Gold Silver Rate Today June 11, 2026: सोने और चांदी की कीमतों में गुरुवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि घरेलू बाजार में भी एमसीएक्स और सर्राफा बाजार दोनों जगह कमजोरी दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और महंगाई को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है। इसका असर कीमती धातुओं की कीमतों पर भी दिखाई दिया।
नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड कारोबार के दौरान नवंबर 2025 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं घरेलू बाजार में एमसीएक्स पर सोने में 1,500 रुपये से ज्यादा और चांदी में 5,000 रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण वैश्विक महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। इससे निवेशकों को आशंका है कि प्रमुख केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकते हैं। यही वजह है कि सोने और चांदी जैसे कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है।
सोने की कीमत छह महीने के निचले स्तर पर क्यों पहुंची?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.2 फीसदी गिरकर 4,063.87 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। यह 21 नवंबर के बाद का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। इसी तरह स्पॉट सिल्वर भी 0.9 फीसदी गिरकर 63.15 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में करीब दो फीसदी की तेजी आई है। तेल महंगा होने से वैश्विक महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो जाता है। ऐसी स्थिति में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती को टाल सकते हैं। ऊंची ब्याज दरों का असर सोने पर नकारात्मक माना जाता है क्योंकि यह कोई ब्याज या नियमित रिटर्न नहीं देता।
अमेरिका में मई महीने की महंगाई दर 4.2 फीसदी तक पहुंचने की खबरों ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। इससे सुरक्षित निवेश की मांग में बदलाव देखने को मिला और सोने की कीमतों पर दबाव बना रहा।
एमसीएक्स पर सोना और चांदी कितना टूटा?
घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स पर भी सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
5 अगस्त डिलीवरी वाला सोना पिछले कारोबारी सत्र में 1,48,017 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। गुरुवार को यह 1,46,518 रुपये पर खुला और शुरुआती कारोबार में 1,46,444 रुपये तक फिसल गया। यानी पिछले बंद भाव की तुलना में इसमें 1,500 रुपये से अधिक की कमजोरी देखी गई।
वहीं 3 जुलाई डिलीवरी वाली चांदी का वायदा भाव पिछले सत्र में 2,35,505 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। गुरुवार को यह 2,31,671 रुपये पर खुली और शुरुआती कारोबार में 2,30,493 रुपये तक पहुंच गई। इस दौरान चांदी में 5,000 रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
कमोडिटी बाजार के जानकारों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी बनी रहती है तो आने वाले सत्रों में भी सोना और चांदी दबाव में रह सकते हैं।
प्रमुख शहरों में सोने का ताजा रेट
आज सुबह के आंकड़ों के अनुसार देश के प्रमुख शहरों में सोने के भाव इस प्रकार रहे:
| शहर | 24 कैरेट (10 ग्राम) | 22 कैरेट (10 ग्राम) | 18 कैरेट (10 ग्राम) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹1,45,790 | ₹1,33,650 | ₹1,09,380 |
| मुंबई | ₹1,45,640 | ₹1,33,500 | ₹1,09,230 |
| कोलकाता | ₹1,45,640 | ₹1,33,500 | ₹1,09,230 |
| चेन्नई | ₹1,47,280 | ₹1,35,000 | ₹1,13,100 |
| लखनऊ | ₹1,45,790 | ₹1,33,650 | ₹1,09,380 |
| कानपुर | ₹1,45,790 | ₹1,33,650 | ₹1,09,380 |
| पटना | ₹1,45,690 | ₹1,33,550 | ₹1,09,380 |
| जयपुर | ₹1,45,790 | ₹1,33,650 | ₹1,09,380 |
| इंदौर | ₹1,45,690 | ₹1,33,550 | ₹1,09,280 |
| भोपाल | ₹1,45,690 | ₹1,33,550 | ₹1,09,280 |
सर्राफा बाजार में कितना सस्ता हुआ सोना?
घरेलू सर्राफा बाजार में भी कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। बाजार के आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोना 2,130 रुपये टूटकर 1,45,640 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इसी तरह 22 कैरेट सोने की कीमत में 1,950 रुपये की गिरावट आई और यह 1,33,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
18 कैरेट सोना भी 1,600 रुपये कमजोर होकर 1,09,230 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता देखा गया। वहीं चांदी का भाव करीब 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी में हालिया गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, मजबूत डॉलर, महंगाई को लेकर चिंताएं और ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें हैं। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए ऐसी गिरावट खरीदारी का अवसर भी बन सकती है।
यदि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है और पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है, तो आने वाले दिनों में कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है। ऐसे में निवेशकों को बड़े निवेश से पहले बाजार की दिशा और वैश्विक घटनाक्रम पर नजर बनाए रखनी चाहिए।


