भारत में CNG और PNG की कीमतें अब सिर्फ ईंधन का मामला नहीं रह गई हैं, बल्कि ये सीधे आम आदमी के बजट, ट्रांसपोर्ट खर्च और महंगाई से जुड़ी हुई हैं। 4 मई 2026 के ताज़ा अपडेट के अनुसार, देश के कई बड़े शहरों और राज्यों में गैस की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। हालांकि सतह पर दिख रही यह स्थिरता आने वाले समय में बदलाव का संकेत भी दे सकती है।
CNG जहां वाहनों के लिए किफायती ईंधन माना जाता है, वहीं PNG घरेलू रसोई गैस का एक साफ और सुविधाजनक विकल्प बन चुका है। ऐसे में दोनों के दामों पर नजर रखना जरूरी हो जाता है।
CNG Price Today
देश के प्रमुख हिंदी भाषी राज्यों में CNG के दाम इस प्रकार हैं:
| State | Price (₹/Kg) |
|---|---|
| Delhi | ₹77.09 |
| Uttar Pradesh | ₹95.75 |
| Bihar | ₹87.90 |
| Rajasthan | ₹90.91 |
| Haryana | ₹88.02 |
| Madhya Pradesh | ₹88.25 |
| Jharkhand | ₹89.65 |
| Uttarakhand | ₹89.50 |
| Punjab | ₹87.58 |
| Chandigarh | ₹91.00 |
| West Bengal | ₹93.50 |
| Odisha | ₹88.26 |
(स्रोत: GoodReturns)
दिल्ली में CNG सबसे सस्ती बनी हुई है, जबकि उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में कीमतें ज्यादा हैं। यह अंतर मुख्य रूप से टैक्स स्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्ट कॉस्ट और सप्लाई नेटवर्क पर निर्भर करता है।
PNG Price Today
अब बात करें PNG की, जिसका इस्तेमाल घरेलू किचन में तेजी से बढ़ रहा है:
| City | Price (₹/SCM) |
|---|---|
| Delhi | ₹47.90 |
| Noida | ₹47.76 |
| Gurgaon | ₹49.90 |
| Jaipur | ₹49.50 |
| Lucknow | ₹56.50 |
| Patna | ₹49.44 |
| Chandigarh | ₹52.63 |
(स्रोत: GoodReturns)
PNG की कीमतों में भी आज कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन शहरों के बीच अंतर साफ दिखाई देता है। लखनऊ जैसे शहरों में कीमत ज्यादा है, जबकि दिल्ली-एनसीआर में यह अपेक्षाकृत कम है।
क्यों स्थिर हैं गैस की कीमतें?
आज के समय में जब ग्लोबल एनर्जी मार्केट में उतार-चढ़ाव जारी है, तब भारत में CNG और PNG की कीमतों का स्थिर रहना कई कारणों से जुड़ा है।
सबसे पहला कारण है सरकारी प्राइसिंग मैकेनिज्म, जिसके तहत गैस की कीमतों को पूरी तरह बाजार पर नहीं छोड़ा जाता। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों में हाल के दिनों में कोई बड़ा झटका नहीं आया है, जिससे घरेलू बाजार में स्थिरता बनी हुई है। तीसरा महत्वपूर्ण कारण रुपये की स्थिति है—अगर रुपया स्थिर रहता है, तो आयात लागत पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता।
आम आदमी पर क्या असर पड़ता है?
CNG और PNG की कीमतों का सीधा असर आम लोगों के रोजमर्रा के खर्च पर पड़ता है। अगर CNG महंगी होती है, तो ऑटो, टैक्सी और बस किराए बढ़ सकते हैं। वहीं PNG महंगी होने पर घर का किचन बजट प्रभावित होता है।
इसके अलावा, ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सामान की कीमतें भी बढ़ जाती हैं, जिससे महंगाई का असर और ज्यादा महसूस होता है।
क्या आगे बढ़ सकते हैं दाम?
फिलहाल कीमतें स्थिर जरूर हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह स्थायी स्थिति नहीं है। आने वाले समय में तीन बड़े फैक्टर कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं:
- अंतरराष्ट्रीय गैस और कच्चे तेल की कीमत
- डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति
- सरकार की सब्सिडी और टैक्स पॉलिसी
अगर इन कारकों में बदलाव होता है, तो CNG और PNG की कीमतों में भी तेजी से बदलाव देखने को मिल सकता है।
निष्कर्ष
4 मई 2026 को CNG और PNG की कीमतें भले ही स्थिर दिखाई दे रही हों, लेकिन बाजार के संकेत बताते हैं कि यह स्थिरता ज्यादा समय तक नहीं रह सकती। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है कि वे इन कीमतों पर नजर बनाए रखें और अपने खर्च की योजना उसी के अनुसार बनाएं।
गैस ईंधन भारत के ऊर्जा भविष्य का अहम हिस्सा है, और इसकी कीमतों में हर छोटा बदलाव आने वाले बड़े आर्थिक संकेतों की ओर इशारा करता है।
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