मध्य प्रदेश में मेट्रो रेल को लोकप्रिय बनाने और बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों के बीच नई कमाई का रास्ता निकालने के लिए एक अनोखी पहल शुरू की गई है। भोपाल और इंदौर मेट्रो अब सिर्फ यात्रा का साधन नहीं रहेंगे, बल्कि यहां लोग बर्थडे पार्टी, प्री-वेडिंग शूट, एंगेजमेंट, फिल्म शूट और छोटे समारोह भी आयोजित कर सकेंगे।
मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) ने “Celebration on Wheels” नाम से इस नई पहल की शुरुआत की है। इसके तहत मेट्रो स्टेशन, कोच और कुछ चयनित परिसर किराये पर दिए जाएंगे।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दोनों शहरों की मेट्रो सेवाओं में यात्रियों की संख्या उम्मीद से काफी कम बनी हुई है और संचालन पर भारी खर्च हो रहा है।
क्यों शुरू करनी पड़ी ‘Celebration on Wheels’ योजना?
भोपाल और इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट पर सरकार ने 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। लेकिन शुरुआती चरण में यात्रियों की संख्या उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पाई है।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक:
- मेट्रो संचालन पर रोजाना लगभग ₹6–8 लाख खर्च हो रहे हैं
- जबकि वर्तमान कमाई सिर्फ ₹8,000 से ₹10,000 प्रतिदिन के आसपास है
यानी मेट्रो संचालन फिलहाल भारी घाटे में चल रहा है।
इसी वजह से मेट्रो कॉर्पोरेशन ने अतिरिक्त revenue generation मॉडल पर काम शुरू किया है।
अब मेट्रो स्टेशन पर क्या-क्या कर सकेंगे लोग?
नई नीति के तहत लोग अब मेट्रो परिसरों में कई तरह के आयोजन कर पाएंगे।
इनमें शामिल हैं:
- Pre-wedding shoot
- Birthday party
- Engagement ceremony
- Wedding shoot
- Film shooting
- Social events
- Promotional activities
इससे मेट्रो प्रशासन को उम्मीद है कि लोगों की footfall बढ़ेगी और नए revenue sources बनेंगे।
कितना लगेगा किराया?
अधिकारियों के अनुसार:
- Charges ₹5,000 से ₹7,000 प्रति घंटा तक होंगे
- आयोजन के प्रकार और स्थान के अनुसार शुल्क तय किया जाएगा
अगर कोई व्यक्ति स्टेशन, प्लेटफॉर्म या कोच इस्तेमाल करना चाहता है, तो उसे advance booking करवानी होगी।
कितने दिन पहले करनी होगी booking?
मेट्रो प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि:
कम से कम 15 दिन पहले booking करनी होगी
इसके बाद ही अनुमति दी जाएगी।
सभी आयोजनों के लिए नियम और सुरक्षा शर्तों से सहमत होना जरूरी होगा।
किन चीजों पर रहेगा प्रतिबंध?
मेट्रो परिसर में सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई चीजों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
इनमें शामिल हैं:
- Alcohol
- Cigarette
- Fireworks
- Candles
- Hazardous items
सभी मेहमानों को security screening से गुजरना होगा।
भोपाल मेट्रो की वर्तमान स्थिति क्या है?
भोपाल मेट्रो का उद्घाटन:
20 दिसंबर 2025 को हुआ था।
फिलहाल यह:
6 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर संचालित हो रही है।
इसमें कुल 8 स्टेशन शामिल हैं:
- सुभाष नगर
- DB Mall
- MP Nagar
- रानी कमलापति रेलवे स्टेशन
- AIIMS सहित अन्य स्टेशन
इंदौर मेट्रो की स्थिति कैसी है?
इंदौर मेट्रो की शुरुआत: 31 मई 2025 को हुई थी।
यह फिलहाल लगभग: 17 किलोमीटर लंबे मार्ग पर संचालित हो रही है।
शुरुआत में इंदौर मेट्रो में: 25,000 से अधिक यात्री आए थे, लेकिन बाद में footfall में तेज गिरावट देखी गई।
क्या मेट्रो परियोजनाएं शुरुआत में घाटे में रहती हैं?
मध्य प्रदेश मेट्रो कॉर्पोरेशन के Managing Director: एस कृष्ण चैतन्य ने कहा कि शुरुआती वर्षों में लगभग हर मेट्रो परियोजना घाटे में रहती है।
उनके अनुसार:
“दिल्ली और जयपुर जैसे शहरों में भी शुरुआती चरण में नुकसान हुआ था। जैसे-जैसे पूरा नेटवर्क तैयार होगा और end-to-end connectivity शुरू होगी, यात्रियों की संख्या बढ़ेगी।”
भारत में पहले भी अपनाया जा चुका है ऐसा मॉडल
“Celebration on Wheels” जैसी अवधारणा पूरी तरह नई नहीं है।
भारतीय रेलवे पहले भी:
- कोच बुकिंग
- थीम ट्रेन
- शादी और इवेंट बुकिंग
जैसी सेवाएं शुरू कर चुका है।
अब मेट्रो सिस्टम भी non-ticket revenue model पर जोर दे रहे हैं।
Metro operators को non-fare revenue की जरूरत क्यों?
विशेषज्ञों के अनुसार भारत में ज्यादातर मेट्रो प्रोजेक्ट सिर्फ टिकट बिक्री से लाभ में नहीं आ पाते।
इसी वजह से metro corporations अब:
- Advertising
- Retail space leasing
- Event hosting
- Commercial partnerships
- Branding rights
जैसे विकल्पों पर जोर दे रहे हैं।
क्या इससे मेट्रो की लोकप्रियता बढ़ेगी?
सरकार और मेट्रो प्रशासन को उम्मीद है कि:
- युवा वर्ग मेट्रो से जुड़ेगा
- सोशल मीडिया exposure बढ़ेगा
- लोग metro infrastructure को करीब से समझेंगे
- Public transport adoption बढ़ेगा
Pre-wedding shoots और social events सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होते हैं, जिससे branding को भी फायदा मिल सकता है।
क्या सुरक्षा पर असर पड़ेगा?
मेट्रो प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सभी आयोजन:
- निर्धारित समय
- सीमित क्षेत्रों
- सुरक्षा प्रोटोकॉल
के तहत ही होंगे।
क्या यह मॉडल दूसरे शहरों में भी लागू हो सकता है?
अगर भोपाल और इंदौर में यह मॉडल सफल रहता है, तो भविष्य में अन्य शहरों की metro corporations भी इसे अपना सकती हैं।
भारत में metro systems लगातार operational sustainability की चुनौती से जूझ रहे हैं। ऐसे में alternative revenue मॉडल आने वाले समय में और ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
निष्कर्ष
भोपाल और इंदौर मेट्रो का “Celebration on Wheels” मॉडल भारत में public transport revenue generation का नया प्रयोग माना जा रहा है।
एक तरफ जहां मेट्रो परियोजनाएं कम यात्रियों और बढ़ते खर्चों से जूझ रही हैं, वहीं दूसरी ओर इस तरह की पहलें लोगों को मेट्रो से जोड़ने और अतिरिक्त कमाई बढ़ाने का नया रास्ता खोल सकती हैं।
अब देखना यह होगा कि लोग मेट्रो स्टेशन पर बर्थडे पार्टी और प्री-वेडिंग शूट के इस नए ट्रेंड को कितना अपनाते हैं।
Also Read:


