Nifty Trade Setup: भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी का दौर जारी है। 31 अगस्त के कारोबारी सत्र में निफ्टी ने इंट्राडे कारोबार के दौरान 24,000 के अहम स्तर के नीचे फिसलने के बाद दिन के अंत में इस स्तर को बचा लिया। हालांकि, इंडेक्स 95 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ और लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। तकनीकी संकेतकों में भी कमजोरी बढ़ती नजर आ रही है।
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अब 24,000 का स्तर निफ्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण सपोर्ट बन गया है। यदि इंडेक्स इस स्तर के नीचे टिकता है तो बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और निफ्टी के 23,800 के स्तर तक फिसलने की संभावना बन सकती है। वहीं, ऊपर की तरफ 24,200 से 24,300 का क्षेत्र तत्काल रेजिस्टेंस जोन के तौर पर काम कर सकता है।
निफ्टी में लगातार तीसरे सत्र कमजोरी

31 अगस्त को निफ्टी ने कारोबार के दौरान 24,000 के नीचे भी दबाव देखा, लेकिन क्लोजिंग तक इस स्तर के आसपास अपनी स्थिति बनाए रखने में सफल रहा। बाजार में भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशकों की चिंता बढ़ी है। वहीं, तकनीकी चार्ट पर भी कई संकेतक बाजार में कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं।
निफ्टी लगातार तीसरे सत्र में अपने प्रमुख मूविंग एवरेज के नीचे रहा। इसके अलावा 20-डे EMA भी नीचे की दिशा में बढ़ रहा है। ऐसे में बाजार में तत्काल तेजी की तुलना में सावधानी बरतने की जरूरत दिखाई दे रही है।
निफ्टी 50 के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
31 अगस्त के कारोबार के बाद निफ्टी 50 करीब 24,080 के स्तर पर रहा। पिवट प्वाइंट के आधार पर अगले कारोबारी सत्र के लिए अहम स्तर इस प्रकार हैं:
| स्तर | निफ्टी 50 |
|---|---|
| पहला सपोर्ट | 24,016 |
| दूसरा सपोर्ट | 23,984 |
| तीसरा सपोर्ट | 23,932 |
| पहला रेजिस्टेंस | 24,119 |
| दूसरा रेजिस्टेंस | 24,151 |
| तीसरा रेजिस्टेंस | 24,203 |
इन स्तरों में 24,000 के आसपास का जोन खास महत्व रखता है। यदि निफ्टी इस क्षेत्र के नीचे मजबूती से टिकता है तो अगला दबाव 23,800 की ओर दिखाई दे सकता है। दूसरी ओर, 24,200-24,300 के ऊपर टिकाऊ तेजी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत दे सकती है।
चार्ट पर बना खास पैटर्न क्या बता रहा है?
डेली चार्ट पर निफ्टी ने लंबी लोअर शैडो वाली एक बेयरिश कैंडल बनाई है। इसका आकार कुछ हद तक हैमर जैसे कैंडलस्टिक पैटर्न से मिलता-जुलता है। हालांकि, इसे पूरी तरह क्लासिकल हैमर पैटर्न नहीं माना जा सकता।
हैमर को सामान्य तौर पर संभावित बुलिश रिवर्सल पैटर्न माना जाता है, लेकिन इसकी पुष्टि अगले कारोबारी सत्र में जरूरी होती है। इसके लिए इंडेक्स को मौजूदा कैंडल के हाई के ऊपर मजबूती दिखानी होगी।
तकनीकी संकेतकों की बात करें तो निफ्टी अभी भी प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है। RSI करीब 43.7 पर है और इसमें नेगेटिव क्रॉसओवर बरकरार है। वहीं MACD जीरो लाइन से नीचे बना हुआ है। एक दिन हल्का पड़ने के बाद MACD हिस्टोग्राम में लाल रंग और गहरा हुआ है।
इन संकेतकों को मिलाकर देखें तो फिलहाल निफ्टी में कमजोरी का मोमेंटम बना हुआ है।
बैंक निफ्टी में क्या है स्थिति?
