देश के सरकारी बैंकों में तेजी से बढ़ते डिजिटल ट्रांजैक्शन और साइबर फ्रॉड के मामलों ने अब बैंकों की रणनीति पूरी तरह बदलनी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में देश के बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक Punjab National Bank ने तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बड़ा निवेश करने का फैसला लिया है। बैंक ने IT इंफ्रास्ट्रक्चर, AI सिस्टम, डिजिटल इनोवेशन और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ₹3,400 करोड़ के बड़े निवेश प्लान को मंजूरी दी है।
PNB के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO Ashok Chandra ने बताया कि बैंक आने वाले समय में जनरेटिव AI, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, साइबर रिस्क मैनेजमेंट और फ्रॉड मॉनिटरिंग सिस्टम पर तेजी से काम करेगा। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब दुनिया भर के बैंक AI आधारित फिशिंग, डिजिटल स्कैम और डेटा चोरी जैसे खतरों से जूझ रहे हैं।
AI और डिजिटल सिक्योरिटी पर फोकस क्यों बढ़ा?
पिछले कुछ वर्षों में भारत में डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है। यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग और ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम ने बैंकिंग को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों में भी तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है।
AI आधारित फ्रॉड अब पहले की तुलना में ज्यादा जटिल और खतरनाक हो चुके हैं। फर्जी कॉल, डीपफेक, AI फिशिंग और ऑटोमेटेड स्कैमिंग टूल्स बैंकों के लिए नई चुनौती बन गए हैं। हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक कर AI आधारित जोखिमों और वित्तीय डेटा सुरक्षा पर चर्चा की थी।
इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए PNB अब टेक्नोलॉजी अपग्रेड को सिर्फ सुविधा नहीं बल्कि सुरक्षा और भविष्य की जरूरत के तौर पर देख रहा है।
PNB बनाएगा नई AI रणनीति
PNB जल्द ही एक ग्लोबल कंसल्टेंट नियुक्त करने के लिए Request for Proposal (RFP) जारी करेगा। यह कंसल्टेंट बैंक की AI आधारित रणनीति तैयार करेगा।
बैंक जिन प्रमुख क्षेत्रों पर काम करेगा उनमें शामिल हैं:
- जनरेटिव AI आधारित बैंकिंग समाधान
- डेटा एनालिटिक्स और ग्राहक व्यवहार अध्ययन
- डिजिटल इनोवेशन
- ऑटोमेटेड कस्टमर सर्विस
- साइबर फ्रॉड मॉनिटरिंग
- रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम
- प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स
PNB का लक्ष्य सिर्फ डिजिटल बैंकिंग को मजबूत करना नहीं बल्कि AI की मदद से संभावित फ्रॉड को पहले ही पहचानना भी है।
Strategic Innovation Lab क्या है?
PNB ने अपनी टेक्नोलॉजी क्षमता बढ़ाने के लिए “Strategic Innovation Lab” नाम से एक नया वर्टिकल भी तैयार किया है। इसके तहत बैंक ने 200 से ज्यादा युवा इंजीनियरिंग प्रोफेशनल्स की पहचान की है, जिनमें IIT और NIT जैसे संस्थानों से जुड़े टैलेंट भी शामिल हैं।
इन कर्मचारियों को AI, डेटा साइंस और एडवांस टेक्नोलॉजी में ट्रेनिंग देकर बैंक के हेड ऑफिस इनोवेशन सिस्टम में शामिल किया जाएगा। बैंक मानता है कि भविष्य की बैंकिंग सिर्फ शाखाओं से नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी आधारित इंटेलिजेंट सिस्टम से चलेगी।
CASA और डिपॉजिट ग्रोथ में सुधार
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के साथ PNB ने अपनी CASA (Current Account Saving Account) रणनीति में भी बदलाव किए हैं। बैंक ने पिछले साल अपनी सेविंग और CASA योजनाओं को पूरी तरह रिवैंप किया था।
इसका असर अब आंकड़ों में दिख रहा है:
- बैंक ने 47 लाख से ज्यादा नए क्वालिटी अकाउंट जोड़े
- इन खातों के जरिए लगभग ₹22,000 करोड़ की सेविंग डिपॉजिट जुटाई गई
- घरेलू डिपॉजिट में 9.1% की सालाना वृद्धि दर्ज हुई
- सेविंग बैंक इंडिविजुअल डिपॉजिट 9.2% बढ़े
यह दिखाता है कि डिजिटल बैंकिंग और बेहतर प्रोडक्ट स्ट्रेटेजी ग्राहकों को आकर्षित करने में मदद कर रही है।
Q4 रिजल्ट में क्या रहा खास?
वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में PNB का नेट प्रॉफिट 14% बढ़कर ₹5,225 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में बैंक का मुनाफा ₹4,567 करोड़ था।
हालांकि बैंक की Net Interest Income (NII) में हल्की गिरावट देखने को मिली। यह घटकर ₹10,380 करोड़ रह गई, जो एक साल पहले ₹10,756 करोड़ थी।
बैंक का Net Interest Margin (NIM) भी घटकर 2.61% पर आ गया। इसका बड़ा कारण RBI की तरफ से रेपो रेट में कटौती और जमा दरों में अपेक्षित गिरावट का नहीं होना बताया जा रहा है।
MSME सेक्टर को राहत देगा ECLGS 5.0
PNB ने सरकार की नई Emergency Credit Line Guarantee Scheme (ECLGS 5.0) का भी स्वागत किया है। बैंक का मानना है कि आने वाले महीनों में MSME सेक्टर पर वैश्विक परिस्थितियों का दबाव बढ़ सकता है।
बैंक के MSME लोन में 19.9% की बढ़त दर्ज हुई है और यह ₹1.95 लाख करोड़ तक पहुंच गया है।
अशोक चंद्र के अनुसार, जिन MSME अकाउंट्स का बिजनेस मॉडल मजबूत है उन्हें अतिरिक्त लिक्विडिटी और सपोर्ट की जरूरत पड़ेगी, जिसे ECLGS 5.0 के जरिए आसान बनाया जा सकता है।
मिडिल ईस्ट तनाव पर भी नजर
बैंक ने यह भी साफ किया कि फिलहाल मिडिल ईस्ट से जुड़े अकाउंट्स में कोई बड़ा तनाव नहीं दिख रहा है। हालांकि निर्यातकों और कॉर्पोरेट सेक्टर के साथ लगातार चर्चा जारी है।
PNB का मानना है कि अगर वैश्विक हालात और बिगड़ते हैं तो बैंक और सरकार मिलकर उद्योगों को सपोर्ट देने के लिए रणनीति तैयार करेंगे।
भारतीय बैंकिंग का नया दौर शुरू?
PNB का यह बड़ा निवेश इस बात का संकेत है कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर अब AI और साइबर सिक्योरिटी को भविष्य की सबसे बड़ी प्राथमिकता मानने लगा है। आने वाले वर्षों में सिर्फ शाखाओं का विस्तार ही नहीं, बल्कि डेटा सिक्योरिटी, AI आधारित सर्विस और डिजिटल फ्रॉड कंट्रोल ही बैंकों की असली ताकत तय करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित बैंकिंग सिस्टम ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ-साथ बैंकिंग फ्रॉड को कम करने में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि इसके साथ डेटा प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा की चुनौतियां भी लगातार बढ़ती रहेंगी।
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