नई दिल्ली: दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) एक बार फिर दबाव में नजर आ रही है। पिछले दो-तीन दिनों में इसकी कीमत में लगातार गिरावट देखने को मिली है और बुधवार सुबह करीब 10 बजे यह 63,600 डॉलर के आसपास ट्रेड करती दिखाई दी। बिटकॉइन का $64,000 के नीचे आना निवेशकों के बीच चिंता का विषय बन गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इसकी कीमत आगे गिरकर 55,000 डॉलर तक पहुंच सकती है?
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में कई ऐसे फैक्टर हैं जो बिटकॉइन समेत पूरे क्रिप्टो मार्केट पर दबाव बना रहे हैं। इनमें सबसे बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की मौद्रिक नीति, बढ़ती US Treasury Yield, स्पॉट बिटकॉइन ETF में कमजोर निवेश और अमेरिका में क्रिप्टो रेगुलेशन को लेकर अनिश्चितता है।
2-3 दिनों में 2.66% टूटा बिटकॉइन
26 जुलाई की रात से अब तक बिटकॉइन की कीमत में करीब 2.66 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। बाजार के जानकारों के मुताबिक निवेशक फिलहाल अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी फैसले का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे समय में निवेशक जोखिम वाले एसेट्स (Risk Assets) से दूरी बना रहे हैं, जिसका असर क्रिप्टोकरेंसी पर साफ दिखाई दे रहा है।
फेड की पॉलिसी घोषणा से पहले आमतौर पर बाजार में अस्थिरता बढ़ जाती है और निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। यही वजह है कि बिटकॉइन समेत अधिकांश डिजिटल एसेट्स में बिकवाली देखने को मिल रही है।
US Treasury Yield बढ़ने से क्यों बढ़ा दबाव?
अमेरिका के सरकारी बॉन्ड यानी ट्रेजरी यील्ड में तेजी आने से निवेशकों को अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश पर बेहतर रिटर्न मिलने लगता है। ऐसे में कई निवेशक शेयर बाजार और क्रिप्टो जैसी जोखिम वाली परिसंपत्तियों से पैसा निकालकर बॉन्ड में निवेश करने लगते हैं।
इसका सीधा असर बिटकॉइन की मांग पर पड़ता है और कीमतों में कमजोरी देखने को मिलती है। यही कारण है कि हाल के दिनों में बिटकॉइन का प्रदर्शन कमजोर रहा है।
स्पॉट बिटकॉइन ETF की मांग भी हुई कमजोर
विशेषज्ञों का कहना है कि Spot Bitcoin ETF में निवेश की रफ्तार पहले की तुलना में धीमी हुई है। ETF में निवेश कम होने का मतलब है कि संस्थागत निवेशकों की खरीदारी भी कमजोर पड़ रही है।
इसके अलावा अमेरिका में आने वाले GDP और महंगाई (Inflation) के आंकड़ों को लेकर भी निवेशक सतर्क हैं। इन आंकड़ों के आधार पर फेडरल रिजर्व की आगे की नीति तय होगी, इसलिए फिलहाल बड़े निवेशक इंतजार की रणनीति अपना रहे हैं।
AI शेयरों की गिरावट का भी पड़ा असर
हाल के दिनों में अमेरिकी टेक और AI सेक्टर के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली है। चूंकि पिछले कुछ महीनों में टेक शेयर और बिटकॉइन के बीच मजबूत संबंध देखने को मिला था, इसलिए AI शेयरों में आई गिरावट का असर क्रिप्टो मार्केट पर भी पड़ा।
जब टेक सेक्टर में बिकवाली बढ़ती है तो निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान भी घटता है और इसका असर बिटकॉइन जैसी डिजिटल संपत्तियों पर दिखाई देता है।
क्रिप्टो कानून में देरी से निवेशकों की चिंता बढ़ी
अमेरिका में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े नए कानूनों को लेकर अभी भी स्पष्टता नहीं है। बाजार को उम्मीद थी कि Clarity Act के जरिए क्रिप्टो इंडस्ट्री को नियामकीय स्पष्टता मिलेगी, लेकिन फिलहाल इस कानून के जल्द लागू होने की संभावना कम दिखाई दे रही है।
रेगुलेशन को लेकर बनी अनिश्चितता भी निवेशकों के सेंटीमेंट को कमजोर कर रही है।
क्या अब $55,000 तक गिर सकता है बिटकॉइन?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि मौजूदा दबाव जारी रहता है तो बिटकॉइन की कीमत में और गिरावट संभव है। हालांकि 55,000 डॉलर का स्तर फिलहाल एक मजबूत सपोर्ट लेवल माना जा रहा है।
यदि बिटकॉइन इस स्तर तक आता है और वहां खरीदारी लौटती है तो बाजार में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं यदि यह सपोर्ट भी टूटता है तो निवेशकों को और सतर्क रहने की जरूरत होगी।
लॉन्ग टर्म आउटलुक अब भी सकारात्मक
अल्पकालिक कमजोरी के बावजूद कई ऑन-चेन इंडिकेटर्स अभी भी बिटकॉइन के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिटकॉइन की नेटवर्क एक्टिविटी, लॉन्ग-टर्म होल्डर्स का व्यवहार और सीमित सप्लाई जैसे फैक्टर भविष्य में इसकी कीमत को समर्थन दे सकते हैं।
यदि फेडरल रिजर्व का रुख बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहता है और आर्थिक आंकड़े सकारात्मक आते हैं तो बिटकॉइन में फिर से खरीदारी लौट सकती है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों की राय है कि फिलहाल निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पॉलिसी, महंगाई के आंकड़े और आर्थिक संकेतक अगले कुछ दिनों में क्रिप्टो मार्केट की दिशा तय करेंगे।
जो निवेशक लंबी अवधि का नजरिया रखते हैं, उनके लिए बाजार की चाल पर नजर रखना अधिक महत्वपूर्ण होगा, जबकि शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को अधिक उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। NewsJagran किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं देता। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


