भारत में सोने की कीमतों में शुक्रवार, 15 मई 2026 को गिरावट दर्ज की गई। घरेलू सर्राफा बाजार से लेकर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) तक सोने की कीमतों में दबाव देखने को मिला। आज 24 कैरेट सोना ₹224 प्रति ग्राम सस्ता होकर ₹16,009 प्रति ग्राम पर पहुंच गया। वहीं 22 कैरेट और 18 कैरेट गोल्ड की कीमतों में भी गिरावट आई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर इंडेक्स में मजबूती, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते सोना अब भी निवेशकों के लिए सुरक्षित निवेश विकल्प बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, कच्चे तेल की कीमतों और रुपये-डॉलर विनिमय दर का असर सोने के भाव पर देखने को मिल सकता है।
भारत में आज का सोने का भाव (15 मई 2026)
| गोल्ड कैटेगरी | आज का भाव | बदलाव |
|---|---|---|
| 24 कैरेट गोल्ड (1 ग्राम) | ₹16,009 | ₹224 की गिरावट |
| 22 कैरेट गोल्ड (1 ग्राम) | ₹14,675 | ₹205 की गिरावट |
| 18 कैरेट गोल्ड (1 ग्राम) | ₹12,007 | ₹168 की गिरावट |
प्रमुख शहरों में सोने का ताजा रेट (1 ग्राम)
| शहर | 24K गोल्ड | 22K गोल्ड | 18K गोल्ड |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹16,024 | ₹14,690 | ₹12,022 |
| मुंबई | ₹16,009 | ₹14,675 | ₹12,007 |
| कोलकाता | ₹16,009 | ₹14,675 | ₹12,007 |
| जयपुर | ₹16,024 | ₹14,690 | ₹12,022 |
| लखनऊ | ₹16,024 | ₹14,690 | ₹12,022 |
| अहमदाबाद | ₹16,014 | ₹14,680 | ₹12,012 |
| पटना | ₹16,014 | ₹14,680 | ₹12,012 |
| चंडीगढ़ | ₹16,024 | ₹14,690 | ₹12,022 |
| नोएडा | ₹16,024 | ₹14,690 | ₹12,022 |
| गुरुग्राम | ₹16,024 | ₹14,690 | ₹12,022 |
Source: Good Returns
सोने की कीमतों में गिरावट क्यों आई?
इस समय वैश्विक बाजार में कई ऐसे फैक्टर हैं जो सोने की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। डॉलर मजबूत होने पर सोना महंगा पड़ता है, जिससे निवेशक खरीदारी कम करते हैं।
इसके अलावा हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों ने सुरक्षित निवेश से कुछ मुनाफावसूली भी की है। यही कारण है कि घरेलू बाजार में भी सोने के भाव में गिरावट देखने को मिली।
हालांकि भारत में शादी-ब्याह का सीजन और त्योहारों की मांग लंबे समय में सोने को सपोर्ट दे सकती है। ज्वेलर्स का मानना है कि गिरावट के दौरान रिटेल खरीदारी बढ़ सकती है।
क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोने में गिरावट खरीदारी का मौका हो सकती है। वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंकाएं, भू-राजनीतिक तनाव और केंद्रीय बैंकों की गोल्ड खरीद भविष्य में कीमतों को सपोर्ट कर सकती है।
अगर कोई निवेशक ज्वेलरी खरीदना चाहता है तो मौजूदा गिरावट राहत देने वाली साबित हो सकती है। वहीं निवेश के लिहाज से SIP या चरणबद्ध निवेश रणनीति बेहतर मानी जा रही है।
MCX और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर नजर जरूरी
घरेलू सोने की कीमतें केवल स्थानीय मांग पर निर्भर नहीं करतीं। MCX पर ट्रेडिंग, डॉलर-रुपया विनिमय दर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति और अंतरराष्ट्रीय स्पॉट गोल्ड की चाल भी कीमतों को प्रभावित करती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर डॉलर में कमजोरी आती है या वैश्विक तनाव बढ़ता है तो सोने में फिर तेजी लौट सकती है।
हॉलमार्क वाला सोना खरीदना क्यों जरूरी?
सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क जरूर जांचना चाहिए। हॉलमार्क सोने की शुद्धता की सरकारी गारंटी होती है। 24 कैरेट गोल्ड को सबसे शुद्ध माना जाता है, लेकिन ज्वेलरी बनाने के लिए आमतौर पर 22 कैरेट गोल्ड का इस्तेमाल किया जाता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
- अल्पकाल में सोने में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है
- वैश्विक घटनाओं का असर तेजी से देखने को मिल सकता है
- लंबी अवधि में सोना अब भी सुरक्षित निवेश माना जा रहा है
- गिरावट पर खरीदारी की रणनीति फायदेमंद हो सकती है
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