मददगार साबित हो सकती है।
हालांकि निवेश से पहले अपने टैक्स स्लैब, वित्तीय जरूरतों और लंबी अवधि के लक्ष्यों को जरूर ध्यान में रखना चाहिए। क्योंकि सुरक्षित निवेश जरूरी है, लेकिन महंगाई को मात देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
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