नई दिल्ली, 29 अप्रैल: वैश्विक बाजारों में कमजोरी के बीच बुधवार को घरेलू वायदा बाजार में क्रूड ऑयल (Crude Oil) की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के OPEC से बाहर होने की घोषणा के बाद तेल बाजार पर दबाव बढ़ा।
Multi Commodity Exchange (MCX) पर मई डिलीवरी वाला क्रूड ऑयल कॉन्ट्रैक्ट ₹68 गिरकर ₹9,417 प्रति बैरल पर आ गया, जो करीब 0.72% की गिरावट को दर्शाता है।
UAE के फैसले का बाजार पर असर
UAE का OPEC से बाहर होना वैश्विक तेल सप्लाई के समीकरण को बदल सकता है।
- OPEC की उत्पादन रणनीति पर असर
- सप्लाई को लेकर अनिश्चितता
- ग्लोबल ऑयल मार्केट में उतार-चढ़ाव
इस फैसले के चलते अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क में कमजोरी आई, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा।
गिरावट के बावजूद क्यों सीमित रहा नुकसान?
विश्लेषकों के अनुसार, क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट ज्यादा गहरी नहीं हुई क्योंकि:
- अमेरिका-ईरान तनाव जारी है
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सप्लाई बाधाओं की आशंका
- वैश्विक सप्लाई चेन पर जोखिम
इन कारकों ने कीमतों को कुछ हद तक सपोर्ट दिया और गिरावट को सीमित रखा।
आगे क्या रह सकता है ट्रेंड?
कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि क्रूड ऑयल बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है:
- OPEC और अन्य उत्पादक देशों की रणनीति
- मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक स्थिति
- वैश्विक मांग और आर्थिक संकेत
इन सभी फैक्टर्स पर बाजार की दिशा निर्भर करेगी।
भारत के लिए क्या मायने?
भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट:
- पेट्रोल-डीजल कीमतों पर राहत दे सकती है
- महंगाई (Inflation) को नियंत्रित करने में मदद
- चालू खाता घाटा (Current Account Deficit) पर सकारात्मक असर
निष्कर्ष
OPEC से UAE के बाहर होने की खबर ने क्रूड ऑयल बाजार में नई अनिश्चितता पैदा कर दी है। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव के चलते कीमतों में गिरावट सीमित रही। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा वैश्विक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।
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