टायर इंडस्ट्री की दिग्गज कंपनी और भारत का सबसे महंगा शेयर MRF Limited ने अपने मार्च तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस बार शानदार प्रदर्शन करते हुए न सिर्फ मुनाफे में जोरदार बढ़त दर्ज की है, बल्कि निवेशकों के लिए डिविडेंड की भी घोषणा की है।
बाजार में इन नतीजों के बाद कंपनी के शेयर में भी हल्की तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों की उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।
Q4 में 37% बढ़ा नेट प्रॉफिट
MRF Limited का मार्च तिमाही का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा।
- नेट प्रॉफिट: ₹680 करोड़
- पिछले साल: ₹498 करोड़
- ग्रोथ: लगभग 37%
यह बढ़त दर्शाती है कि टायर सेक्टर में मांग और प्राइसिंग पावर दोनों में सुधार हुआ है।
₹229 प्रति शेयर का डिविडेंड
कंपनी के बोर्ड ने निवेशकों के लिए एक और बड़ा फैसला लेते हुए:
- ₹229 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है
यह कदम निवेशकों के लिए रिटर्न को और आकर्षक बनाता है और कंपनी की मजबूत कैश फ्लो स्थिति को दर्शाता है।
रेवेन्यू में भी मजबूत ग्रोथ
कंपनी के ऑपरेशनल प्रदर्शन में भी स्थिर सुधार देखा गया है:
Q4 रेवेन्यू
- ₹7,908 करोड़
- पिछले साल: ₹6,944 करोड़
- ग्रोथ: लगभग 14%
फुल ईयर रेवेन्यू
- ₹30,652 करोड़
- पिछले साल: ₹27,665 करोड़
यह लगातार ग्रोथ कंपनी की मजबूत मार्केट डिमांड और ब्रांड वैल्यू को दर्शाता है।
सालाना मुनाफा भी 29% बढ़ा
पूरे वित्त वर्ष में कंपनी का प्रदर्शन और भी मजबूत रहा:
- सालाना प्रॉफिट: ₹2,355 करोड़
- पिछले साल: ₹1,823 करोड़
- ग्रोथ: लगभग 29%
इससे साफ है कि MRF Limited ने न सिर्फ तिमाही बल्कि पूरे साल में स्थिर प्रदर्शन किया है।
शेयर बाजार में क्या रहा असर?
भारत का सबसे महंगा शेयर माने जाने वाला MRF का स्टॉक भी रिजल्ट के बाद एक्टिव रहा:
- पिछला बंद भाव: ₹1,30,366.45
- इंट्राडे हाई: ₹1,33,950
- इंट्राडे लो: ₹1,30,200
हालांकि उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन कुल मिलाकर स्टॉक में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही।
52-वीक रेंज और मार्केट कैप
- 52 सप्ताह का उच्च स्तर: ₹1,63,500
- 52 सप्ताह का निचला स्तर: ₹1,23,430.50
- मार्केट कैप: ₹55,607 करोड़
यह आंकड़े दिखाते हैं कि MRF एक प्रीमियम वैल्यू वाला स्टॉक बना हुआ है।
टायर सेक्टर में मजबूती के संकेत
MRF Limited का मजबूत प्रदर्शन सिर्फ कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे टायर सेक्टर की रिकवरी को भी दिखाता है। विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे प्रमुख कारण हैं:
- ऑटोमोबाइल बिक्री में सुधार
- कमोडिटी कॉस्ट में स्थिरता
- रिप्लेसमेंट डिमांड में बढ़ोतरी
- एक्सपोर्ट मार्केट से बेहतर ऑर्डर
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
Q4 नतीजे यह संकेत देते हैं कि:
✔ कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी मजबूत बनी हुई है
✔ डिविडेंड से निवेशकों को नियमित रिटर्न मिल रहा है
✔ लॉन्ग टर्म में स्टॉक स्थिरता बनाए हुए है
✔ प्रीमियम वैल्यूएशन अभी भी बरकरार है
हालांकि, ऊंचे शेयर प्राइस के कारण यह स्टॉक अभी भी हाई-इन्वेस्टमेंट कैटेगरी में आता है।
निष्कर्ष
MRF Limited ने एक बार फिर साबित किया है कि वह भारतीय बाजार में न सिर्फ सबसे महंगा स्टॉक है, बल्कि मजबूत फंडामेंटल्स वाला भरोसेमंद बिजनेस भी है।
37% प्रॉफिट ग्रोथ और ₹229 प्रति शेयर डिविडेंड के साथ कंपनी ने निवेशकों को सकारात्मक संकेत दिए हैं। आने वाले समय में ऑटो सेक्टर की मांग और वैश्विक परिस्थितियां इसके प्रदर्शन को और दिशा देंगी।
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