भारत के आमों की मिठास अब दुनिया भर के बाजारों में अपनी पहचान बना रही है। जापान द्वारा भारतीय आमों के कुछ शिपमेंट पर प्रतिबंध लगाए जाने जैसी चुनौतियों के बावजूद भारतीय आमों का निर्यात लगातार बढ़ रहा है। इस सीजन भारत ने 45 से अधिक देशों में आम का निर्यात किया है और अमेरिका सबसे बड़ा खरीदार बनकर उभरा है।
अमेरिका में बढ़ी भारतीय आमों की मांग
कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के अध्यक्ष अभिषेक देव के अनुसार, अमेरिका को भारतीय आमों का निर्यात इस साल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले पूरे सीजन के निर्यात आंकड़े को इस बार एक महीने पहले ही पार कर लिया गया है।
मौजूदा रुझानों को देखते हुए अमेरिका को भारतीय आमों का निर्यात इस सीजन 30% से अधिक बढ़ने की संभावना है। भारतीय आमों की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए APEDA ने न्यूयॉर्क, लॉस एंजिल्स, सिएटल और अटलांटा जैसे प्रमुख अमेरिकी शहरों में विशेष प्रचार अभियान भी चलाए हैं।
20 देशों में चलाए गए प्रमोशन अभियान
अमेरिका के अलावा APEDA ने इस वर्ष करीब 20 देशों में भारतीय आमों के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इनमें प्रमुख रूप से:
- चेक गणराज्य
- मलेशिया
- स्पेन
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
- ओमान
जैसे देश शामिल हैं।
इन अभियानों का उद्देश्य भारतीय आमों की वैश्विक पहचान को मजबूत करना और नए बाजारों में मांग बढ़ाना है।
अगले दो वर्षों में दोगुना हो सकता है निर्यात
APEDA का मानना है कि वैश्विक बाजार में भारतीय आमों की मांग लगातार बढ़ रही है। अभिषेक देव ने उम्मीद जताई कि मौजूदा प्रयासों के चलते अगले एक से दो वर्षों में भारत का कुल आम निर्यात दोगुना हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय आमों की गुणवत्ता, स्वाद और विविध किस्में अंतरराष्ट्रीय बाजार में उन्हें प्रतिस्पर्धी बढ़त दिला रही हैं।
कृषि निर्यात में भी भारत ने बनाया रिकॉर्ड
भारतीय आमों के निर्यात में तेजी ऐसे समय में आई है जब देश का कुल कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात भी मजबूत प्रदर्शन कर रहा है।
अभिषेक देव के अनुसार, लगभग एक दशक पहले भारत करीब 280 कृषि उत्पादों का निर्यात करता था, जबकि अब यह संख्या बढ़कर लगभग 500 उत्पादों तक पहुंच चुकी है। APEDA की सूची में कुल 790 उत्पाद शामिल हैं।
पिछले वित्त वर्ष में भारत का कृषि निर्यात 53 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जिससे भारत दुनिया के शीर्ष 10 कृषि निर्यातक देशों में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए रखने में सफल रहा। अमेरिका, ब्राजील, चीन और यूरोपीय संघ जैसे बड़े निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा के बावजूद भारत का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है।
भारतीय आमों की बढ़ती वैश्विक पहचान
अल्फांसो, केसर, दशहरी, लंगड़ा और चौसा जैसी भारतीय आमों की लोकप्रिय किस्में विदेशों में तेजी से पसंद की जा रही हैं। बढ़ती मांग और नए बाजारों में पहुंच के कारण भारतीय आम उद्योग को आने वाले वर्षों में बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
निष्कर्ष: जापान से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद भारतीय आमों का निर्यात नए रिकॉर्ड बना रहा है। अमेरिका सबसे बड़ा खरीदार बनकर सामने आया है और APEDA की रणनीति सफल रही तो अगले कुछ वर्षों में भारत का आम निर्यात नई ऊंचाइयों को छू सकता है।


