भारत में डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शुक्रवार 15 मई 2026 को देश के कई बड़े शहरों में डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गए। देश की आर्थिक गतिविधियों, ट्रांसपोर्ट लागत और महंगाई पर सीधा असर डालने वाले डीजल के दाम में आई इस तेजी ने आम लोगों के साथ-साथ कारोबारियों की चिंता भी बढ़ा दी है।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आज डीजल की कीमत ₹93.14 प्रति लीटर पहुंच गई है, जो पिछले दिन के मुकाबले ₹3.11 ज्यादा है। वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में डीजल ₹90.67 प्रति लीटर बिक रहा है। कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी डीजल के दाम में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और रुपये में कमजोरी की वजह से भारत में पेट्रोल और डीजल दोनों महंगे हुए हैं।
मुंबई में डीजल ₹93.14 प्रति लीटर
मुंबई में आज डीजल का रेट ₹93.14 प्रति लीटर दर्ज किया गया। पिछले दिन इसकी कीमत ₹90.03 थी। यानी एक ही दिन में ₹3.11 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। पिछले 10 दिनों में मुंबई में डीजल के दाम ₹90.03 से ₹93.14 के बीच रहे हैं।
मुंबई जैसे बड़े कारोबारी शहर में डीजल की कीमत बढ़ने का असर ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, टैक्सी सेवाओं और खाद्य आपूर्ति लागत पर पड़ सकता है। महाराष्ट्र में पहले से ही वैट अधिक होने के कारण ईंधन कीमतें कई राज्यों की तुलना में ज्यादा रहती हैं।
देश के प्रमुख शहरों में आज डीजल के दाम
| शहर | आज का रेट | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹90.67 | +₹3.00 |
| कोलकाता | ₹95.13 | +₹3.11 |
| मुंबई | ₹93.14 | +₹3.11 |
| चेन्नई | ₹95.25 | +₹2.86 |
| गुरुग्राम | ₹90.94 | +₹3.17 |
| नोएडा | ₹91.02 | +₹3.21 |
| बेंगलुरु | ₹94.10 | +₹3.11 |
| भुवनेश्वर | ₹95.74 | +₹3.19 |
| चंडीगढ़ | ₹85.25 | +₹2.80 |
| हैदराबाद | ₹98.96 | +₹3.26 |
| जयपुर | ₹93.23 | +₹2.74 |
| लखनऊ | ₹90.82 | +₹2.96 |
| पटना | ₹94.63 | +₹2.85 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹99.35 | +₹3.09 |
Source: Good Returns
देश में सबसे महंगा डीजल आज तिरुवनंतपुरम में ₹99.35 प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि चंडीगढ़ में सबसे कम ₹85.25 प्रति लीटर दर्ज किया गया।
क्यों बढ़ रहे हैं डीजल के दाम?
डीजल की कीमतों में तेजी के पीछे कई बड़े कारण माने जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और सप्लाई को लेकर अनिश्चितता की वजह से कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी भी भारत के लिए कच्चा तेल आयात करना महंगा बना रही है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार की हर हलचल का असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है।
तेल विपणन कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम रोजाना सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी करती हैं। जून 2017 से देश में डीजल की कीमतों में दैनिक संशोधन प्रणाली लागू है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार के बदलाव का असर सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचता है।
डीजल महंगा होने से क्या होगा असर?
डीजल भारत की अर्थव्यवस्था में बेहद अहम ईंधन माना जाता है। ट्रक, बस, कृषि उपकरण, माल परिवहन और कई औद्योगिक गतिविधियां डीजल पर निर्भर हैं। ऐसे में इसकी कीमत बढ़ने से कई सेक्टर प्रभावित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ सकती है
- सब्जियों और खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ सकता है
- लॉजिस्टिक्स कंपनियों का खर्च बढ़ेगा
- किसानों की लागत में इजाफा हो सकता है
- महंगाई बढ़ने का दबाव बन सकता है
अगर आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आती है, तो पेट्रोल और डीजल के दाम में आगे भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
पिछले 10 दिनों में कैसा रहा ट्रेंड?
पिछले 10 दिनों के दौरान देश के कई शहरों में डीजल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया। मुंबई में जहां कीमत ₹90.03 से बढ़कर ₹93.14 पहुंची, वहीं दिल्ली और अन्य महानगरों में भी लगभग 3 रुपये तक की तेजी दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती और रुपये में मजबूती नहीं दिखती, तब तक ईंधन कीमतों में राहत मिलना मुश्किल हो सकता है।
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