नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज National Stock Exchange (NSE) के बहुप्रतीक्षित आईपीओ का रास्ता अब लगभग साफ होता नजर आ रहा है। एक्सचेंज ने अपने पब्लिक इश्यू के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है। करीब ₹30,000 करोड़ के आकार वाला यह आईपीओ भारत के इतिहास के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल हो सकता है।
इस आईपीओ की सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) आधारित होगा। यानी कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। ऐसे में NSE में वर्षों पहले निवेश करने वाले कई दिग्गज निवेशकों को जबरदस्त फायदा होने की उम्मीद है।
वर्षों पहले खरीदे शेयर, अब मिल सकता है हजारों करोड़ का फायदा
एनएसई की अनलिस्टेड मार्केट में लंबे समय से जबरदस्त मांग रही है। कई बड़े उद्योगपति, निवेशक और वित्तीय संस्थान इसमें हिस्सेदारी रखते हैं। यदि आईपीओ का मूल्यांकन करीब ₹2,000 प्रति शेयर के आसपास माना जाए तो कई निवेशकों की हिस्सेदारी की वैल्यू हजारों करोड़ रुपये तक पहुंचती है।
राधाकिशन दमानी को हो सकता है सबसे बड़ा फायदा
Radhakishan Damani, जो डीमार्ट के संस्थापक और देश के सबसे सफल निवेशकों में गिने जाते हैं, NSE के सबसे चर्चित व्यक्तिगत शेयरधारकों में शामिल हैं।
उनके पास NSE में लगभग 1.58% हिस्सेदारी है। अनुमानित ₹2,000 प्रति शेयर के हिसाब से उनकी हिस्सेदारी का मूल्य करीब ₹7,817 करोड़ बैठता है। हालांकि यह सार्वजनिक नहीं है कि उन्होंने ये शेयर किस कीमत पर खरीदे थे, लेकिन माना जाता है कि शुरुआती निवेश के मुकाबले उन्हें कई गुना रिटर्न मिल सकता है।
सुनील कांत मुंजाल की हिस्सेदारी भी हजारों करोड़ की
Sunil Kant Munjal के पास NSE के लगभग 1.02 करोड़ शेयर हैं, जो करीब 0.41% हिस्सेदारी के बराबर हैं।
अगर आईपीओ मूल्य ₹2,000 प्रति शेयर माना जाए तो उनकी हिस्सेदारी की अनुमानित वैल्यू करीब ₹2,040 करोड़ बैठती है।
इंफोसिस के को-फाउंडर एस. गोपालकृष्णन भी बड़े निवेशक
S. Gopalakrishnan भी NSE के प्रमुख शेयरधारकों में शामिल हैं।
उनके पास लगभग 94.29 लाख शेयर यानी 0.38% हिस्सेदारी है। मौजूदा अनुमानित वैल्यू के आधार पर उनकी हिस्सेदारी करीब ₹1,886 करोड़ की हो सकती है।
डीमार्ट के CEO के पास भी करोड़ों की हिस्सेदारी
Ignatius Navil Noronha के पास NSE के करीब 30 लाख शेयर हैं। यह लगभग 0.12% हिस्सेदारी के बराबर है।
इस हिस्सेदारी का अनुमानित मूल्य करीब ₹600 करोड़ आंका जा रहा है।
डॉली खन्ना भी हैं शेयरधारक
मशहूर निवेशक Dolly Khanna के पास NSE के लगभग 15.17 लाख शेयर हैं। यह करीब 0.06% हिस्सेदारी के बराबर है।
आईपीओ मूल्यांकन के हिसाब से उनकी हिस्सेदारी की कीमत लगभग ₹303 करोड़ बैठती है।
अन्य निवेशकों के पास भी बड़ा दांव
NSE के ड्राफ्ट दस्तावेजों के अनुसार कई अन्य व्यक्तिगत निवेशकों के पास भी उल्लेखनीय हिस्सेदारी है।
इनमें सिद्धार्थ बालचंद्रन, वनजा सुंदर अय्यर, लता भंसाली, पायल जैन, रुचि जैन, राजेश हनसोगे, ओंकारनाथ मालपानी, सुषमा आनंद जैन, राजीव कुच्छल, तरुण जैन, हिमांशु प्रवीणभाई भालोदिया, भरत तापड़िया, विपुल जयंतीलाल मोदी, अपूर्व महेश शाह, चंद्रकांत गोगरी, दमानी एस्टेट एंड फाइनेंस, नवीन अग्रवाल, नीपा शाह, रमाकांत बाहेती, कमलेश शाह, मुकेश शर्मा और सुबोध गुप्ता जैसे निवेशकों के नाम शामिल हैं।
इनमें से कई निवेशकों ने वर्षों पहले NSE के अनलिस्टेड शेयर खरीदे थे और अब आईपीओ के जरिए उन्हें बड़ा एग्जिट अवसर मिल सकता है।
भारत का सबसे बड़ा IPO बन सकता है NSE इश्यू
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि NSE का आईपीओ भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास का सबसे चर्चित और सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू साबित हो सकता है। कंपनी देश के डेरिवेटिव और इक्विटी ट्रेडिंग बाजार में अग्रणी स्थिति रखती है और इसकी मजबूत कमाई तथा बाजार हिस्सेदारी निवेशकों को आकर्षित कर सकती है।
यदि बाजार की स्थितियां अनुकूल रहीं तो NSE की लिस्टिंग न केवल मौजूदा शेयरधारकों के लिए बड़ी कमाई का मौका बनेगी, बल्कि भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड भी स्थापित कर सकती है।
NSE IPO से जुड़ी मुख्य बातें
- NSE ने IPO के लिए DRHP दाखिल कर दिया है।
- इश्यू पूरी तरह OFS आधारित होगा।
- राधाकिशन दमानी की हिस्सेदारी की अनुमानित वैल्यू ₹7,800 करोड़ से अधिक है।
- सुनील कांत मुंजाल और एस. गोपालकृष्णन की हिस्सेदारी भी ₹1,800 करोड़ से अधिक आंकी जा रही है।
- यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। निवेश या टैक्स से जुड़ा कोई भी निर्णय लेने से पहले वित्तीय सलाहकार या संबंधित बैंक से परामर्श अवश्य करें।


