नई दिल्ली: भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने और स्वच्छ, भरोसेमंद ऊर्जा स्रोतों को विकसित करने की दिशा में NTPC Limited ने Électricité de France (EDF) के साथ Non-Binding Memorandum of Understanding (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता भारत में नए न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स के विकास के लिए सहयोग की संभावनाओं को तलाशने के उद्देश्य से किया गया है।
यह MoU संबंधित मंत्रालयों और विभागों की मंजूरी के बाद हुआ। NTPC की ओर से अर्नदा प्रसाद सामल, CGM (Nuclear Cell), और EDF की ओर से वाकिसासी रामनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, International Nuclear Development ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
MoU का उद्देश्य और क्षेत्र
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह MoU दोनों कंपनियों को संयुक्त रूप से संभावनाओं का आकलन और सहयोग की रूपरेखा तैयार करने का अवसर देगा। मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- EDF की EPR तकनीक का अध्ययन और इसकी भारतीय जरूरतों के अनुरूप उपयुक्तता का आकलन।
- स्थानीयकरण (Localization) के अवसरों का पता लगाना ताकि बड़े पैमाने पर तैनाती में स्थानीय उद्योगों की भागीदारी बढ़ाई जा सके।
- आर्थिक और टैरिफ पहलुओं का मूल्यांकन।
- मानव संसाधन विकास के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम्स।
- संभावित परियोजना स्थलों का मूल्यांकन।
- आपसी सहमति से तकनीकी समर्थन प्रदान करना।
इस पहल का उद्देश्य NTPC की रणनीति के अनुरूप है, जो स्वच्छ, भरोसेमंद और सतत ऊर्जा में विस्तार करना और भारत की लंबी अवधि की ऊर्जा सुरक्षा में योगदान देना चाहता है।
NTPC की वर्तमान और भविष्य की क्षमता
भारत की सबसे बड़ी समेकित पावर यूटिलिटी NTPC Limited वर्तमान में 89 GW से अधिक इंस्टॉल्ड कैपेसिटी संचालित कर रही है, जबकि 32 GW निर्माणाधीन है। कंपनी ने 2032 तक 149 GW कुल क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से 60 GW अक्षय ऊर्जा स्रोतों से आएगा।
इसमें थर्मल, हाइड्रो, सोलर और विंड पावर का संतुलित मिश्रण शामिल है, जिससे देश को विश्वसनीय, किफायती और सतत बिजली उपलब्ध कराई जा सके।
NTPC की नई व्यवसायिक पहल
विद्युत उत्पादन के अलावा, NTPC ने कई नवीन व्यावसायिक क्षेत्रों में भी कदम रखा है:
- ई-मोबिलिटी
- बैटरी स्टोरेज और पम्प्ड हाइड्रो स्टोरेज
- वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट्स
- न्यूक्लियर पावर
- ग्रीन हाइड्रोजन सॉल्यूशंस
यह कदम NTPC की ऊर्जा क्षेत्र में विविधता और सतत विकास की रणनीति का हिस्सा है।
निष्कर्ष
NTPC और EDF के बीच यह MoU भारत में न्यूक्लियर ऊर्जा परियोजनाओं को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह समझौता केवल तकनीकी और आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के ऊर्जा मिश्रण में स्वच्छ और भरोसेमंद ऊर्जा के विस्तार की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
“इस साझेदारी से न केवल तकनीकी क्षमताओं का विकास होगा, बल्कि भारत में ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास को भी मजबूती मिलेगी।”
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