भारत में सोने की कीमतों में शनिवार 16 मई 2026 को गिरावट दर्ज की गई है। सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना ₹15,693 प्रति ग्राम पर पहुंच गया है जबकि 22 कैरेट गोल्ड ₹14,385 प्रति ग्राम और 18 कैरेट गोल्ड ₹11,770 प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव और मुनाफावसूली के कारण सोने की कीमतों में नरमी देखने को मिली है।
हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव के कारण लंबी अवधि में सोने की कीमतों को अब भी मजबूत समर्थन मिल सकता है। यही वजह है कि निवेशकों की नजर अभी भी गोल्ड पर बनी हुई है।
भारत में आज का सोने का भाव
| कैटेगरी | आज का रेट | बदलाव |
|---|---|---|
| 24 कैरेट गोल्ड (1 ग्राम) | ₹15,693 | ₹98 की गिरावट |
| 22 कैरेट गोल्ड (1 ग्राम) | ₹14,385 | ₹90 की गिरावट |
| 18 कैरेट गोल्ड (1 ग्राम) | ₹11,770 | ₹73 की गिरावट |
सोने की कीमतों में आई यह गिरावट उन लोगों के लिए राहत की खबर मानी जा रही है जो शादी-ब्याह या निवेश के लिए खरीदारी की योजना बना रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में रिकॉर्ड तेजी के बाद बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिली है।
हिंदी भाषी प्रमुख शहरों में आज का सोने का भाव (1 ग्राम)
| शहर | 24 कैरेट | 22 कैरेट | 18 कैरेट |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹15,708 | ₹14,400 | ₹11,785 |
| जयपुर | ₹15,708 | ₹14,400 | ₹11,785 |
| लखनऊ | ₹15,708 | ₹14,400 | ₹11,785 |
| कानपुर | ₹15,708 | ₹14,400 | ₹11,785 |
| वाराणसी | ₹15,708 | ₹14,400 | ₹11,785 |
| अयोध्या | ₹15,708 | ₹14,400 | ₹11,785 |
| पटना | ₹15,698 | ₹14,390 | ₹11,775 |
| चंडीगढ़ | ₹15,708 | ₹14,400 | ₹11,785 |
| गुरुग्राम | ₹15,708 | ₹14,400 | ₹11,785 |
| गाजियाबाद | ₹15,708 | ₹14,400 | ₹11,785 |
| नोएडा | ₹15,708 | ₹14,400 | ₹11,785 |
| इंदौर | ₹15,698 | ₹14,390 | ₹11,775 |
| भोपाल | ₹15,698 | ₹14,390 | ₹11,775 |
| अमृतसर | ₹15,708 | ₹14,400 | ₹11,785 |
| लुधियाना | ₹15,708 | ₹14,400 | ₹11,785 |
क्यों गिर रही हैं सोने की कीमतें?
विशेषज्ञों के अनुसार सोने की कीमतों में हालिया गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं।
1. डॉलर इंडेक्स में मजबूती
जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है तो सोना महंगा पड़ने लगता है। इससे अंतरराष्ट्रीय निवेशक गोल्ड से दूरी बनाने लगते हैं।
2. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी
यूएस ट्रेजरी यील्ड बढ़ने पर निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर बॉन्ड की ओर शिफ्ट होते हैं। इससे सोने की मांग कमजोर पड़ती है।
3. रिकॉर्ड तेजी के बाद मुनाफावसूली
पिछले कुछ महीनों में सोने ने लगातार रिकॉर्ड स्तर छुए। अब कई निवेशक मुनाफा बुक कर रहे हैं, जिससे कीमतों पर दबाव बना है।
4. वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव
अमेरिका, चीन और पश्चिम एशिया से जुड़ी आर्थिक और भू-राजनीतिक खबरों का सीधा असर सोने पर पड़ता है।
क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए हर गिरावट खरीदारी का अवसर हो सकती है। भारत में सोने को सिर्फ आभूषण नहीं बल्कि सुरक्षित निवेश माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार महंगाई बढ़ने पर सोना बेहतर हेज साबित होता है, आर्थिक संकट के समय गोल्ड सुरक्षित निवेश माना जाता है, केंद्रीय बैंक लगातार सोने की खरीद बढ़ा रहे हैं, शादी-ब्याह के सीजन में मांग बढ़ सकती है हालांकि अल्पकाल में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
भारत में सोने की मांग क्यों बनी रहती है?
भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड उपभोक्ताओं में शामिल है। भारतीय परिवार पारंपरिक रूप से बचत और निवेश के तौर पर सोना खरीदते हैं।
ग्रामीण भारत में आज भी सोने को आर्थिक सुरक्षा का सबसे भरोसेमंद साधन माना जाता है। वहीं शहरी निवेशक अब गोल्ड ETF, डिजिटल गोल्ड और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्पों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
चांदी और प्लेटिनम बाजार पर भी नजर
सोने के साथ-साथ चांदी और प्लेटिनम की कीमतों में भी हाल के दिनों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। औद्योगिक मांग, इलेक्ट्रिक वाहन सेक्टर और वैश्विक सप्लाई चेन का असर इन धातुओं पर भी पड़ रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले महीनों में अगर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है तो कीमती धातुओं में फिर तेजी लौट सकती है।
निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
अगर आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं तो कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान जरूर रखें:
- हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना खरीदें
- अलग-अलग ज्वेलर्स के रेट की तुलना करें
- मेकिंग चार्ज जरूर जांचें
- निवेश के लिए डिजिटल गोल्ड या ETF पर भी विचार करें
- छोटी अवधि की बजाय लंबी अवधि का नजरिया रखें
आगे क्या हो सकता है?
विश्लेषकों के मुताबिक अगर वैश्विक बाजार में तनाव बढ़ता है, डॉलर कमजोर होता है या केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करते हैं तो सोने में फिर तेजी लौट सकती है।
भारत में शादी और त्योहारों के सीजन के करीब आने पर घरेलू मांग बढ़ने की संभावना भी बाजार को समर्थन दे सकती है। ऐसे में मौजूदा गिरावट को कई निवेशक खरीदारी के अवसर के रूप में देख रहे हैं।
स्रोत: Goodreturns Gold Rates
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