आईटी (IT) और बैंकिंग सेक्टर के बीच इस समय बाजार में साफ तौर पर दो अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिल रही हैं। एक तरफ आईटी शेयर लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं, तो दूसरी ओर बैंकिंग शेयरों पर दबाव बना हुआ है। जुलाई महीने में निफ्टी IT इंडेक्स ने जहां करीब 18% का शानदार रिटर्न दिया है, वहीं निफ्टी बैंक 0.6% और निफ्टी प्राइवेट बैंक 1.3% तक कमजोर रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल मोमेंटम पूरी तरह आईटी सेक्टर के पक्ष में है, जबकि बैंकिंग इंडेक्स के सामने कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती क्रेडिट कॉस्ट जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं।
IT शेयरों में जोरदार तेजी, 4 दिनों में 11% की छलांग
गुरुवार के कारोबार में भी आईटी शेयरों में शानदार खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी IT इंडेक्स 2% से ज्यादा उछल गया और निफ्टी के टॉप-5 गेनर्स में चार शेयर आईटी सेक्टर के रहे।
इस तेजी के पीछे अमेरिकी कंपनी Cognizant द्वारा अपने EPS आउटलुक को बढ़ाना बड़ा कारण माना जा रहा है। इससे पूरी आईटी इंडस्ट्री के लिए सकारात्मक माहौल बना और निवेशकों ने आईटी शेयरों में जमकर खरीदारी की।
पिछले चार कारोबारी सत्रों में ही निफ्टी IT इंडेक्स करीब 11% चढ़ चुका है, जिससे यह बाजार का सबसे मजबूत सेक्टोरल इंडेक्स बनकर उभरा है।
अनुज सिंघल: IT सेक्टर अभी भी सबसे मजबूत
सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल के मुताबिक, आईटी सेक्टर की रैली अभी खत्म नहीं हुई है।
उनका कहना है कि—
- अमेरिका में Cognizant का बेहतर आउटलुक पूरे सेक्टर के लिए बड़ा पॉजिटिव संकेत है।
- निफ्टी IT इंडेक्स अब भी उनके 32,800 के लक्ष्य से करीब 1,700 अंक दूर है।
- 27,000 के स्तर से उन्होंने IT इंडेक्स पर मजबूत लॉन्ग पोजिशन की सलाह दी थी।
- अब सबसे बड़ा तकनीकी टेस्ट 200 DMA यानी 32,800 के आसपास देखने को मिलेगा।
इस महीने IT शेयरों ने दिया दमदार रिटर्न
जुलाई में आईटी कंपनियों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है।
| शेयर | जुलाई में प्रदर्शन |
|---|---|
| HCLTech | +25% |
| Persistent Systems | +27% |
| TCS | +20% |
| Tech Mahindra | +17% |
| Infosys | +16% |
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन निवेशकों ने शुरुआती रैली मिस कर दी थी, वे अब इसे महंगा मान रहे हैं। हालांकि मजबूत ट्रेंड वाले शेयरों में अभी भी खरीदारी का मौका पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
बैंकिंग शेयरों पर क्यों बना हुआ है दबाव?
दूसरी ओर बैंकिंग सेक्टर फिलहाल निवेशकों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहा है।
गुरुवार को बैंक निफ्टी करीब 0.58% गिरकर 56,870 के आसपास कारोबार करता दिखा।
अनुज सिंघल के अनुसार बैंक निफ्टी फिलहाल कोई स्पष्ट ट्रेडिंग मूव नहीं दे रहा है।
बैंक निफ्टी के अहम स्तर
- पहला सपोर्ट: 56,800–57,000
- बड़ा सपोर्ट: 56,500–56,700
- रेजिस्टेंस: 57,300–57,500
कच्चा तेल बैंकिंग सेक्टर के लिए क्यों चिंता का विषय?
विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकिंग सेक्टर के सामने सबसे बड़ी चुनौती कच्चे तेल की ऊंची कीमतें हैं।
यदि क्रूड ऑयल महंगा बना रहता है तो—
- महंगाई का दबाव बढ़ सकता है।
- ब्याज दरों में राहत मिलने की संभावना कम होगी।
- बैंकों की Net Interest Margin (NIM) पर असर पड़ सकता है।
- अगली तिमाही में क्रेडिट कॉस्ट बढ़ने का जोखिम रहेगा।
यही वजह है कि बैंक निफ्टी लगातार 57,400–57,500 के 200 DMA के पास जाकर रुक रहा है और ऊपर निकलने में सफल नहीं हो पा रहा।
HDFC Bank पर क्या है एक्सपर्ट की राय?
अनुज सिंघल का मानना है कि फिलहाल HDFC Bank बड़े निजी बैंकों में सबसे कमजोर नजर आ रहा है।
उनके मुताबिक—
- हाल की तेजी केवल Dead Cat Bounce हो सकती है।
- सिर्फ कम वैल्यूएशन देखकर निवेश नहीं करना चाहिए।
- पहले भी बैंक में एक महीने की तेजी एक ही दिन में खत्म हो चुकी है।
- फिलहाल उन सेक्टर्स और शेयरों पर फोकस करना बेहतर है जहां मजबूत मोमेंटम दिखाई दे रहा है।
IT बनाम बैंकिंग: किस सेक्टर ने कैसा प्रदर्शन किया?
| IT सेक्टर | प्रदर्शन | बैंकिंग सेक्टर | प्रदर्शन |
|---|---|---|---|
| निफ्टी IT | +18% | निफ्टी बैंक | -0.6% |
| HCLTech | +25% | Axis Bank | -8% |
| Persistent | +27% | HDFC Bank | -6% |
| TCS | +20% | ICICI Bank | +4.5% |
| Tech Mahindra | +17% | निफ्टी प्राइवेट बैंक | -1.3% |
निफ्टी के लिए अहम स्तर
अनुज सिंघल के अनुसार व्यापक बाजार में भी कुछ महत्वपूर्ण स्तरों पर नजर रखना जरूरी है।
- पहला सपोर्ट: 24,100–24,150
- बड़ा सपोर्ट: 23,950–24,050
- खरीदारी का जोन: 24,000–24,100
यदि निफ्टी इन स्तरों के ऊपर टिकता है तो बाजार में तेजी का रुख बना रह सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दिए गए विचार बाजार विशेषज्ञों के निजी विचार हैं। NewsJagran.in या इसका प्रबंधन किसी निवेश सलाह की जिम्मेदारी नहीं लेता। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।


