भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को कमजोर माहौल के बावजूद डिजिटल लेंडिंग कंपनी OneEMI Technology Solutions ने शानदार शुरुआत कर निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कंपनी के शेयर जैसे ही stock exchanges पर लिस्ट हुए, उनमें तेज खरीदारी देखने को मिली और कुछ ही देर में कीमत ₹200 के पार पहुंच गई। इस मजबूत debut ने यह संकेत दिया कि fintech और digital lending सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी अब भी बनी हुई है।
OneEMI के शेयर BSE पर ₹191 के स्तर पर लिस्ट हुए, जो इसके IPO price ₹171 से करीब 11.7% अधिक था। लिस्टिंग के बाद buying momentum और तेज हो गया तथा शेयर ₹205.60 तक पहुंच गया। इसी तरह NSE पर stock ₹190 पर सूचीबद्ध हुआ और बाद में बढ़कर ₹208.05 तक चला गया। ऐसे समय में जब broader market दबाव में था, इस तरह की listing को बाजार विशेषज्ञ काफी मजबूत शुरुआत मान रहे हैं।
कंपनी के IPO को निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। कुल issue लगभग 10 गुना subscribe हुआ, जबकि Qualified Institutional Buyers (QIB) category में भारी उत्साह देखने को मिला। QIB portion करीब 26 गुना subscribe हुआ, जिससे यह साफ संकेत मिला कि बड़े institutional investors कंपनी के business model और growth potential को लेकर सकारात्मक हैं। Non-institutional investors category में भी मजबूत subscription देखने को मिला, जबकि retail investors ने भी issue में steady interest दिखाया।
OneEMI Technology Solutions का IPO 30 अप्रैल 2026 को खुला था और 5 मई को बंद हुआ। कंपनी ने issue price ₹171 प्रति शेयर तय किया था। IPO allotment 6 मई को final हुआ। एक lot में 87 shares शामिल थे, जिसके चलते retail investors को न्यूनतम ₹14,877 का निवेश करना पड़ा।
कंपनी की शुरुआत 2016 में हुई थी और यह technology-enabled digital lending platform के तौर पर काम करती है। OneEMI अपने mobile applications के जरिए personal loans, EMI financing और consumer-focused credit solutions उपलब्ध कराती है। पिछले कुछ वर्षों में भारत में digital lending ecosystem तेजी से बढ़ा है और इसी growth story का फायदा उठाने वाली कंपनियों में OneEMI को भी देखा जा रहा है।
भारत में fintech adoption तेजी से बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। Smartphone penetration, UPI ecosystem, digital payments और instant credit demand ने app-based lending कंपनियों के लिए बड़ा अवसर तैयार किया है। युवा उपभोक्ता अब छोटे टिकट वाले loans, EMI-based financing और instant approvals को तेजी से अपना रहे हैं। यही वजह है कि digital lending sector में काम करने वाली कंपनियां निवेशकों के लिए high-growth opportunity बनती जा रही हैं।
हालांकि analysts यह भी मानते हैं कि fintech sector में growth के साथ जोखिम भी जुड़े हुए हैं। RBI की regulatory scrutiny, rising competition और loan quality आने वाले समय में बड़ी चुनौतियां बन सकती हैं। इसलिए listing gains के बाद बाजार अब कंपनी के execution, profitability और asset quality पर करीब से नजर रखेगा।
IPO के बाद कंपनी की promoter holding भी कम हुई है। Issue से पहले promoters की हिस्सेदारी 32.30% थी, जो अब घटकर 23.33% रह गई है। कंपनी के promoters Ranveer Singh और Krishnan Viswanathan हैं।
OneEMI की मजबूत listing यह दिखाती है कि भारतीय बाजार में अब भी नई-age financial technology कंपनियों के लिए appetite बनी हुई है। पिछले कुछ वर्षों में investors traditional banking और NBFC stocks के साथ-साथ fintech-driven business models को भी तेजी से अपनाने लगे हैं। खास तौर पर digital consumer finance और app-based lending को भारत की तेजी से digital होती economy का बड़ा growth segment माना जा रहा है।
अगर कंपनी आने वाले quarters में मजबूत growth, controlled defaults और scalable lending model दिखाने में सफल रहती है, तो यह stock fintech space में लंबे समय तक चर्चा में बना रह सकता है। फिलहाल listing day की तेजी ने इतना जरूर साफ कर दिया है कि बाजार OneEMI को केवल एक और IPO नहीं बल्कि तेजी से बढ़ते digital lending ecosystem के हिस्से के रूप में देख रहा है।
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