Stock Market Fall: लगातार दो कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिली। सेंसेक्स 455 अंक और निफ्टी 65 अंक गिरकर बंद हुए। बाजार में गिरावट के कारण BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹1.60 लाख करोड़ घट गया।
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 7 अगस्त को तेजी पर ब्रेक लग गया। पिछले दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज करने के बाद घरेलू बाजार में निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में दबाव देखने को मिला, जबकि आईटी और कुछ चुनिंदा ऑटो शेयरों ने बाजार को संभालने की कोशिश की।
दिन के कारोबार के अंत में BSE सेंसेक्स 455.59 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,499.17 अंक पर बंद हुआ। वहीं NSE निफ्टी 65.35 अंक यानी 0.27 प्रतिशत टूटकर 24,570.65 के स्तर पर पहुंच गया।
शुक्रवार के कारोबार में सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर से 577.69 अंक फिसलकर 78,377.07 के निचले स्तर तक पहुंच गया था। दूसरी ओर निफ्टी भी दिन में 113.25 अंक तक गिरकर 24,522.75 के निचले स्तर पर आ गया था।
निवेशकों की संपत्ति में ₹1.60 लाख करोड़ की कमी

शेयर बाजार में गिरावट का सीधा असर निवेशकों की कुल संपत्ति पर पड़ा। शुक्रवार को BSE पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹1.60 लाख करोड़ घट गया।
गुरुवार, 6 अगस्त को बाजार बंद होने के बाद BSE लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹4,94,94,539.903 करोड़ था। शुक्रवार को यह घटकर ₹4,93,34,285.98 करोड़ रह गया।
इस तरह एक ही कारोबारी दिन में निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹1,60,253.923 करोड़ की कमी दर्ज की गई।
निफ्टी के टॉप गेनर और लूजर शेयर
निफ्टी इंडेक्स में कई दिग्गज शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। इनमें:
- ग्रासिम इंडस्ट्रीज
- TCS
- हिंडाल्को इंडस्ट्रीज
- महिंद्रा एंड महिंद्रा
- HCL टेक्नोलॉजीज
टॉप गेनर में शामिल रहे।
वहीं दूसरी ओर कुछ बड़े शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा। निफ्टी के प्रमुख लूजर शेयरों में:
- बजाज फाइनेंस
- बजाज फिनसर्व
- ट्रेंट
- ICICI बैंक
- जियो फाइनेंशियल सर्विसेज
शामिल रहे।
पिछले सत्र में बाजार में आई थी तेजी
इससे पहले गुरुवार, 6 अगस्त को शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 373.76 अंक यानी 0.48 प्रतिशत चढ़कर 78,954.76 अंक पर बंद हुआ था।
वहीं निफ्टी 11.35 अंक की मामूली बढ़त के साथ 24,636 अंक पर बंद हुआ था।
गुरुवार को बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स में 0.89 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई थी, जबकि बीएसई मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स 0.14 प्रतिशत बढ़त के साथ बंद हुआ था।
रुपये में मामूली मजबूती
शुक्रवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले हल्की मजबूती के साथ बंद हुआ।
रुपया 2 पैसे मजबूत होकर 95.20 रुपये प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ।
इससे पहले गुरुवार को डॉलर इंडेक्स में मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण रुपया 14 पैसे कमजोर होकर 95.22 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख
भारतीय बाजारों पर वैश्विक संकेतों का भी असर देखने को मिला। एशियाई बाजारों में शुक्रवार को मिला-जुला कारोबार रहा।
कमजोर प्रदर्शन करने वाले प्रमुख बाजारों में:
- दक्षिण कोरिया का KOSPI
- जापान का Nikkei 225
- ताइवान वेटेड इंडेक्स
- SET कंपोजिट
शामिल रहे।
वहीं दूसरी ओर:
- हेंग सेंग
- जकार्ता कंपोजिट
- शंघाई कंपोजिट
में तेजी देखने को मिली।
इससे पहले गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसका असर भारतीय बाजार की धारणा पर पड़ा।
बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण
शुक्रवार की गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारण रहे:
1. मुनाफावसूली का दबाव
लगातार दो दिन की तेजी के बाद निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली की, जिससे बाजार में बिकवाली बढ़ी।
2. बैंकिंग शेयरों में कमजोरी
बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और ICICI बैंक जैसे बड़े शेयरों में गिरावट ने बाजार पर दबाव बनाया।
3. वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत
एशियाई और अमेरिकी बाजारों में कमजोरी के कारण भारतीय बाजार की धारणा प्रभावित हुई।
4. डॉलर और बॉन्ड यील्ड पर नजर
अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव से विदेशी निवेशकों की रणनीति प्रभावित हो रही है।
आगे बाजार की दिशा कैसी रह सकती है?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,500 का स्तर अहम सपोर्ट जोन बना हुआ है। अगर इंडेक्स इस स्तर को बनाए रखता है तो बाजार में दोबारा रिकवरी देखने को मिल सकती है।
वहीं ऊपर की ओर 24,700-24,800 का क्षेत्र महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस रहेगा। निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी।
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। NewsJagran किसी भी निवेश की सलाह या गारंटी नहीं देता है।


