Delhi Public Transport: दिल्ली सरकार राजधानी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने और प्रदूषण कम करने के लिए 200 नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने जा रही है। खास बात यह है कि इनमें 56 बसें लेडीज स्पेशल होंगी। इन बसों को खासतौर पर कामकाजी महिलाओं और छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यस्त रूटों पर चलाया जाएगा।
नई बसों की शुरुआत के बाद दिल्ली की बस फ्लीट करीब 6,800 बसों तक पहुंच जाएगी। सरकार के मुताबिक नए बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या भी लगातार बढ़ाई जा रही है, जिससे राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को ज्यादा पर्यावरण-अनुकूल बनाया जा सके।
56 लेडीज स्पेशल बसें, 28 रूट पर विशेष सेवाएं
दिल्ली परिवहन विभाग के मुताबिक 56 लेडीज स्पेशल बसों में से 30 ट्रिप्स 15 अधिक मांग वाले रूटों पर चलेंगी। इसके अलावा 13 रूटों पर 26 यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल (U-SPL) ट्रिप्स संचालित की जाएंगी।
परिवहन मंत्री पंकज सिंह के मुताबिक इन सेवाओं को कामकाजी महिलाओं और छात्राओं की रोजाना की यात्रा को आसान बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। पीक आवर्स में चलने वाली ये बसें कई आवासीय इलाकों को प्रमुख रोजगार, शिक्षा और सरकारी केंद्रों से जोड़ेंगी।
इन रूटों से नेहरू प्लेस, एम्स, साउथ एक्सटेंशन, आरके पुरम, कनॉट प्लेस, आईटीओ, दिल्ली सचिवालय, करोल बाग, कश्मीरी गेट और शिवाजी स्टेडियम जैसे प्रमुख इलाकों तक कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
DU के इन कॉलेजों तक मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल बसों का एक बड़ा फोकस दिल्ली विश्वविद्यालय और उससे जुड़े प्रमुख कॉलेजों पर रहेगा। इससे छात्राओं को कॉलेज आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा सुविधाजनक विकल्प मिलेगा।
इन सेवाओं के दायरे में हिंदू कॉलेज, रामजस कॉलेज, दौलत राम कॉलेज, श्रीराम कॉलेज, लेडी श्री राम कॉलेज (LSR), गार्गी कॉलेज, हंसराज कॉलेज, एसपीएम कॉलेज और देशबंधु कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थान शामिल हैं।
यूनिवर्सिटी क्षेत्र में पीक ऑवर के दौरान बस सेवाएं बढ़ने से खासकर छात्राओं और रोजाना कॉलेज आने-जाने वाले यात्रियों को फायदा मिल सकता है।
CCTV, पैनिक बटन और रियल-टाइम ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं
नई इलेक्ट्रिक बसें केवल प्रदूषण कम करने के लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि इनमें यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। ये बसें लो-फ्लोर और एसी होंगी।
बसों में कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं, जिनमें:
- CCTV कैमरे
- पैनिक बटन
- रियल-टाइम ट्रैकिंग
- दिव्यांग यात्रियों के लिए एक्सेसिबिलिटी फीचर्स
- लो-फ्लोर डिजाइन
- एयर कंडीशनिंग
शामिल हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और ज्यादा आरामदायक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।
88 बड़ी और 112 छोटी इलेक्ट्रिक बसें होंगी शामिल
नए बेड़े में अलग-अलग क्षमता की इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जा रही हैं। इनमें 12 मीटर लंबी 88 इलेक्ट्रिक बसें और DEVI श्रेणी की 9 मीटर लंबी 112 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं।
छोटी बसों को ऐसे रूटों के लिए उपयोगी माना जा सकता है जहां सड़कों और यात्री मांग के हिसाब से बड़े आकार की बसों का संचालन चुनौतीपूर्ण होता है, जबकि 12 मीटर की बसें ज्यादा यात्री क्षमता वाले मार्गों पर उपयोग की जा सकेंगी।
दिल्ली-करनाल रूट पर भी शुरू होगी ई-बस सेवा
दिल्ली सरकार ने दिल्ली से करनाल के बीच सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने की दिशा में भी कदम उठाया है। परिवहन मंत्री के मुताबिक ऐतिहासिक दिल्ली-करनाल रूट पर 5 पूरी तरह इलेक्ट्रिक और एसी बसें चलाई जाएंगी।
करीब 133 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर दोनों दिशाओं में रोजाना कुल 10 ट्रिप्स संचालित करने की योजना है। इससे दिल्ली और करनाल के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन का एक नया विकल्प मिलेगा।
दिल्ली के पब्लिक ट्रांसपोर्ट में बढ़ेगा इलेक्ट्रिक बसों का हिस्सा
दिल्ली में प्रदूषण और ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाना सरकार की अहम प्राथमिकताओं में शामिल है। इलेक्ट्रिक बसें डीजल बसों की तुलना में सड़क परिवहन से होने वाले प्रत्यक्ष उत्सर्जन को कम करने में मदद करती हैं।
नई 200 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत से राजधानी के कई व्यस्त रूटों पर सेवा क्षमता बढ़ेगी। वहीं महिलाओं और छात्राओं के लिए अलग बस सेवाओं का विस्तार सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा और सुविधा को लेकर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, नई इलेक्ट्रिक बसों के साथ DU के प्रमुख कॉलेजों, रोजगार केंद्रों और दिल्ली-करनाल कॉरिडोर पर कनेक्टिविटी मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। अगर इन सेवाओं का संचालन तय समय और रूट के अनुसार प्रभावी ढंग से होता है, तो इससे रोजाना बस से सफर करने वाले हजारों यात्रियों को राहत मिल सकती है।