बैंक निफ्टी ने 31 अगस्त को अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। इंडेक्स करीब 58,025 के स्तर पर रहा और डेली चार्ट पर लंबी बुलिश कैंडल बनी। क्लोजिंग ऑक्शन के दौरान आई करीब 1 फीसदी की तेजी ने बैंक निफ्टी को 58,000 के ऊपर पहुंचाने में मदद की।
हालांकि, इस तेजी को अगले सत्र में बरकरार रखना महत्वपूर्ण होगा। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर निकल आया है, लेकिन बड़े ट्रेंड को अभी मजबूत तेजी में बदलने की पुष्टि नहीं हुई है।
बैंक निफ्टी के अहम स्तर
पिवट प्वाइंट के आधार पर रेजिस्टेंस:
- 58,066
- 58,263
- 58,583
पिवट प्वाइंट के आधार पर सपोर्ट:
- 57,426
- 57,228
- 56,908
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस:
- 58,137
- 58,706
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट:
- 57,135
- 56,870
RSI और MACD से बैंक निफ्टी को मिल रहे सकारात्मक संकेत
बैंक निफ्टी का RSI बढ़कर 56.89 पर पहुंच गया है और इसमें पॉजिटिव क्रॉसओवर देखने को मिला है। MACD में भी बुलिश क्रॉसओवर बना है और हिस्टोग्राम पॉजिटिव हुआ है।
हालांकि, इन संकेतकों में लंबे समय से कंसोलिडेशन का असर दिखाई देता है। इसलिए केवल एक दिन की तेजी को मजबूत अपट्रेंड का संकेत मानना जल्दबाजी होगी।
बैंक निफ्टी के लिए 58,000 के ऊपर लगातार मजबूती बेहद अहम होगी। इस स्तर के ऊपर टिकाऊ कारोबार होने पर तेजी का भरोसा बढ़ सकता है, जबकि इसके नीचे फिसलने पर फिर से कंसोलिडेशन का दबाव देखने को मिल सकता है।
India VIX में बढ़ोतरी से सावधानी का संकेत
बाजार का फियर इंडेक्स यानी India VIX 31 अगस्त को करीब 4.78 फीसदी बढ़कर 11.19 पर पहुंच गया। VIX में तेजी आम तौर पर बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और सावधानी का संकेत देती है।
हालांकि, VIX अभी भी अपने प्रमुख शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और 12 के स्तर से नीचे बना हुआ है। इसलिए फिलहाल इसमें इतनी तेजी नहीं आई है जिसे बाजार में बड़े खतरे का संकेत माना जाए।
फिर भी, VIX में बढ़ोतरी यह बताती है कि आने वाले सत्रों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
निफ्टी PCR में मामूली सुधार
31 अगस्त को निफ्टी का Put-Call Ratio (PCR) बढ़कर 0.91 हो गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 0.89 था।
आमतौर पर 0.7 से ऊपर का PCR बाजार में अपेक्षाकृत सकारात्मक भावना का संकेत माना जाता है, जबकि 0.7 से नीचे जाने वाला अनुपात कमजोर सेंटीमेंट की ओर इशारा कर सकता है। हालांकि, PCR को अकेले देखकर बाजार की दिशा तय करना उचित नहीं है। इसे अन्य तकनीकी संकेतकों और बाजार के ट्रेंड के साथ देखना चाहिए।
F&O बैन में कौन से स्टॉक?
F&O सेगमेंट में उन सिक्योरिटीज को प्रतिबंधित किया जा सकता है जिनके डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की ओपन पोजीशन मार्केट-वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से अधिक हो जाती है।
नए स्टॉक जोड़े गए: कोई नहीं
पहले से F&O बैन में शामिल स्टॉक:
- LIC Housing Finance
- SAIL
F&O बैन से बाहर किए गए स्टॉक: कोई नहीं
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
फिलहाल निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर सबसे अहम सपोर्ट जोन बनकर सामने आया है। इस स्तर के ऊपर इंडेक्स के टिके रहने पर सीमित रिकवरी की संभावना बनी रह सकती है। इसके लिए 24,200 और फिर 24,300 के स्तर को पार करना महत्वपूर्ण होगा।
इसके उलट, यदि निफ्टी 24,000 के नीचे जाता है और वहां टिक जाता है तो बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में 23,800 अगला महत्वपूर्ण स्तर बन सकता है।
इसलिए अगले कारोबारी सत्र में निवेशकों की नजर 24,000 के सपोर्ट और 24,200-24,300 के रेजिस्टेंस जोन पर रहेगी। बाजार में मौजूदा तकनीकी कमजोरी को देखते हुए जल्दबाजी में ट्रेड लेने के बजाय महत्वपूर्ण स्तरों पर प्राइस एक्शन की पुष्टि का इंतजार करना बेहतर रणनीति हो सकती है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में बाजार से जुड़े तकनीकी स्तर और विश्लेषण केवल जानकारी के उद्देश्य से दिए गए हैं। ये किसी भी तरह की निवेश सलाह या शेयर खरीदने-बेचने की सिफारिश नहीं हैं। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश का कोई भी फैसला लेने से पहले अपने सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


