राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामले में दिल्ली की एक विशेष अदालत ने 7 विदेशी नागरिकों को 30 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इनमें 6 यूक्रेनी और 1 अमेरिकी नागरिक शामिल हैं।
कोर्ट में पेशी और फैसला
आरोपियों को National Investigation Agency (NIA) की हिरासत पूरी होने के बाद Prashant Sharma की अदालत में पेश किया गया।
कोर्ट ने NIA की मांग स्वीकार करते हुए सभी आरोपियों को 30 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
कौन हैं आरोपी?
आरोपियों में शामिल हैं:
- अमेरिकी नागरिक Matthew Aaron Van Dyke
- यूक्रेनी नागरिक:
- Hurba Petro
- Slyviak Taras
- Ivan Sukmanovskyi
- Stefankiv Marian
- Honcharuk Maksim
- Kaminskyi Viktor
क्या हैं आरोप?
NIA के अनुसार:
- कुछ यूक्रेनी नागरिक टूरिस्ट वीजा पर भारत आए
- वे Mizoram बिना जरूरी परमिट (RAP/PAP) के पहुंचे
- वहां से अवैध रूप से Myanmar में प्रवेश किया
जांच एजेंसी का दावा है कि ये लोग वहां Ethnic Armed Organisations (EAO) को ट्रेनिंग देने गए थे।
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि:
- आरोपों को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता
- यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के हितों से जुड़ा है
- इसमें भारतीय प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों को हथियार और ट्रेनिंग देने के आरोप भी शामिल हैं
इस मामले में Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) की धारा 18 (षड्यंत्र) लागू होती है।
पहले कितनी मिली थी NIA कस्टडी?
- 16 मार्च को 11 दिन की कस्टडी दी गई
- बाद में 10 दिन और बढ़ाई गई
- कुल पूछताछ के बाद अब न्यायिक हिरासत में भेजा गया
निष्कर्ष
यह मामला भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद संवेदनशील है, क्योंकि इसमें विदेशी नागरिकों, सीमा पार गतिविधियों और उग्रवादी संगठनों के बीच संभावित संबंधों की जांच शामिल है।
कोर्ट का यह फैसला दिखाता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में कानून सख्ती से लागू किया जा रहा है।
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