PNG Price Today 15 May 2026: देशभर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमतों में फिलहाल स्थिरता देखने को मिल रही है। मुंबई में PNG की कीमत 50 रुपये प्रति SCM पर बनी हुई है, जबकि दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और अन्य शहरों में भी पिछले महीने के मुकाबले कोई बदलाव दर्ज नहीं किया गया। हालांकि पिछले एक साल में PNG की कीमतों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिली है। ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव, कच्चे तेल की कीमत और गैस आयात लागत का असर भविष्य में PNG दरों पर पड़ सकता है।
भारत में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और स्वच्छ ईंधन की मांग के बीच पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG अब घरेलू रसोई और कमर्शियल सेक्टर का अहम हिस्सा बन चुकी है। LPG सिलेंडर की तुलना में PNG को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल माना जाता है। यही वजह है कि दिल्ली-NCR, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता और हैदराबाद जैसे शहरों में PNG कनेक्शन तेजी से बढ़ रहे हैं।
क्या है आज PNG का ताजा रेट?
15 मई 2026 के ताजा आंकड़ों के अनुसार मुंबई में PNG की कीमत 50 रुपये प्रति SCM (स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर) बनी हुई है। पिछले महीने की तुलना में इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। अक्टूबर 2025 से मुंबई में PNG का रेट स्थिर बना हुआ है। पिछले 12 महीनों में यहां PNG की कीमत में कुल 1 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
ऊर्जा बाजार के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों में नरमी और सरकारी नियंत्रण वाली गैस सप्लाई के कारण फिलहाल घरेलू PNG उपभोक्ताओं को राहत मिल रही है। हालांकि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और LNG आयात लागत बढ़ने पर आने वाले महीनों में कीमतों पर दबाव बन सकता है।
देश के प्रमुख शहरों में PNG का ताजा भाव
| शहर | PNG कीमत (₹/SCM) | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹47.90 | कोई बदलाव नहीं |
| मुंबई | ₹50.00 | स्थिर |
| कोलकाता | ₹50.00 | स्थिर |
| चेन्नई | ₹50.00 | स्थिर |
| गुरुग्राम | ₹49.90 | कोई बदलाव नहीं |
| नोएडा | ₹47.76 | स्थिर |
| बेंगलुरु | ₹52.00 | स्थिर |
| भुवनेश्वर | ₹45.33 | स्थिर |
| चंडीगढ़ | ₹52.63 | स्थिर |
| हैदराबाद | ₹51.00 | स्थिर |
| जयपुर | ₹49.50 | स्थिर |
| लखनऊ | ₹56.50 | स्थिर |
| पटना | ₹49.44 | स्थिर |
| तिरुवनंतपुरम | ₹51.00 | स्थिर |
Source: Good Returns
PNG क्या है और क्यों बढ़ रही इसकी मांग?
पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) एक ऐसी प्राकृतिक गैस है जिसे पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए सीधे घरों, होटलों, रेस्टोरेंट्स और उद्योगों तक पहुंचाया जाता है। यह LPG सिलेंडर की तरह बार-बार बुकिंग या डिलीवरी पर निर्भर नहीं होती। उपभोक्ता जितनी गैस इस्तेमाल करते हैं, उतना ही बिल चुकाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार PNG की मांग बढ़ने के पीछे कई बड़े कारण हैं:
- सिलेंडर खत्म होने की चिंता नहीं
- पाइपलाइन से लगातार सप्लाई
- मीटर आधारित बिलिंग
- कम प्रदूषण
- LPG की तुलना में अधिक सुरक्षित
- लंबे समय में किफायती
भारत सरकार भी “गैस आधारित अर्थव्यवस्था” को बढ़ावा देने के लिए City Gas Distribution (CGD) नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रही है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार आने वाले वर्षों में सैकड़ों नए जिलों में PNG और CNG नेटवर्क पहुंचाने की योजना है।
PNG की कीमत कैसे तय होती है?
भारत में PNG की कीमत कई बड़े फैक्टर्स पर निर्भर करती है:
1. अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक गैस की कीमत
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा LNG आयात करता है। इसलिए वैश्विक गैस कीमतों का सीधा असर घरेलू PNG रेट पर पड़ता है।
2. डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति
यदि रुपया कमजोर होता है तो आयात महंगा हो जाता है, जिससे गैस कंपनियों की लागत बढ़ती है।
3. सरकारी गैस आवंटन
घरेलू गैस उत्पादन और सरकार की एडमिनिस्टर्ड प्राइसिंग पॉलिसी भी PNG दरों को प्रभावित करती है।
4. पाइपलाइन और ट्रांसपोर्ट लागत
हर शहर में गैस सप्लाई नेटवर्क और ट्रांसपोर्टेशन लागत अलग होती है, इसलिए PNG रेट भी अलग-अलग दिखाई देते हैं।
क्या आने वाले समय में PNG महंगी हो सकती है?
ऊर्जा बाजार विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल PNG कीमतों में स्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन कुछ बड़े वैश्विक कारण आगे कीमतों में तेजी ला सकते हैं पश्चिम एशिया तनाव, LNG सप्लाई बाधित होना, डॉलर मजबूत होना, कच्चे तेल की कीमत बढ़ना, घरेलू गैस उत्पादन में कमी हाल ही में कच्चे तेल और गैस बाजार में बढ़ती अस्थिरता के कारण ऊर्जा कंपनियां लागत दबाव का सामना कर रही हैं। यदि आयातित गैस महंगी होती है तो आने वाले महीनों में PNG और CNG दोनों के दाम बढ़ सकते हैं।
LPG के मुकाबले PNG कितनी सस्ती?
विशेषज्ञों के मुताबिक लंबे समय में PNG कई शहरों में LPG से किफायती साबित होती है। PNG में केवल उपयोग के हिसाब से भुगतान करना पड़ता है जबकि LPG में पूरा सिलेंडर खरीदना होता है।
इसके अलावा PNG में डिलीवरी चार्ज नहीं, सिलेंडर स्टोरेज की जरूरत नहीं, लीकेज रिस्क कम, लगातार सप्लाई यही वजह है कि बड़े शहरों में नए अपार्टमेंट और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में PNG कनेक्शन तेजी से अनिवार्य बनाए जा रहे हैं।
पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर विकल्प
विशेषज्ञ PNG को क्लीन फ्यूल मानते हैं क्योंकि यह कोयला और पारंपरिक ईंधन की तुलना में कम कार्बन उत्सर्जन करता है। भारत सरकार 2070 नेट-जीरो लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए गैस आधारित ऊर्जा उपयोग बढ़ाने पर जोर दे रही है।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि आने वाले वर्षों में PNG नेटवर्क का विस्तार, EV और गैस आधारित ट्रांसपोर्ट, और क्लीन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर भारत की ऊर्जा रणनीति का अहम हिस्सा बनने वाले हैं।
निष्कर्ष
देशभर में फिलहाल PNG कीमतों में स्थिरता जरूर दिखाई दे रही है, लेकिन वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिति भविष्य में कीमतों को प्रभावित कर सकती है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में PNG उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली हुई है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय गैस कीमत, डॉलर की चाल और भू-राजनीतिक हालात आने वाले महीनों में PNG दरों की दिशा तय करेंगे।
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