नई दिल्ली। भारत की दो सबसे बड़ी FMCG कंपनियों हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) और नेस्ले इंडिया के नए मैनेजिंग डायरेक्टर्स को वित्त वर्ष 2025-26 में अपने पूर्ववर्तियों की तुलना में काफी अधिक वेतन मिला है। कंपनियों की वार्षिक रिपोर्ट में सामने आए आंकड़ों के अनुसार HUL की नई CEO एवं MD प्रिया नायर और नेस्ले इंडिया के चेयरमैन एवं MD मनीष तिवारी को करोड़ों रुपये का पैकेज दिया गया, जो उनके पहले इस पद पर रहे अधिकारियों से 26% से 44% तक अधिक है।
सबसे ज्यादा चर्चा नेस्ले इंडिया के प्रमुख मनीष तिवारी के पैकेज की हो रही है। उन्हें वित्त वर्ष 2025-26 में कुल ₹26.06 करोड़ का वेतन और इंसेंटिव मिला। दूसरी ओर HUL की प्रिया नायर को ₹18.19 करोड़ का कुल पैकेज दिया गया। दोनों अधिकारियों ने अगस्त 2025 में अपनी-अपनी कंपनियों की कमान संभाली थी।
HUL की प्रिया नायर को मिला ₹18 करोड़ से ज्यादा पैकेज
प्रिया नायर ने 1 अगस्त 2025 को HUL की CEO और MD का पद संभाला था। कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार उन्हें वित्त वर्ष 2025-26 में कुल ₹18.19 करोड़ का पारिश्रमिक मिला। इसमें बेसिक सैलरी, भत्ते, बोनस और लॉन्ग-टर्म इंसेंटिव शामिल हैं।
उनसे पहले कंपनी का नेतृत्व कर रहे रोहित जावा को इसी अवधि में ₹14.44 करोड़ का पैकेज मिला था। इस तरह प्रिया नायर की कुल कमाई उनके पूर्ववर्ती की तुलना में करीब 26% अधिक रही।
नेस्ले इंडिया के मनीष तिवारी को मिला ₹26.06 करोड़ का पैकेज
नेस्ले इंडिया के चेयरमैन और MD मनीष तिवारी को वित्त वर्ष 2025-26 में कुल ₹26.06 करोड़ का पैकेज मिला। इसमें वेतन, भत्ते और प्रदर्शन आधारित इंसेंटिव (PLI) शामिल हैं।
उनसे पहले कंपनी का नेतृत्व कर रहे सुरेश नारायणन को ₹18.08 करोड़ का वेतन मिला था। इस हिसाब से मनीष तिवारी का पैकेज करीब 44% अधिक रहा।
कर्मचारियों की सैलरी वृद्धि से तुलना क्यों हो रही है?
नेस्ले इंडिया की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार इसी अवधि में कंपनी के कर्मचारियों के औसत वेतन में केवल 7.3% की वृद्धि हुई। ऐसे में शीर्ष प्रबंधन और कर्मचारियों के वेतन वृद्धि के बीच बड़ा अंतर चर्चा का विषय बन गया है।
हालांकि कंपनियों का कहना है कि शीर्ष अधिकारियों के पैकेज में प्रदर्शन आधारित इंसेंटिव, दीर्घकालिक प्रोत्साहन और नेतृत्व जिम्मेदारियों को ध्यान में रखा जाता है। इसलिए उनकी सैलरी की तुलना सामान्य कर्मचारियों से सीधे तौर पर नहीं की जा सकती।
FMCG सेक्टर में बढ़ रही है टैलेंट की कीमत
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के FMCG सेक्टर में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। डिजिटल कॉमर्स, ग्रामीण मांग, प्रीमियम उत्पादों और बदलती उपभोक्ता प्राथमिकताओं के बीच बड़ी कंपनियां अनुभवी नेतृत्व पर अधिक निवेश कर रही हैं।
इसी वजह से शीर्ष पदों पर नियुक्त अधिकारियों को पहले की तुलना में अधिक आकर्षक वेतन पैकेज और प्रदर्शन आधारित इंसेंटिव दिए जा रहे हैं। HUL और नेस्ले इंडिया के ताजा आंकड़े इस ट्रेंड की पुष्टि करते हैं।
Sources:
HUL Annual Report FY26, Nestlé India Annual Report FY26


