Market Insight: घरेलू शेयर बाजार में आज हल्की वोलैटिलिटी देखने को मिल सकती है। इसकी बड़ी वजह सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी बाजारों की कमजोरी है। हालांकि IT शेयरों में मजबूत खरीदारी के चलते निफ्टी 24,250 के आसपास टिके रहने में सफल रहा है। मार्केट एक्सपर्ट अनुज सिंघल का मानना है कि मौजूदा समय में IT के बाद 2-व्हीलर सेक्टर सबसे मजबूत नजर आ रहा है, जबकि बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में दबाव बना हुआ है।
Highlights
- आज बाजार में मंथली एक्सपायरी के चलते बढ़ सकती है वोलैटिलिटी
- IT के बाद 2-व्हीलर सेक्टर सबसे मजबूत सेक्टर बना
- निफ्टी के लिए 24,000-24,100 खरीदारी का अहम जोन
- 24,300-24,350 पर मजबूत रेजिस्टेंस
- बैंक निफ्टी अभी भी निफ्टी के मुकाबले कमजोर
- क्रूड ऑयल की तेजी और US फेड के फैसले का बाजार पर असर
बाजार में क्यों रह सकती है हल्की वोलैटिलिटी?
गुरुवार के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार पर कई वैश्विक और घरेलू फैक्टर्स का असर देखने को मिल सकता है। एक ओर ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है, वहीं अमेरिकी बाजारों में आई तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
IT और फार्मा शेयरों में खरीदारी के दम पर निफ्टी मजबूती बनाए हुए है, लेकिन बैंक निफ्टी में 350 अंकों से ज्यादा की कमजोरी देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मुनाफावसूली का दबाव बना हुआ है। इंडिया VIX में हल्की बढ़त यह संकेत दे रही है कि बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
अनुज सिंघल: ब्रेकआउट नहीं, अभी रेंज ट्रेडिंग का दौर
सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल के मुताबिक पिछले दो हफ्तों में बाजार ने अपनी ट्रेडिंग रेंज के दोनों छोर को टेस्ट किया है।
- पहले 24,300 के ऊपर फेक ब्रेकआउट हुआ, जो टिक नहीं पाया।
- इसके बाद 23,800 के नीचे फेक ब्रेकडाउन भी फेल हो गया।
- 23,650-23,700 के स्तर से लॉन्ग पोजिशन का नजरिया बरकरार है।
- 24,300-24,350 के बीच मुनाफावसूली की सलाह दी गई है।
उनका कहना है कि इस स्तर पर नई लॉन्ग पोजिशन का रिस्क-रिवॉर्ड फिलहाल आकर्षक नहीं दिखता।
अमेरिकी बाजारों का असर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने लगातार पांचवीं बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया और उन्हें 3.5% से 3.75% के दायरे में बरकरार रखा।
फेड के फैसले के बाद:
- 10 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 4.7% पर पहुंच गई।
- 30 साल की बॉन्ड यील्ड 5.21% तक पहुंची, जो 2007 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है।
- डाओ जोंस 1,100 अंकों से ज्यादा टूटा।
- S&P 500 में करीब 1.5% और नैस्डेक में 1.7% की गिरावट दर्ज हुई।
इन संकेतों का असर आज भारतीय बाजार के सेंटीमेंट पर भी देखने को मिल सकता है।
कच्चे तेल की तेजी बनी चिंता
ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बंद हुआ। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा अमेरिकी कमर्शियल क्रूड स्टॉक में बड़ी गिरावट के कारण तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है।
इसके अलावा अमेरिका का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व 1983 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। महंगे कच्चे तेल से भारत जैसे आयातक देशों के लिए महंगाई और बाजार दोनों पर दबाव बढ़ सकता है।
IT के बाद सबसे मजबूत बना 2-व्हीलर सेक्टर
अनुज सिंघल के अनुसार मौजूदा बाजार में IT सेक्टर के बाद 2-व्हीलर कंपनियां सबसे मजबूत नजर आ रही हैं।
इन शेयरों में अच्छी मजबूती बनी हुई है:
- TVS Motor
- Bajaj Auto
- Eicher Motors
हालिया तिमाही नतीजों के बाद इन कंपनियों की दोबारा रेटिंग (Re-rating) हुई है। खासकर Eicher Motors में मजबूत आय और वॉल्यूम ग्रोथ देखने को मिल रही है। हालांकि शेयर पहले ही काफी दौड़ चुका है, इसलिए निवेशकों को ऊंचे स्तरों पर सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
किन सेक्टर्स पर रखें नजर?
आज बाजार में इन सेक्टर्स पर निवेशकों की नजर रहेगी:
- IT – मजबूत ट्रेंड जारी
- 2-व्हीलर ऑटो – सबसे ज्यादा मजबूती
- FMCG – रिकवरी के संकेत
- फार्मा – खरीदारी बनी हुई
- EMS सेक्टर – सकारात्मक ब्रेकआउट
- रियल्टी – दबाव में
- फाइनेंशियल सर्विसेज – कमजोरी
- केमिकल – बिकवाली
- डिफेंस – दबाव
- पावर इक्विपमेंट – ऊंचे वैल्यूएशन के कारण करेक्शन
निफ्टी पर आज की ट्रेडिंग रणनीति
| स्तर | दायरा |
|---|---|
| पहला सपोर्ट | 24,100 – 24,150 |
| बड़ा सपोर्ट | 23,950 – 24,050 |
| खरीदारी का जोन | 24,000 – 24,100 |
| स्टॉप लॉस | 23,950 |
| बड़ा रेजिस्टेंस | 24,300 – 24,350 |
| 24,350 के ऊपर | 24,500 तक तेजी संभव |
यदि निफ्टी 24,300 के आसपास रुकता है तो वहां मुनाफावसूली या शॉर्ट पोजिशन पर विचार किया जा सकता है। वहीं 24,350 के ऊपर टिकने पर बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है।
बैंक निफ्टी पर रणनीति
| स्तर | दायरा |
|---|---|
| पहला सपोर्ट | 56,800 – 57,000 |
| बड़ा सपोर्ट | 56,500 – 56,700 |
| प्रमुख रेजिस्टेंस | 57,300 – 57,500 |
एक्सपर्ट्स का मानना है कि बैंक निफ्टी फिलहाल निफ्टी के मुकाबले कमजोर बना हुआ है और इसमें स्पष्ट ट्रेडिंग मूव्स नहीं मिल रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
बाजार फिलहाल एक सीमित दायरे (Range Bound) में कारोबार कर रहा है। ऐसे में जल्दबाजी में नई खरीदारी करने के बजाय मजबूत सपोर्ट स्तरों पर ही एंट्री करना बेहतर माना जा रहा है। IT, 2-व्हीलर और फार्मा सेक्टर में मजबूती बनी हुई है, जबकि बैंकिंग, रियल्टी और पावर इक्विपमेंट शेयरों में फिलहाल सतर्क रहने की जरूरत है। वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की चाल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड आगे भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दिए गए बाजार संबंधी विचार और रणनीतियां संबंधित मार्केट एक्सपर्ट के निजी विचार हैं। NewsJagran.in किसी भी निवेश निर्णय की जिम्मेदारी नहीं लेता। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या SEBI-पंजीकृत निवेश सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


