India Weather Update: देश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों तक कई जगहों पर भारी बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 अगस्त को जारी अपने नए मौसम बुलेटिन में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक, कुछ राज्यों में बारिश और गरज-चमक का सिलसिला 25 अगस्त तक जारी रह सकता है।
मौसम में इस बदलाव की बड़ी वजह उत्तरी झारखंड, दक्षिण-पश्चिम बिहार और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसपास बना डिप्रेशन है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के साथ पूर्वी, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है।
पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?
पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश दर्ज की गई। छत्तीसगढ़ में अत्यंत भारी बारिश हुई, जहां 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। उत्तराखंड, मध्य महाराष्ट्र, बिहार, जम्मू-कश्मीर और असम के कुछ हिस्सों में भी 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश हुई।
डिप्रेशन के कारण बदलेगा मौसम का मिजाज
IMD के मुताबिक, मानसूनी ट्रफ का पश्चिमी सिरा सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर और पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति के आसपास बना हुआ है। वहीं उत्तरी झारखंड से सटे दक्षिण-पश्चिम बिहार और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है।
आने वाले घंटों में इसके झारखंड, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ से गुजरने की संभावना है। इसके बाद सिस्टम कमजोर होकर वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल सकता है।
इसके अलावा उत्तरी उत्तर प्रदेश से डिप्रेशन तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। पंजाब और आसपास के इलाकों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। पूर्वोत्तर राजस्थान और मध्य असम में भी निचले वायुमंडलीय स्तर पर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इन मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से कई राज्यों में बारिश तेज हो सकती है।
यूपी में 25 अगस्त तक बारिश का दौर
उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 19 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद 20 से 22 अगस्त के बीच भी भारी बारिश जारी रह सकती है। 22 से 25 अगस्त के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश होने का अनुमान है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 और 20 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 23 अगस्त को भी कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
यूपी के लोगों को इस दौरान जलभराव, तेज हवाओं और गरज-चमक के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
उत्तराखंड, हिमाचल और दिल्ली-NCR में भी अलर्ट
उत्तराखंड में 19 से 25 अगस्त तक व्यापक बारिश का दौर बना रह सकता है। 19 अगस्त को कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश और इसके बाद 20 से 25 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 19 से 22 अगस्त तक कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। 20 और 21 अगस्त को कुछ इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट है।
हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में भी 19 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में दिल्ली-NCR में भी मौसम अचानक बदल सकता है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अत्यंत भारी बारिश का खतरा
मध्य प्रदेश में भी मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 19 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। 19 से 22 अगस्त के बीच यहां भारी से बहुत भारी बारिश जारी रह सकती है। इसके बाद 23 से 25 अगस्त के दौरान भी बारिश का दौर बना रह सकता है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20 से 23 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है। 22 अगस्त को यहां बहुत भारी बारिश हो सकती है।
छत्तीसगढ़ में 19 से 21 अगस्त के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। 23 से 25 अगस्त के बीच एक बार फिर बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। राज्य में 19 से 23 अगस्त तक कई स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
बिहार और झारखंड में फिर बढ़ेगी बारिश
बिहार और झारखंड पर मौजूदा मौसम प्रणाली का सीधा असर दिखाई दे सकता है। दोनों राज्यों में 19 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
बिहार में 21 से 23 अगस्त के बीच बारिश की तीव्रता फिर बढ़ सकती है। 22 अगस्त को कुछ हिस्सों में मध्यम से तेज गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है।
झारखंड में 22 से 25 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होने का अनुमान है। राज्य के कई इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं भी परेशानी बढ़ा सकती हैं।
पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी बारिश का अलर्ट
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 19 से 21 अगस्त तथा 24 और 25 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। वहीं गांगेय पश्चिम बंगाल में 23 और 24 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है।
ओडिशा में 21 से 25 अगस्त तक भारी बारिश और बिजली चमकने की संभावना है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी जारी रहेगा बारिश का दौर
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रह सकता है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 19 से 25 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 19 से 24 अगस्त के दौरान भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है।
महाराष्ट्र और गोवा में भी सक्रिय रहेगा मानसून
पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 19 से 25 अगस्त तक व्यापक बारिश जारी रह सकती है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 19 और 20 अगस्त को गरज-चमक और आंधी के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
दक्षिण भारत के इन राज्यों में भी बारिश
दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में 19 और 20 अगस्त के अलावा 23 से 25 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है।
19 अगस्त को तटीय कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में बारिश के साथ तेज सतही हवाएं चल सकती हैं। वहीं उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आंधी की स्थिति बनने का अनुमान है।
25 अगस्त तक कई राज्यों में संभलकर रहने की जरूरत
कुल मिलाकर अगले कुछ दिन देश के कई हिस्सों के लिए मौसम के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिमी तटीय इलाकों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। वहीं पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक तेज बहाव का खतरा बढ़ सकता है। लोगों को मौसम विभाग के स्थानीय अलर्ट पर नजर रखने और तेज बारिश या बिजली गिरने के दौरान खुले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी जाती है।


